फिरौन की लाश का रहस्य क्या है, कैसे ये हजारों साल बाद भी सलामत है!

Pharaoh Mummy: फिरौन का नाम लेते ही दिमाग में मिस्र का वो जालिम बादशाह याद आ जाता है, जिसने खुद को खुदा बताना शुरू कर दिया था. लेकिन कुरआन शरीफ में साफ लिखा है कि जब उसने हजरत मूसा अलैहिस्सलाम का मुकाबला किया और समुंदर में डूब गया, तो अल्लाह ने उसकी लाश को आने वाली नस्लों के लिए इबरत बना कर बचाए रखा. हैरानी की बात ये है कि हजारों साल गुजर जाने के बावजूद फिरौन की ममी आज भी सलामत है और मिस्र के म्यूजियम में रखी हुई है. कुरआन की ये बात और तारीख की गवाही मिलकर एक बड़ी सवाल खड़ा करती हैं, क्या ये बस इत्तेफाक है या सच में अल्लाह का पैगाम? आइए जानते हैं कि इसके पीछे के विज्ञान और धार्मिक नजरिए. कुरआन की गवाही: पानी में डूबा, फिर भी बची लाशकुरआन में सूरह युनुस (10:92) में लिखा है कि जब फिरौन समुंदर में डूबा, तब अल्लाह तआला ने उसकी लाश को महफूज रखा. इसका मकसद सिर्फ ये दिखाना था कि आने वाली पीढ़ियां इससे सबक लें और घमंड या जुल्म से दूर रहें. यानी ये कहानी महज इतिहास नहीं, बल्कि एक सीख भी है. आज हजारों साल बाद भी फिरौन की ममी मौजूद है, और लोग इसे देखकर कुरआन की सच्चाई को महसूस कर सकते हैं. इस तरह कुरआन की आयत और इतिहास की गवाही मिलकर हमें चेतावनी और हकीकत दोनों देती है. समुद्र में डूबने के बाद भी क्यों है सलामत फिरौन की लाश?जब हजरत मूसा अलैहिस्सलाम ने अल्लाह की मदद से फिरौन और उसकी फौज को मिस्र से बाहर निकालना शुरू किया, तो फिर फिरौन ने अपने घमंड और ताकत दिखाने की कोशिश की. उसने मूसा का पीछा किया, लेकिन समुद्र उसके लिए मौत बन गया. लोग सोचते हैं कि यही उसकी आखिरी कहानी थी, लेकिन असल में ऐसा नहीं हुआ. अल्लाह ने उसकी लाश को महफूज रखा ताकि आने वाली नस्लें उसकी हिम्मत और घमंड की कहानी देख कर सीखें. यही वजह है कि आज भी फिरौन की लाश हजारों साल बाद तक मौजूद है. फिरौन की ममी: हजारों साल बाद भी कैसे है सलामत?वैज्ञानिकों और पुरातत्वविदों ने मिस्र में कई बार फिरौन की ममी का जायजा लिया है. ये ममियां हजारों सालों से वैसे ही सुरक्षित हैं जैसे पहले थीं. एक्सपर्ट्स कहते हैं कि मिस्र की खास जलवायु और ममी बनाने का तरीका ने इसे नैसर्गिक तरीके से बचा रखा. आज फिरौन की लाश काहिरा (Egypt) के "Egyptian Museum" में सुरक्षित रखी हुई है. हर रोज इसे हजारों लोग देखने आते हैं, और लोग देखकर हैरान रह जाते हैं. यह सिर्फ इतिहास नहीं बल्कि इंसानियत के लिए भी एक सबक है कि कैसे कुछ चीजें समय के बावजूद अपनी असली शक्ल बनाए रखती हैं. आज भी क्यों लोग जानना चाहते हैं फिरौन की कहानी?आज भी लोग फिरौन की लाश और उसकी कहानी जानने के लिए बहुत उत्सुक रहते हैं. सोशल मीडिया, डॉक्यूमेंट्री और इतिहास की किताबों में इसकी चर्चा लगातार होती रहती है. यह सिर्फ धार्मिक नजरिए से नहीं बल्कि ऐतिहासिक और वैज्ञानिक दृष्टि से भी दिलचस्प है. इसे देखकर लगता है कि इतिहास, विज्ञान और धर्म कभी-कभी एक ही कहानी को अलग-अलग नजरिए से दिखाते हैं. ज्यादातर लोग फिरौन की ममी और उसकी कहानी को देखकर हैरानी महसूस करते हैं. ये भी पढ़ें: Hidden Secret of Bible: बाइबल के अनसुने रहस्य! किताब में मिलेगा इतिहास के अनसुलझे सवाल का जवाब!

Sep 12, 2025 - 01:30
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फिरौन की लाश का रहस्य क्या है, कैसे ये हजारों साल बाद भी सलामत है!

Pharaoh Mummy: फिरौन का नाम लेते ही दिमाग में मिस्र का वो जालिम बादशाह याद आ जाता है, जिसने खुद को खुदा बताना शुरू कर दिया था. लेकिन कुरआन शरीफ में साफ लिखा है कि जब उसने हजरत मूसा अलैहिस्सलाम का मुकाबला किया और समुंदर में डूब गया, तो अल्लाह ने उसकी लाश को आने वाली नस्लों के लिए इबरत बना कर बचाए रखा.

हैरानी की बात ये है कि हजारों साल गुजर जाने के बावजूद फिरौन की ममी आज भी सलामत है और मिस्र के म्यूजियम में रखी हुई है. कुरआन की ये बात और तारीख की गवाही मिलकर एक बड़ी सवाल खड़ा करती हैं, क्या ये बस इत्तेफाक है या सच में अल्लाह का पैगाम? आइए जानते हैं कि इसके पीछे के विज्ञान और धार्मिक नजरिए.

कुरआन की गवाही: पानी में डूबा, फिर भी बची लाश
कुरआन में सूरह युनुस (10:92) में लिखा है कि जब फिरौन समुंदर में डूबा, तब अल्लाह तआला ने उसकी लाश को महफूज रखा. इसका मकसद सिर्फ ये दिखाना था कि आने वाली पीढ़ियां इससे सबक लें और घमंड या जुल्म से दूर रहें.

यानी ये कहानी महज इतिहास नहीं, बल्कि एक सीख भी है. आज हजारों साल बाद भी फिरौन की ममी मौजूद है, और लोग इसे देखकर कुरआन की सच्चाई को महसूस कर सकते हैं. इस तरह कुरआन की आयत और इतिहास की गवाही मिलकर हमें चेतावनी और हकीकत दोनों देती है.

समुद्र में डूबने के बाद भी क्यों है सलामत फिरौन की लाश?
जब हजरत मूसा अलैहिस्सलाम ने अल्लाह की मदद से फिरौन और उसकी फौज को मिस्र से बाहर निकालना शुरू किया, तो फिर फिरौन ने अपने घमंड और ताकत दिखाने की कोशिश की. उसने मूसा का पीछा किया, लेकिन समुद्र उसके लिए मौत बन गया.

लोग सोचते हैं कि यही उसकी आखिरी कहानी थी, लेकिन असल में ऐसा नहीं हुआ. अल्लाह ने उसकी लाश को महफूज रखा ताकि आने वाली नस्लें उसकी हिम्मत और घमंड की कहानी देख कर सीखें. यही वजह है कि आज भी फिरौन की लाश हजारों साल बाद तक मौजूद है.

फिरौन की ममी: हजारों साल बाद भी कैसे है सलामत?
वैज्ञानिकों और पुरातत्वविदों ने मिस्र में कई बार फिरौन की ममी का जायजा लिया है. ये ममियां हजारों सालों से वैसे ही सुरक्षित हैं जैसे पहले थीं. एक्सपर्ट्स कहते हैं कि मिस्र की खास जलवायु और ममी बनाने का तरीका ने इसे नैसर्गिक तरीके से बचा रखा.

आज फिरौन की लाश काहिरा (Egypt) के "Egyptian Museum" में सुरक्षित रखी हुई है. हर रोज इसे हजारों लोग देखने आते हैं, और लोग देखकर हैरान रह जाते हैं. यह सिर्फ इतिहास नहीं बल्कि इंसानियत के लिए भी एक सबक है कि कैसे कुछ चीजें समय के बावजूद अपनी असली शक्ल बनाए रखती हैं.

आज भी क्यों लोग जानना चाहते हैं फिरौन की कहानी?
आज भी लोग फिरौन की लाश और उसकी कहानी जानने के लिए बहुत उत्सुक रहते हैं. सोशल मीडिया, डॉक्यूमेंट्री और इतिहास की किताबों में इसकी चर्चा लगातार होती रहती है. यह सिर्फ धार्मिक नजरिए से नहीं बल्कि ऐतिहासिक और वैज्ञानिक दृष्टि से भी दिलचस्प है.

इसे देखकर लगता है कि इतिहास, विज्ञान और धर्म कभी-कभी एक ही कहानी को अलग-अलग नजरिए से दिखाते हैं. ज्यादातर लोग फिरौन की ममी और उसकी कहानी को देखकर हैरानी महसूस करते हैं.

ये भी पढ़ें: Hidden Secret of Bible: बाइबल के अनसुने रहस्य! किताब में मिलेगा इतिहास के अनसुलझे सवाल का जवाब!

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