फोन टैपिंग केस: KTR की SIT के सामने पेशी, जुबली हिल्स में भारी हंगामा, पुलिस बल तैनात

भारत राष्ट्र समिति (BRS) के कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व मंत्री के.टी. रामा राव (KTR) आज शुक्रवार (23 जनवरी, 2026) को फोन टैपिंग के मामले में पूछताछ के लिए विशेष जांच दल (SIT) के सामने पेश हुए. के.टी. रामा राव के जुबली हिल्स सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) कार्यालय में सुबह 11 बजे पहुंचते ही माहौल तनावपूर्ण हो गया, जहां पार्टी कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी. एसआईटी द्वारा जारी समन के अनुसार जांच में सामने आए सबूतों से संकेत मिले हैं कि पूर्व मंत्री इस मामले की कई अहम तथ्यों और परिस्थितियों से अवगत थे, जिसके चलते उन्हें पेश होने के लिए कहा गया था.  एसआईटी के सामने अपना पक्ष रख चुके हैं केटीआरदरअसल यह पेशी ऐसे समय में हो रही है जब इसी मामले में इसी सप्ताह पूर्व सिंचाई मंत्री टी. हरीश राव भी एसआईटी के सामने अपना पक्ष रख चुके हैं. पुलिस स्टेशन के बाहर का दृश्य देखने लायक था. BRS कार्यकर्ताओं और प्रतिनिधियों की भारी भीड़ ने नारेबाजी करते हुए विरोध जताया. सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस ने क्षेत्र में भारी बल तैनात किया था, फिर भी उन्हें उत्साही कार्यकर्ताओं को संभालने में कड़ी मेहनत करनी पड़ी. कईं सनसनीखेज खुलासे होने की संभावनाइस मामले की पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो तेलंगाना सरकार ने मामला दर्ज होने के लगभग 21 महीने बाद जांच को गति देने के लिए हैदराबाद के पुलिस आयुक्त वी.सी. सज्जनार की अध्यक्षता में 10 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है. यह मामला उन गंभीर आरोपों से जुड़ा है, जिनमें कहा जाता है कि विशेष खुफिया शाखा (SIB) का इस्तेमाल कर बीआरएस को राजनीतिक फायदा पहुंचाने के लिए अवैध रूप से फोन टैप किए गए थे.  अब जांच अंतिम चरण में पहुंच रही है और उच्च स्तरीय नेताओं की पूछताछ से इस राजनीतिक सनसनीखेज मामले में कई नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है. ये भी पढ़ें केरल को सौगात देकर बोले पीएम मोदी- विकास के लिए बदलाव जरूरी, लेफ्ट-कांग्रेस पर साधा निशाना

Jan 23, 2026 - 15:30
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फोन टैपिंग केस: KTR की SIT के सामने पेशी, जुबली हिल्स में भारी हंगामा, पुलिस बल तैनात

भारत राष्ट्र समिति (BRS) के कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व मंत्री के.टी. रामा राव (KTR) आज शुक्रवार (23 जनवरी, 2026) को फोन टैपिंग के मामले में पूछताछ के लिए विशेष जांच दल (SIT) के सामने पेश हुए. के.टी. रामा राव के जुबली हिल्स सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) कार्यालय में सुबह 11 बजे पहुंचते ही माहौल तनावपूर्ण हो गया, जहां पार्टी कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी.

एसआईटी द्वारा जारी समन के अनुसार जांच में सामने आए सबूतों से संकेत मिले हैं कि पूर्व मंत्री इस मामले की कई अहम तथ्यों और परिस्थितियों से अवगत थे, जिसके चलते उन्हें पेश होने के लिए कहा गया था. 

एसआईटी के सामने अपना पक्ष रख चुके हैं केटीआर
दरअसल यह पेशी ऐसे समय में हो रही है जब इसी मामले में इसी सप्ताह पूर्व सिंचाई मंत्री टी. हरीश राव भी एसआईटी के सामने अपना पक्ष रख चुके हैं. पुलिस स्टेशन के बाहर का दृश्य देखने लायक था. BRS कार्यकर्ताओं और प्रतिनिधियों की भारी भीड़ ने नारेबाजी करते हुए विरोध जताया. सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस ने क्षेत्र में भारी बल तैनात किया था, फिर भी उन्हें उत्साही कार्यकर्ताओं को संभालने में कड़ी मेहनत करनी पड़ी.

कईं सनसनीखेज खुलासे होने की संभावना
इस मामले की पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो तेलंगाना सरकार ने मामला दर्ज होने के लगभग 21 महीने बाद जांच को गति देने के लिए हैदराबाद के पुलिस आयुक्त वी.सी. सज्जनार की अध्यक्षता में 10 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है. यह मामला उन गंभीर आरोपों से जुड़ा है, जिनमें कहा जाता है कि विशेष खुफिया शाखा (SIB) का इस्तेमाल कर बीआरएस को राजनीतिक फायदा पहुंचाने के लिए अवैध रूप से फोन टैप किए गए थे. 

अब जांच अंतिम चरण में पहुंच रही है और उच्च स्तरीय नेताओं की पूछताछ से इस राजनीतिक सनसनीखेज मामले में कई नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.

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केरल को सौगात देकर बोले पीएम मोदी- विकास के लिए बदलाव जरूरी, लेफ्ट-कांग्रेस पर साधा निशाना

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