बांग्लादेश की भारत को तोड़ने की धमकी पर हिमंत बिस्वा सरमा का वार, कहा- 'हमें उन्हें सबक सिखाना चाहिए...'
15 दिसंबर 2025 को बांग्लादेश की नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) के नेता हसनत अब्दुल्ला ने भारत के खिलाफ भड़काऊ बयान दिया, जिसके बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने उन्हें जवाब दिया है. असम के सीएम ने 16 दिसंबर 2025 यानी मंगलवार को कहा कि बांग्लादेशियों का एक वर्ग बार-बार यह कह रहा है कि भारत के पूर्वोत्तर हिस्से को पड़ोसी देश में मिला दिया जाना चाहिए, जो कि गैरजिम्मेदाराना और खतरनाक बयान है और भारत इस पर चुप नहीं रहेगा. हसनत ने दिया था भारत को तोड़ने का बयान सीएम हिमंत बिस्वा सरमा बांग्लादेश की एनसीपी पार्टी के वरिष्ठ नेता हसनत अब्दुल्ला के उस बयान पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर नई दिल्ली उनके देश (बांग्लादेश) को अस्थिर करने का प्रयास करती है तो ढाका को भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को अलग-थलग कर देना चाहिए और क्षेत्र में अलगाववादी तत्वों को समर्थन देना चाहिए. बांग्लादेशी नेता ने कहा, 'मैं भारत को यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि अगर आप उन ताकतों को शरण देते हैं जो बांग्लादेश की संप्रभुता, क्षमता, मतदान के अधिकार और मानवाधिकारों का सम्मान नहीं करती हैं तो बांग्लादेश जवाब देगा.' भारत के बारे में बांग्लादेेश की सोच नापाक मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने लुमडिंग में एक कार्यक्रम के दौरान कहा, 'पिछले एक साल से उस देश से बार-बार ऐसे बयान आ रहे हैं कि पूर्वोत्तर भारत के राज्यों को अलग करके बांग्लादेश का हिस्सा बना दिया जाना चाहिए. भारत एक बहुत बड़ा देश है, परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र है और दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. बांग्लादेश इसके बारे में सोच भी कैसे सकता है?' बांग्लादेश की मानसिकता को जवाब मिलेगा उन्होंने कहा कि इसके बारे में सोचना भी गलत है, लेकिन बांग्लादेश के लोगों की सोच ही गलत है. सीएम हिमंत ने कहा कि इस मानसिकता को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए और बांग्लादेश को किसी भी तरह से ज्यादा मदद नहीं दी जानी चाहिए. उन्होंने कहा, 'हमें उन्हें सबक सिखाना चाहिए कि अगर वे इसी तरह का व्यवहार करते रहे तो हम चुप नहीं बैठेंगे.'
15 दिसंबर 2025 को बांग्लादेश की नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) के नेता हसनत अब्दुल्ला ने भारत के खिलाफ भड़काऊ बयान दिया, जिसके बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने उन्हें जवाब दिया है. असम के सीएम ने 16 दिसंबर 2025 यानी मंगलवार को कहा कि बांग्लादेशियों का एक वर्ग बार-बार यह कह रहा है कि भारत के पूर्वोत्तर हिस्से को पड़ोसी देश में मिला दिया जाना चाहिए, जो कि गैरजिम्मेदाराना और खतरनाक बयान है और भारत इस पर चुप नहीं रहेगा.
हसनत ने दिया था भारत को तोड़ने का बयान
सीएम हिमंत बिस्वा सरमा बांग्लादेश की एनसीपी पार्टी के वरिष्ठ नेता हसनत अब्दुल्ला के उस बयान पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर नई दिल्ली उनके देश (बांग्लादेश) को अस्थिर करने का प्रयास करती है तो ढाका को भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को अलग-थलग कर देना चाहिए और क्षेत्र में अलगाववादी तत्वों को समर्थन देना चाहिए.
बांग्लादेशी नेता ने कहा, 'मैं भारत को यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि अगर आप उन ताकतों को शरण देते हैं जो बांग्लादेश की संप्रभुता, क्षमता, मतदान के अधिकार और मानवाधिकारों का सम्मान नहीं करती हैं तो बांग्लादेश जवाब देगा.'
भारत के बारे में बांग्लादेेश की सोच नापाक
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने लुमडिंग में एक कार्यक्रम के दौरान कहा, 'पिछले एक साल से उस देश से बार-बार ऐसे बयान आ रहे हैं कि पूर्वोत्तर भारत के राज्यों को अलग करके बांग्लादेश का हिस्सा बना दिया जाना चाहिए. भारत एक बहुत बड़ा देश है, परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र है और दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. बांग्लादेश इसके बारे में सोच भी कैसे सकता है?'
बांग्लादेश की मानसिकता को जवाब मिलेगा
उन्होंने कहा कि इसके बारे में सोचना भी गलत है, लेकिन बांग्लादेश के लोगों की सोच ही गलत है. सीएम हिमंत ने कहा कि इस मानसिकता को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए और बांग्लादेश को किसी भी तरह से ज्यादा मदद नहीं दी जानी चाहिए. उन्होंने कहा, 'हमें उन्हें सबक सिखाना चाहिए कि अगर वे इसी तरह का व्यवहार करते रहे तो हम चुप नहीं बैठेंगे.'
What's Your Reaction?