बिहार और महाराष्ट्र के बाद अब जम्मू-कश्मीर में भी विपक्षी गठबंधन में दरार! कांग्रेस-NC आमने-सामने
जम्मू-कश्मीर में सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) और उसकी सहयोगी कांग्रेस पार्टी के बीच मतभेद गहराते जा रहे हैं. दोनों दलों के बीच विधानसभा और राज्यसभा सीटों को लेकर खींचतान इस हद तक बढ़ गई है कि गठबंधन टूटने के कगार पर पहुंच गया है. आने वाले उपचुनाव और राज्यसभा चुनाव से पहले दोनों पार्टियों में सीट बंटवारे पर असहमति खुलकर सामने आ गई है. नगरोटा सीट पर आमने-सामने कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंसमुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस ने नगरोटा विधानसभा सीट से कांग्रेस को उम्मीदवार उतारने का सुझाव दिया था, लेकिन कांग्रेस ने इसे ठुकरा दिया. कांग्रेस का कहना था कि वह भाजपा को हराने के बड़े लक्ष्य पर काम कर रही है और खुद मैदान में उतरेगी. इसके बाद नाराज़ होकर NC ने अपनी उम्मीदवार शमीम बेगम को उपचुनाव के लिए घोषित कर दिया है. नगरोटा सीट भाजपा विधायक देवेंद्र सिंह राणा के निधन के बाद खाली हुई थी. इस सीट पर 11 नवंबर को मतदान होगा, जबकि दूसरी उपचुनाव सीट बडगाम पर भी उसी दिन वोट डाले जाएंगे. राज्यसभा सीट पर भी नहीं बनी बातदोनों दलों ने पिछले साल विधानसभा चुनाव साथ मिलकर लड़ा था, लेकिन अब राज्यसभा चुनाव को लेकर भी तकरार सामने आई है. कांग्रेस ने चार में से एक सुरक्षित और जिताऊ सीट की मांग की थी, मगर नेशनल कॉन्फ्रेंस ने उसे कमज़ोर चौथी सीट ऑफर की. कांग्रेस ने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया, जिसके बाद दोनों दलों के बीच दूरी और बढ़ गई.राज्यसभा की चार सीटों पर 24 अक्टूबर को मतदान होगा. नेशनल कॉन्फ्रेंस के अंदर भी मतभेदनेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर भी हालात ठीक नहीं हैं. पार्टी के सांसद आगा रूहुल्लाह ने साफ कहा है कि वह अपने ही चाचा और पार्टी उम्मीदवार आगा महमूद के लिए प्रचार नहीं करेंगे. उन्होंने उमर अब्दुल्ला सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए हैं और कहा कि आरक्षण नीति में किए गए बदलाव योग्यता के सिद्धांत के खिलाफ हैं. देश के अन्य राज्यों में भी गठबंधन में खींचतानबिहार और महाराष्ट्र में भी विपक्षी गठबंधनों में सीट बंटवारे और नेतृत्व को लेकर विवाद जारी है. बिहार में महागठबंधन के सहयोगी दल कई सीटों पर एक-दूसरे के खिलाफ फ्रेंडली फाइट की तैयारी में हैं, जबकि महाराष्ट्र में कांग्रेस ने ऐलान किया है कि वह स्थानीय निकाय चुनाव अकेले लड़ेगी.
जम्मू-कश्मीर में सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) और उसकी सहयोगी कांग्रेस पार्टी के बीच मतभेद गहराते जा रहे हैं. दोनों दलों के बीच विधानसभा और राज्यसभा सीटों को लेकर खींचतान इस हद तक बढ़ गई है कि गठबंधन टूटने के कगार पर पहुंच गया है. आने वाले उपचुनाव और राज्यसभा चुनाव से पहले दोनों पार्टियों में सीट बंटवारे पर असहमति खुलकर सामने आ गई है.
नगरोटा सीट पर आमने-सामने कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस ने नगरोटा विधानसभा सीट से कांग्रेस को उम्मीदवार उतारने का सुझाव दिया था, लेकिन कांग्रेस ने इसे ठुकरा दिया. कांग्रेस का कहना था कि वह भाजपा को हराने के बड़े लक्ष्य पर काम कर रही है और खुद मैदान में उतरेगी. इसके बाद नाराज़ होकर NC ने अपनी उम्मीदवार शमीम बेगम को उपचुनाव के लिए घोषित कर दिया है.
नगरोटा सीट भाजपा विधायक देवेंद्र सिंह राणा के निधन के बाद खाली हुई थी. इस सीट पर 11 नवंबर को मतदान होगा, जबकि दूसरी उपचुनाव सीट बडगाम पर भी उसी दिन वोट डाले जाएंगे.
राज्यसभा सीट पर भी नहीं बनी बात
दोनों दलों ने पिछले साल विधानसभा चुनाव साथ मिलकर लड़ा था, लेकिन अब राज्यसभा चुनाव को लेकर भी तकरार सामने आई है. कांग्रेस ने चार में से एक सुरक्षित और जिताऊ सीट की मांग की थी, मगर नेशनल कॉन्फ्रेंस ने उसे कमज़ोर चौथी सीट ऑफर की. कांग्रेस ने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया, जिसके बाद दोनों दलों के बीच दूरी और बढ़ गई.
राज्यसभा की चार सीटों पर 24 अक्टूबर को मतदान होगा.
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अंदर भी मतभेद
नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर भी हालात ठीक नहीं हैं. पार्टी के सांसद आगा रूहुल्लाह ने साफ कहा है कि वह अपने ही चाचा और पार्टी उम्मीदवार आगा महमूद के लिए प्रचार नहीं करेंगे. उन्होंने उमर अब्दुल्ला सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए हैं और कहा कि आरक्षण नीति में किए गए बदलाव योग्यता के सिद्धांत के खिलाफ हैं.
देश के अन्य राज्यों में भी गठबंधन में खींचतान
बिहार और महाराष्ट्र में भी विपक्षी गठबंधनों में सीट बंटवारे और नेतृत्व को लेकर विवाद जारी है. बिहार में महागठबंधन के सहयोगी दल कई सीटों पर एक-दूसरे के खिलाफ फ्रेंडली फाइट की तैयारी में हैं, जबकि महाराष्ट्र में कांग्रेस ने ऐलान किया है कि वह स्थानीय निकाय चुनाव अकेले लड़ेगी.
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