भारत में कैंसर से महिलाओं की मौत ज्यादा होती है या पुरुषों की, जानिए यहां
Cancer Awareness: कैंसर सिर्फ एक बीमारी नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की जिंदगी को हिला देने वाली चुनौती है. भारत में हर साल लाखों लोग कैंसर की चपेट में आते हैं और इनमें से कई लोगों की मौत हो जाती है. अक्सर हमारे मन में यह सवाल आता है कि आखिर कैंसर से होने वाली मौतों में महिलाएं ज्यादा प्रभावित होती हैं या पुरुष? इस सवाल का जवाब ढूंढना जरूरी है, क्योंकि इससे हमें Cancer Awareness बढ़ाने में मदद मिलेगी. World Health Organization (WHO) और Indian Council of Medical Research (ICMR) की रिपोर्ट के मुताबिक हर साल 14 से 15 लाख नए मामले सामने आते हैं. इनमें महिलाओं से ज्यादा पुरुषों की मौत होती है. ये भी पढ़े- बारिश के बाद सड़क पर फैले कीचड़ में तो नहीं चलते आप? हो सकती है ये खतरनाक बीमारी महिलाओं में कैंसर का खतरा ब्रेस्ट कैंसर: महिलाओं में सबसे आम और सबसे घातक कैंसर सर्वाइवल कैंसर: भारत में महिलाओं की मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण देर से जांच की वजह से मरीज गंभीर स्टेज में पहुंच जाती हैं जागरूकता की कमी और सामाजिक कारण भी अहम भूमिका निभाते हैं पुरुषों में कैंसर का खतरा लंग कैंसर (फेफड़ों का कैंसर) – धूम्रपान और प्रदूषण की वजह से ओरल कैंसर (मुंह का कैंसर) – तंबाकू और गुटखे की वजह से सबसे आम लीवर कैंसर भी पुरुषों में तेजी से बढ़ रहे हैं आंकड़े क्या कहते हैं? महिलाओं में Breast और सर्वाइवल कैंसर से मौत की दर सबसे ज्यादा है पुरुषों में लंग और ओरल कैंसर मुख्य कारण हैं ICMR के आंकड़े बताते हैं कि महिलाओं में मृत्यु दर पुरुषों की तुलना में थोड़ी कम होती है. बचाव और जागरूकता जरूरी महिलाओं में अगर कैंसर है तो लगातार जांच की जरूरत पड़ती है पुरुषों के लिए धूम्रपान, शराब और तंबाकू से दूरी जरूरी है संतुलित आहार और व्यायाम दोनों के लिए जरूरी है भारत में कैंसर की चुनौती बड़ी है, लेकिन सही समय पर पहचान और इलाज से हजारों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं. पुरुषों में मामले अधिक आते हैं और मौत भी इन्ही की ज्यादा होती है. इसलिए दोनों के लिए जल्द से जल्द जांच जरूरी है. इसे भी पढ़ें- जीएसटी कटौती से सस्ती हुईं कैंसर समेत ये 33 दवाएं, जानें हर महीने का बिल कितना होगा कम? Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
Cancer Awareness: कैंसर सिर्फ एक बीमारी नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की जिंदगी को हिला देने वाली चुनौती है. भारत में हर साल लाखों लोग कैंसर की चपेट में आते हैं और इनमें से कई लोगों की मौत हो जाती है. अक्सर हमारे मन में यह सवाल आता है कि आखिर कैंसर से होने वाली मौतों में महिलाएं ज्यादा प्रभावित होती हैं या पुरुष? इस सवाल का जवाब ढूंढना जरूरी है, क्योंकि इससे हमें Cancer Awareness बढ़ाने में मदद मिलेगी.
World Health Organization (WHO) और Indian Council of Medical Research (ICMR) की रिपोर्ट के मुताबिक हर साल 14 से 15 लाख नए मामले सामने आते हैं. इनमें महिलाओं से ज्यादा पुरुषों की मौत होती है.
ये भी पढ़े- बारिश के बाद सड़क पर फैले कीचड़ में तो नहीं चलते आप? हो सकती है ये खतरनाक बीमारी
महिलाओं में कैंसर का खतरा
- ब्रेस्ट कैंसर: महिलाओं में सबसे आम और सबसे घातक कैंसर
- सर्वाइवल कैंसर: भारत में महिलाओं की मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण
- देर से जांच की वजह से मरीज गंभीर स्टेज में पहुंच जाती हैं
- जागरूकता की कमी और सामाजिक कारण भी अहम भूमिका निभाते हैं
पुरुषों में कैंसर का खतरा
- लंग कैंसर (फेफड़ों का कैंसर) – धूम्रपान और प्रदूषण की वजह से
- ओरल कैंसर (मुंह का कैंसर) – तंबाकू और गुटखे की वजह से सबसे आम
- लीवर कैंसर भी पुरुषों में तेजी से बढ़ रहे हैं
आंकड़े क्या कहते हैं?
- महिलाओं में Breast और सर्वाइवल कैंसर से मौत की दर सबसे ज्यादा है
- पुरुषों में लंग और ओरल कैंसर मुख्य कारण हैं
- ICMR के आंकड़े बताते हैं कि महिलाओं में मृत्यु दर पुरुषों की तुलना में थोड़ी कम होती है.
बचाव और जागरूकता जरूरी
- महिलाओं में अगर कैंसर है तो लगातार जांच की जरूरत पड़ती है
- पुरुषों के लिए धूम्रपान, शराब और तंबाकू से दूरी जरूरी है
- संतुलित आहार और व्यायाम दोनों के लिए जरूरी है
भारत में कैंसर की चुनौती बड़ी है, लेकिन सही समय पर पहचान और इलाज से हजारों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं. पुरुषों में मामले अधिक आते हैं और मौत भी इन्ही की ज्यादा होती है. इसलिए दोनों के लिए जल्द से जल्द जांच जरूरी है.
इसे भी पढ़ें- जीएसटी कटौती से सस्ती हुईं कैंसर समेत ये 33 दवाएं, जानें हर महीने का बिल कितना होगा कम?
Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
What's Your Reaction?