फेयरप्ले मामले में बड़ा खुलासा; दुबई से चल रहा था कारोबार, ED ने की करोड़ों की संपत्ति जब्त

प्रवर्तन निदेशालय (ED) मुंबई जोनल ऑफिस ने शुक्रवार (19 सितंबर, 2025) को बड़ी कार्रवाई करते हुए फेयरप्ले मामले में लगभग 307.16 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है. यह कार्रवाई PMLA की संबंधित धाराओं के तहत की गई है. अटैच की गई संपत्तियों में बैंकों में जमा रकम (movable assets) और दुबई स्थित जमीनें, विला व फ्लैट्स (immovable assets) शामिल हैं. ईडी ने यह जांच Viacom18 मीडिया प्रा. लि. की ओर से महाराष्ट्र साइबर पुलिस में दर्ज कराई गई एफआईआर के आधार पर शुरू की थी. इसमें फेयरप्ले और अन्य पर अवैध प्रसारण, ऑनलाइन सट्टेबाजी और कॉपीराइट उल्लंघन जैसे गंभीर आरोप लगे थे, जिससे 100 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व नुकसान हुआ.  कुराकाओ, दुबई और माल्टा की कंपनियां शामिल जांच में यह भी सामने आया कि यह गिरोह ट्रेड बेस्ड मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए विदेशों में धन का अवैध हस्तांतरण करता था और इसमें कई सौ करोड़ का प्रोसीड्स ऑफ क्राइम (POC) शामिल है. जांच में खुलासा हुआ कि फेयरप्ले का संचालन दुबई से कृष्ण एल. शाह कर रहा था. इसके लिए उसने कुराकाओ, दुबई और माल्टा में कई कंपनियां रजिस्टर की थीं.  651.31 करोड़ रुपये रकम अटैचमेंट  शाह अपने परिवार और सहयोगियों के जरिए दुबई में कई संपत्तियों का मालिक है. ईडी ने पहले भी इस मामले में जून 2024 से अक्टूबर 2024 तक कई छापेमारी की थी और नवंबर 2024 से जनवरी 2025 के बीच कई बार अटैचमेंट ऑर्डर जारी किए थे.  फरवरी 2025 में ईडी ने दो प्रमुख आरोपियों चिराग शाह और चिंतन शाह को गिरफ्तार किया था. इस मामले में अब तक ईडी की कुल जब्ती और अटैचमेंट की रकम 651.31 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है. मामला अभी भी जांच के अधीन है और आगे और खुलासे होने की संभावना है. ये भी पढ़ें:- 'इस्लाम के खिलाफ है डार्विन की थ्योरी', तालिबान ने विकासवाद के सिद्धांत पर लगाया बैन

Sep 23, 2025 - 00:30
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फेयरप्ले मामले में बड़ा खुलासा; दुबई से चल रहा था कारोबार, ED ने की करोड़ों की संपत्ति जब्त

प्रवर्तन निदेशालय (ED) मुंबई जोनल ऑफिस ने शुक्रवार (19 सितंबर, 2025) को बड़ी कार्रवाई करते हुए फेयरप्ले मामले में लगभग 307.16 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है. यह कार्रवाई PMLA की संबंधित धाराओं के तहत की गई है. अटैच की गई संपत्तियों में बैंकों में जमा रकम (movable assets) और दुबई स्थित जमीनें, विला व फ्लैट्स (immovable assets) शामिल हैं.

ईडी ने यह जांच Viacom18 मीडिया प्रा. लि. की ओर से महाराष्ट्र साइबर पुलिस में दर्ज कराई गई एफआईआर के आधार पर शुरू की थी. इसमें फेयरप्ले और अन्य पर अवैध प्रसारण, ऑनलाइन सट्टेबाजी और कॉपीराइट उल्लंघन जैसे गंभीर आरोप लगे थे, जिससे 100 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व नुकसान हुआ. 

कुराकाओ, दुबई और माल्टा की कंपनियां शामिल

जांच में यह भी सामने आया कि यह गिरोह ट्रेड बेस्ड मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए विदेशों में धन का अवैध हस्तांतरण करता था और इसमें कई सौ करोड़ का प्रोसीड्स ऑफ क्राइम (POC) शामिल है. जांच में खुलासा हुआ कि फेयरप्ले का संचालन दुबई से कृष्ण एल. शाह कर रहा था. इसके लिए उसने कुराकाओ, दुबई और माल्टा में कई कंपनियां रजिस्टर की थीं. 

651.31 करोड़ रुपये रकम अटैचमेंट 

शाह अपने परिवार और सहयोगियों के जरिए दुबई में कई संपत्तियों का मालिक है. ईडी ने पहले भी इस मामले में जून 2024 से अक्टूबर 2024 तक कई छापेमारी की थी और नवंबर 2024 से जनवरी 2025 के बीच कई बार अटैचमेंट ऑर्डर जारी किए थे. 

फरवरी 2025 में ईडी ने दो प्रमुख आरोपियों चिराग शाह और चिंतन शाह को गिरफ्तार किया था. इस मामले में अब तक ईडी की कुल जब्ती और अटैचमेंट की रकम 651.31 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है. मामला अभी भी जांच के अधीन है और आगे और खुलासे होने की संभावना है.

ये भी पढ़ें:- 'इस्लाम के खिलाफ है डार्विन की थ्योरी', तालिबान ने विकासवाद के सिद्धांत पर लगाया बैन

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