भारत में निपाह वायरस से पहली मौत, बंगाल में 25 साल की महिला नर्स ने गंवाई जान, लंबे समय से चल रहा था इलाज

पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस से संक्रमित एक 25 वर्षीय महिला नर्स की बारासात जिले में नारायण मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल में गुरुवार (12 फरवरी, 2026) को मौत हो गई. राज्य के स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि नर्स वायरस से संक्रमित होने के बाद लंबे समय तक कोमा में रही, इससे उसकी शरीर में रोगों से लड़ने से क्षमता पर बुरी तरह से प्रभाव पड़ा था. इसके बाद इलाज के दौरान उसे फेफड़ों का संक्रमण और अस्पताल से भी संक्रमण हो गया और अंत में गुरुवार (12 फरवरी, 2026) को अस्पताल में दिल की धड़कन रुकने से उसकी मौत हो गई. कई तरह की जटिलताओं से पीड़ित थी नर्सः अधिकारी राज्य स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा कि पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्धमान जिले के कटवा की रहने वाली नर्स निपाह वायरस के संक्रमण से उबर चुकी थी, उसकी हालत में सुधार भी हुआ था. पिछले महीने जनवरी के आखिर में उसे अस्पताल में लाइफ सपोर्टिंग सिस्टम से हटा दिया गया था, लेकिन वह कई तरह की जटिलताओं से पीड़ित थी. उन्होंने कहा कि वह होश में आने, अपने शरीर के हिस्सों को हिलाने और बोलने की कोशिश कर रही थी, लेकिन आज अचानक उसकी हालत ज्यादा बिगड़ने लगी, उसके दिल की धड़कन थम गई और शाम करीब 4 बजकर 20 मिनट पर उसकी मौत हो गई. जनवरी की शुरुआत में पहली बार बीमार पड़ी थी नर्स पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, नर्स नए साल की छुट्टियों के लिए 31 दिसंबर, 2025 को अपने घर गई थी. इस दौरान जनवरी की शुरुआत में वह पहली बार बीमार पड़ी थी. जिसके बाद उसे इलाज के लिए बर्धमान मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वहीं, स्थिति में सुधार न होने पर उसे बारासात के नारायण मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया था. बंगाल में निपाह वायरस से संक्रमित दो मामलों की हुई थी पुष्टि राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) की रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में दिसंबर, 2025 से लेकर अब तक निपाह वायरस से दो लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी. इन दो मामलों में एक पुरुष नर्स भी शामिल था, जो इस संक्रमण से उबर चुका है.

Feb 13, 2026 - 00:30
 0
भारत में निपाह वायरस से पहली मौत, बंगाल में 25 साल की महिला नर्स ने गंवाई जान, लंबे समय से चल रहा था इलाज

पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस से संक्रमित एक 25 वर्षीय महिला नर्स की बारासात जिले में नारायण मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल में गुरुवार (12 फरवरी, 2026) को मौत हो गई. राज्य के स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि नर्स वायरस से संक्रमित होने के बाद लंबे समय तक कोमा में रही, इससे उसकी शरीर में रोगों से लड़ने से क्षमता पर बुरी तरह से प्रभाव पड़ा था. इसके बाद इलाज के दौरान उसे फेफड़ों का संक्रमण और अस्पताल से भी संक्रमण हो गया और अंत में गुरुवार (12 फरवरी, 2026) को अस्पताल में दिल की धड़कन रुकने से उसकी मौत हो गई.

कई तरह की जटिलताओं से पीड़ित थी नर्सः अधिकारी

राज्य स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा कि पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्धमान जिले के कटवा की रहने वाली नर्स निपाह वायरस के संक्रमण से उबर चुकी थी, उसकी हालत में सुधार भी हुआ था. पिछले महीने जनवरी के आखिर में उसे अस्पताल में लाइफ सपोर्टिंग सिस्टम से हटा दिया गया था, लेकिन वह कई तरह की जटिलताओं से पीड़ित थी.

उन्होंने कहा कि वह होश में आने, अपने शरीर के हिस्सों को हिलाने और बोलने की कोशिश कर रही थी, लेकिन आज अचानक उसकी हालत ज्यादा बिगड़ने लगी, उसके दिल की धड़कन थम गई और शाम करीब 4 बजकर 20 मिनट पर उसकी मौत हो गई.

जनवरी की शुरुआत में पहली बार बीमार पड़ी थी नर्स

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, नर्स नए साल की छुट्टियों के लिए 31 दिसंबर, 2025 को अपने घर गई थी. इस दौरान जनवरी की शुरुआत में वह पहली बार बीमार पड़ी थी. जिसके बाद उसे इलाज के लिए बर्धमान मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वहीं, स्थिति में सुधार न होने पर उसे बारासात के नारायण मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया था.

बंगाल में निपाह वायरस से संक्रमित दो मामलों की हुई थी पुष्टि

राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) की रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में दिसंबर, 2025 से लेकर अब तक निपाह वायरस से दो लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी. इन दो मामलों में एक पुरुष नर्स भी शामिल था, जो इस संक्रमण से उबर चुका है.

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow