फर्जी कागजों से 45 करोड़ की जमीन का दाम 75 लाख बताया, PMLA के तहत ED ने किया गिरफ्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार (24 मार्च, 2026) को मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. एजेंसी ने पीएमएलए के तहत दर्ज मामले में आरोपी जवाद अहमद सिद्दीकी को मंगलवार (24 मार्च, 2026) को गिरफ्तार किया है. जानकारी के मुताबिक, जवाद सिद्दीकी, M/s. Tarbia Education Foundation का डायरेक्टर और बड़ा शेयर होल्डर बताया जा रहा है. जिसने एक जमीन खरीदारी में फर्जी कागजों के जरिए धोखाधड़ी कर 45 करोड़ रुपये की जमीन को 75 लाख रुपये में दिखाया है. ईडी की जांच में क्या हुआ खुलासा? ईडी की जांच के बाद यह खुलासा किया गया है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करके दिल्ली के मदनपुर खादर इलाके में करीब 1.146 एकड़ जमीन धोखाधड़ी कर हासिल की गई. इस जमीन की मौजूदा कीमत लगभग 45 करोड़ रुपये बताई जा रही है, लेकिन जमीन के कागजों में इसकी कीमत मात्र 75 लाख रुपये दिखाई गई. जांच एजेंसी के मुताबिक, इस जमीन खरीदारी में असम कीमत से कहीं ज्यादा पैसे का लेन-देन हुआ है. आरोप है कि जवाद अहमद सिद्दीकी ने कई अन्य लोगों के साथ मिलकर पहले जमीन के फर्जी कागजात तैयार किए, इसके बाद इस पूरी साजिश को अपने प्लान के अनुसार अंजाम दिया. धोखाधड़ी मामले में मनी ट्रेल का पता लगा रही ईडी प्रवर्तन निदेशालय (ED) अब अपनी जांच को आगे बढ़ाते हुए धोखाधड़ी से की गई इस जमीन खरीदारी मामले में पैसों के पूरे लेन-देन (मनी ट्रेल) का पता लगाने और इस घोटाले से जुड़े अन्य सभी लोगों और संपत्तियों की पहचान करने में जुटी हुई है. स्पेशल कोर्ट ने आरोपी को ईडी की रिमांड में भेजा जांच एजेंसी ने मामले के आरोपी जवाद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तारी के बाद अगले दिन बुधवार (25 मार्च, 2026) को नई दिल्ली के साकेत स्थित स्पेशल कोर्ट में पेश किया, जहां से कोर्ट ने आरोपी को 4 अप्रैल, 2026 तक ईडी की हिरासत में भेज दिया है. फिलहाल इस मामले में आगे की जांच जारी है. यह भी पढ़ेंः LPG Crisis: घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर की कितनी कमी? सरकार ने बताई एलपीजी से जुड़ी हर बात

Mar 28, 2026 - 04:30
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फर्जी कागजों से 45 करोड़ की जमीन का दाम 75 लाख बताया, PMLA के तहत ED ने किया गिरफ्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार (24 मार्च, 2026) को मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. एजेंसी ने पीएमएलए के तहत दर्ज मामले में आरोपी जवाद अहमद सिद्दीकी को मंगलवार (24 मार्च, 2026) को गिरफ्तार किया है.

जानकारी के मुताबिक, जवाद सिद्दीकी, M/s. Tarbia Education Foundation का डायरेक्टर और बड़ा शेयर होल्डर बताया जा रहा है. जिसने एक जमीन खरीदारी में फर्जी कागजों के जरिए धोखाधड़ी कर 45 करोड़ रुपये की जमीन को 75 लाख रुपये में दिखाया है.

ईडी की जांच में क्या हुआ खुलासा?

ईडी की जांच के बाद यह खुलासा किया गया है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करके दिल्ली के मदनपुर खादर इलाके में करीब 1.146 एकड़ जमीन धोखाधड़ी कर हासिल की गई. इस जमीन की मौजूदा कीमत लगभग 45 करोड़ रुपये बताई जा रही है, लेकिन जमीन के कागजों में इसकी कीमत मात्र 75 लाख रुपये दिखाई गई.

जांच एजेंसी के मुताबिक, इस जमीन खरीदारी में असम कीमत से कहीं ज्यादा पैसे का लेन-देन हुआ है. आरोप है कि जवाद अहमद सिद्दीकी ने कई अन्य लोगों के साथ मिलकर पहले जमीन के फर्जी कागजात तैयार किए, इसके बाद इस पूरी साजिश को अपने प्लान के अनुसार अंजाम दिया.

धोखाधड़ी मामले में मनी ट्रेल का पता लगा रही ईडी

प्रवर्तन निदेशालय (ED) अब अपनी जांच को आगे बढ़ाते हुए धोखाधड़ी से की गई इस जमीन खरीदारी मामले में पैसों के पूरे लेन-देन (मनी ट्रेल) का पता लगाने और इस घोटाले से जुड़े अन्य सभी लोगों और संपत्तियों की पहचान करने में जुटी हुई है.

स्पेशल कोर्ट ने आरोपी को ईडी की रिमांड में भेजा

जांच एजेंसी ने मामले के आरोपी जवाद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तारी के बाद अगले दिन बुधवार (25 मार्च, 2026) को नई दिल्ली के साकेत स्थित स्पेशल कोर्ट में पेश किया, जहां से कोर्ट ने आरोपी को 4 अप्रैल, 2026 तक ईडी की हिरासत में भेज दिया है. फिलहाल इस मामले में आगे की जांच जारी है.

यह भी पढ़ेंः LPG Crisis: घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर की कितनी कमी? सरकार ने बताई एलपीजी से जुड़ी हर बात

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