भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के पहुंचे बेहद करीब, जल्द लगती है ट्रेड डील पर अंतिम मुहर

India US Trade Deal: हाई टैरिफ के चलते भारत और अमेरिका के रिश्तों में आई तल्खी पर जल्द विराम लग सकता है. दोनों देश प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement - BTA) को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं, क्योंकि अधिकांश मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच सहमति बनती दिखाई दे रही है. डील के करीब इंडिया-यूएस समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते के प्रावधानों और शर्तों को अंतिम रूप दिया जा रहा है. उन्होंने कहा, “जहां तक अमेरिका के साथ समझौते की बात है, हम इसे अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं.” अधिकारी ने आगे कहा कि समाधान के लिए अब बहुत कम मसले बचे हैं. बातचीत सुचारू रूप से आगे बढ़ रही है और कोई नया मुद्दा अब वार्ता में बाधा नहीं बन रहा है. उन्होंने बताया कि भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण के लिए अब तक पांच दौर की बातचीत पूरी हो चुकी है. पीयूष गोयल का कड़ा बयान वहीं, केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत व्यापार समझौते को लेकर किसी भी तरह की जल्दबाजी में नहीं है. गोयल का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत की अमेरिका और यूरोपीय यूनियन (EU) के साथ व्यापारिक समझौतों पर बातचीत चल रही है. समाचार एजेंसी रायटर्स के अनुसार, बर्लिन ग्लोबल डायलॉग के दौरान गोयल ने कहा कि व्यापारिक साझेदार देशों की ओर से थोपी गई ऐसी कोई भी शर्त, जो भारत के व्यापारिक विकल्पों में बाधा डाले, उसे स्वीकार नहीं किया जाएगा. गौरतलब है कि भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement - FTA) को लेकर बातचीत लगातार जारी है, लेकिन बाजार में पहुंच (Market Access) और अन्य मुद्दों पर अभी तक सहमति नहीं बन पाई है. भारत की ओर से ईयू के अलावा अमेरिका समेत कई अन्य देशों के साथ भी व्यापार समझौते पर चर्चा चल रही है. ऐसे में गोयल की यह टिप्पणी उस समय आई है जब रूस से सस्ते में कच्चा तेल खरीदने को लेकर ट्रंप प्रशासन और यूरोपीय यूनियन की ओर से भारत पर जबरदस्त दबाव बनाया जा रहा है. अमेरिका ने भारत पर 50 प्रतिशत का उच्च टैरिफ (High Tariff) लगाया है, जिसमें रूस से सस्ते कच्चे तेल की खरीद के चलते 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ भी जोड़ा गया है. ये भी पढ़ें: लगातार छह दिनों की मजबूती के बाद लुढ़का बाजार, सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट, जानें क्या है वजह

Oct 24, 2025 - 22:30
 0
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के पहुंचे बेहद करीब, जल्द लगती है ट्रेड डील पर अंतिम मुहर

India US Trade Deal: हाई टैरिफ के चलते भारत और अमेरिका के रिश्तों में आई तल्खी पर जल्द विराम लग सकता है. दोनों देश प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement - BTA) को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं, क्योंकि अधिकांश मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच सहमति बनती दिखाई दे रही है.

डील के करीब इंडिया-यूएस

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते के प्रावधानों और शर्तों को अंतिम रूप दिया जा रहा है. उन्होंने कहा, “जहां तक अमेरिका के साथ समझौते की बात है, हम इसे अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं.” अधिकारी ने आगे कहा कि समाधान के लिए अब बहुत कम मसले बचे हैं. बातचीत सुचारू रूप से आगे बढ़ रही है और कोई नया मुद्दा अब वार्ता में बाधा नहीं बन रहा है. उन्होंने बताया कि भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण के लिए अब तक पांच दौर की बातचीत पूरी हो चुकी है.

पीयूष गोयल का कड़ा बयान

वहीं, केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत व्यापार समझौते को लेकर किसी भी तरह की जल्दबाजी में नहीं है. गोयल का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत की अमेरिका और यूरोपीय यूनियन (EU) के साथ व्यापारिक समझौतों पर बातचीत चल रही है. समाचार एजेंसी रायटर्स के अनुसार, बर्लिन ग्लोबल डायलॉग के दौरान गोयल ने कहा कि व्यापारिक साझेदार देशों की ओर से थोपी गई ऐसी कोई भी शर्त, जो भारत के व्यापारिक विकल्पों में बाधा डाले, उसे स्वीकार नहीं किया जाएगा.

गौरतलब है कि भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement - FTA) को लेकर बातचीत लगातार जारी है, लेकिन बाजार में पहुंच (Market Access) और अन्य मुद्दों पर अभी तक सहमति नहीं बन पाई है.

भारत की ओर से ईयू के अलावा अमेरिका समेत कई अन्य देशों के साथ भी व्यापार समझौते पर चर्चा चल रही है. ऐसे में गोयल की यह टिप्पणी उस समय आई है जब रूस से सस्ते में कच्चा तेल खरीदने को लेकर ट्रंप प्रशासन और यूरोपीय यूनियन की ओर से भारत पर जबरदस्त दबाव बनाया जा रहा है. अमेरिका ने भारत पर 50 प्रतिशत का उच्च टैरिफ (High Tariff) लगाया है, जिसमें रूस से सस्ते कच्चे तेल की खरीद के चलते 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ भी जोड़ा गया है.

ये भी पढ़ें: लगातार छह दिनों की मजबूती के बाद लुढ़का बाजार, सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट, जानें क्या है वजह

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow