फिंक्सपर्ट ट्रेडिंग सॉल्यूशन्स की 258 करोड़ की ठगी का खुलासा, ईडी ने जब्त की 15 लग्जरी कारें
ED action on Finxpert Trading Solutions: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के गुवाहटी जोनल ऑफिस ने असम के बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. ईडी ने PMLA के तहत कार्रवाई करते हुए राज्य के अलग-अलग हिस्सों से 15 कारों को जब्त किया है. इनमें 15 कारों में एसयूवी मॉडल की कारें भी शामिल है. ईडी की ये कार्रवाई फिंक्सपर्ट ट्रेडिंग सॉल्यूशन्स ओपीसी प्राइवेट लिमिटेड (Finxpert Trading Solutions OPC Pvt. Ltd.) और उससे जुड़ी कंपनियों के खिलाफ की गई है, जो एक अवैध पॉन्जी स्कीम चला रही थी. ईडी के मुताबिक, जब्त की गई गाड़ियों में 3 ऑडी क्यू3 एसयूवी, एक ऑडी ए4, दो महिंद्रा XUV700, एक महिंद्रा स्कॉर्पियो एन, 7 हुंडई i10 ग्रैंड और एक टाटा टियागो शामिल है. पुख्ता जानकारी के बाद ईडी ने गाड़ियों की पहचान की और इन सभी गाड़ियों को जब्त किया गया. पहले इस मामले की जांच लोकल पुलिस कर रही थी, जिसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस केस में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जांच शुरू की. ईडी की जांच में हुआ बड़ा खुलासा ईडी की जांच में सामने आया है कि फिंक्सपर्ट ट्रेडिंग सॉल्यूशन्स ओपीसी प्राइवेट लिमिटेड, जिसे Trading FX (OPC) के नाम से भी जाना जाता है, ने लोगों को हर महीने 18% का भारी ब्याज देने का वादा किया और इंवेस्टमेंट के नाम पर करोड़ों रुपए इकट्ठा किए. इस काम के लिए असम में कई एजेंट्स रखे गए थे, जिन्हें इंवेस्टर्स को मिलने वाले 18% के अलावा 3% अलग से दिया जाता था. इस स्कीम को सही साबित करने के लिए और लोगों को विश्वास दिलाने के लिए शुरू में कुछ इंवेस्टर्स को पैसों के बदले रिटर्न दिया गया. लेकिन बाद में जब बड़ी रकम इकट्ठा हो गई, तब ना तो ब्याज मिला और ना ही मूलधन वापस किया गया. ईडी की जांच में मुताबिक, अब तक इस घोटाले में करीब 258 करोड़ की ठगी का अनुमान लगाया गया है. लोगों को ठगने के लिए दिखाया आकर्षक रिटर्न घोटाले को आकर्षक दिखाने के लिए एजेंट्स को महंगी गाड़ियां गिफ्ट में दी गईं ताकि लोगों को दिखाया जा सके कि कंपनी बहुत अच्छा रिटर्न दे रही है. इसका मकसद था और ज्यादा लोगों को इंवेस्टमेंट के लिए फंसाना. ईडी ने कहा कि मामले की जांच अब भी जारी है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे हो सकते है.
ED action on Finxpert Trading Solutions: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के गुवाहटी जोनल ऑफिस ने असम के बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. ईडी ने PMLA के तहत कार्रवाई करते हुए राज्य के अलग-अलग हिस्सों से 15 कारों को जब्त किया है. इनमें 15 कारों में एसयूवी मॉडल की कारें भी शामिल है. ईडी की ये कार्रवाई फिंक्सपर्ट ट्रेडिंग सॉल्यूशन्स ओपीसी प्राइवेट लिमिटेड (Finxpert Trading Solutions OPC Pvt. Ltd.) और उससे जुड़ी कंपनियों के खिलाफ की गई है, जो एक अवैध पॉन्जी स्कीम चला रही थी.
ईडी के मुताबिक, जब्त की गई गाड़ियों में 3 ऑडी क्यू3 एसयूवी, एक ऑडी ए4, दो महिंद्रा XUV700, एक महिंद्रा स्कॉर्पियो एन, 7 हुंडई i10 ग्रैंड और एक टाटा टियागो शामिल है. पुख्ता जानकारी के बाद ईडी ने गाड़ियों की पहचान की और इन सभी गाड़ियों को जब्त किया गया. पहले इस मामले की जांच लोकल पुलिस कर रही थी, जिसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस केस में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जांच शुरू की.
ईडी की जांच में हुआ बड़ा खुलासा
ईडी की जांच में सामने आया है कि फिंक्सपर्ट ट्रेडिंग सॉल्यूशन्स ओपीसी प्राइवेट लिमिटेड, जिसे Trading FX (OPC) के नाम से भी जाना जाता है, ने लोगों को हर महीने 18% का भारी ब्याज देने का वादा किया और इंवेस्टमेंट के नाम पर करोड़ों रुपए इकट्ठा किए. इस काम के लिए असम में कई एजेंट्स रखे गए थे, जिन्हें इंवेस्टर्स को मिलने वाले 18% के अलावा 3% अलग से दिया जाता था.
इस स्कीम को सही साबित करने के लिए और लोगों को विश्वास दिलाने के लिए शुरू में कुछ इंवेस्टर्स को पैसों के बदले रिटर्न दिया गया. लेकिन बाद में जब बड़ी रकम इकट्ठा हो गई, तब ना तो ब्याज मिला और ना ही मूलधन वापस किया गया. ईडी की जांच में मुताबिक, अब तक इस घोटाले में करीब 258 करोड़ की ठगी का अनुमान लगाया गया है.
लोगों को ठगने के लिए दिखाया आकर्षक रिटर्न
घोटाले को आकर्षक दिखाने के लिए एजेंट्स को महंगी गाड़ियां गिफ्ट में दी गईं ताकि लोगों को दिखाया जा सके कि कंपनी बहुत अच्छा रिटर्न दे रही है. इसका मकसद था और ज्यादा लोगों को इंवेस्टमेंट के लिए फंसाना. ईडी ने कहा कि मामले की जांच अब भी जारी है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे हो सकते है.
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