पिता ने बनाया कत्ल का प्लान, करना चाहती थी जाति से बाहर शादी... राधिका यादव मर्डर केस में चौंकाने वाले खुलासे
हरियाणा के गुरुग्राम में 25 साल की महिला टेनिस खिलाड़ी राधिका यादव के मर्डर केस में गुरुग्राम पुलिस ने शुक्रवार (11 जुलाई) को बड़ा खुलासा किया. पुलिस ने कहा कि आरोपी पिता दीपक यादव ने अपनी बेटी की हत्या की पूरी प्लानिंग की थी. यह गुस्से में अचानक उठाया हुआ कोई कदम नहीं था. पुलिस ने इस मामले को लेकर आगे कहा कि हमें पता चला कि गोलीकांड के पहले कई हफ्तों तक पिता-पुत्री के बीच कई बार तीखी बहस भी हुई थी, जिसकी हम जांच कर रहे हैं. गुरुग्राम पुलिस के मुताबिक, 51 साल के दीपक यादव ने गुरुवार (10 जुलाई) को सुबह करीब 10:30 बजे अपनी बेटी राधिका यादव की पीठ में चार गोली मार दी थी. दीपक ने इस घटना को तब अंजाम दिया, जब राधिका अपने तीन मंजिला घर के किचन में नाश्ता बना रही थी. पुलिस ने कहा कि दीपक का घर सुशांत लोक-2 के ब्लॉक-जी में स्थित है. गुरुग्राम पुलिस के अधिकारी ने मामले की दी जानकारी गोलीकांड का खुलासा करते हुए गुरुग्राम पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी संदीप कुमार ने कहा, “आरोपी दीपक यादव ने पूछताछ के दौरान इस बात को स्वीकार किया है कि उसने राधिका की हत्या करने से पहले उसकी पूरी प्लानिंग कर रखी थी.” अधिकारी ने कहा, “आमतौर पर वह दूध लेने सुबह खुद जाता था, लेकिन गुरुवार (10 जुलाई) को उसने अपने बेटे को भेज दिया. इसके बाद जब वह राधिका के साथ घर में अकेला रह गया, तो उसने उसे उस समय तब चार गोलियां मार दीं, जब वह नाश्ता बना रही थी.” दीपक के पड़ोसी ने किया दावा वहीं, दीपक के पैतृक गांव के वजीराबाद के एक पुराने पड़ोसी ने भी यह दावा किया कि दीपक राधिका के जीवनसाथी के चुनाव से नाराज था. राधिका अपनी जाति से बाहर शादी करना चाहती थी, लेकिन उसके पिता चाहते थे कि उसकी शादी जाति में ही हो.” पड़ोसी ने यह भी कहा कि राधिका के पिता दीपक काफी पुराने ख्याल वाले व्यक्ति थे. यह भी पढ़ेंः 'मुझ पर भरोसा रखिए, मैं कुछ भी बर्बाद नहीं होने दूंगी', राधिका यादव ने 'कातिल' पिता से क्यों कही थी ये बात?
हरियाणा के गुरुग्राम में 25 साल की महिला टेनिस खिलाड़ी राधिका यादव के मर्डर केस में गुरुग्राम पुलिस ने शुक्रवार (11 जुलाई) को बड़ा खुलासा किया. पुलिस ने कहा कि आरोपी पिता दीपक यादव ने अपनी बेटी की हत्या की पूरी प्लानिंग की थी. यह गुस्से में अचानक उठाया हुआ कोई कदम नहीं था. पुलिस ने इस मामले को लेकर आगे कहा कि हमें पता चला कि गोलीकांड के पहले कई हफ्तों तक पिता-पुत्री के बीच कई बार तीखी बहस भी हुई थी, जिसकी हम जांच कर रहे हैं.
गुरुग्राम पुलिस के मुताबिक, 51 साल के दीपक यादव ने गुरुवार (10 जुलाई) को सुबह करीब 10:30 बजे अपनी बेटी राधिका यादव की पीठ में चार गोली मार दी थी. दीपक ने इस घटना को तब अंजाम दिया, जब राधिका अपने तीन मंजिला घर के किचन में नाश्ता बना रही थी. पुलिस ने कहा कि दीपक का घर सुशांत लोक-2 के ब्लॉक-जी में स्थित है.
गुरुग्राम पुलिस के अधिकारी ने मामले की दी जानकारी
गोलीकांड का खुलासा करते हुए गुरुग्राम पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी संदीप कुमार ने कहा, “आरोपी दीपक यादव ने पूछताछ के दौरान इस बात को स्वीकार किया है कि उसने राधिका की हत्या करने से पहले उसकी पूरी प्लानिंग कर रखी थी.”
अधिकारी ने कहा, “आमतौर पर वह दूध लेने सुबह खुद जाता था, लेकिन गुरुवार (10 जुलाई) को उसने अपने बेटे को भेज दिया. इसके बाद जब वह राधिका के साथ घर में अकेला रह गया, तो उसने उसे उस समय तब चार गोलियां मार दीं, जब वह नाश्ता बना रही थी.”
दीपक के पड़ोसी ने किया दावा
वहीं, दीपक के पैतृक गांव के वजीराबाद के एक पुराने पड़ोसी ने भी यह दावा किया कि दीपक राधिका के जीवनसाथी के चुनाव से नाराज था. राधिका अपनी जाति से बाहर शादी करना चाहती थी, लेकिन उसके पिता चाहते थे कि उसकी शादी जाति में ही हो.” पड़ोसी ने यह भी कहा कि राधिका के पिता दीपक काफी पुराने ख्याल वाले व्यक्ति थे.
यह भी पढ़ेंः 'मुझ पर भरोसा रखिए, मैं कुछ भी बर्बाद नहीं होने दूंगी', राधिका यादव ने 'कातिल' पिता से क्यों कही थी ये बात?
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