पाकिस्तान से तनाव के बीच गृह मंत्रालय में हाई लेवल मीटिंग, गृह सचिव समेत कई टॉप अधिकारी हुए शामिल
Home Ministry Meeting: पाकिस्तान के साथ तनाव के बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय में मंगलवार (29 अप्रैल, 2025) को एक उच्च स्तरीय बैठक हुई. इसमें केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, सीमा सुरक्षा बल, असम राइफल्स और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के महानिदेशक, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल और एसएसबीके वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. हालांकि सूत्रों का कहना है कि इस बैठक को पहलगाम आतंकी हमले से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए. यह घटनाक्रम पहलगाम आतंकी हमले के बाद बढ़ी सुरक्षा चिंताओं के बीच हुआ है, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई थी. जम्मू-कश्मीर में कई जगहों पर गहन आतंकवाद विरोधी अभियान चलाए जा रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, चल रहे ऑपरेशन की संवेदनशील को देखते हुए इस समय कोई खास जानकारी शेयर नहीं की जा रही है. जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की तलाश जारी इससे पहले सोमवार (28 अप्रैल, 2025) को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आतंकवादी ठिकानों का भंडाफोड़ और आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए डोडा जिले में 13 स्थानों पर छापे मारे थे. श्रीनगर पुलिस ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत दर्ज मामलों की जांच को आगे बढ़ाते हुए प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों के ओवर ग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्ल्यू) और आतंकवादी सहयोगियों के आवासों पर शहर भर में कई जगहों पर बड़े पैमाने पर तलाशी ली. श्रीनगर पुलिस ने अधिकारियों की देखरेख में ली 63 घरों की तलाशी श्रीनगर पुलिस ने 63 लोगों के घरों की तलाशी ली. ये तलाशी जम्मू-कश्मीर पुलिस के अधिकारियों की देखरेख में कार्यकारी मजिस्ट्रेटों और कुछ गवाहों की मौजूदगी में की गई. यह तलाशी हथियार, दस्तावेज, डिजिटल उपकरण आदि जब्त करने के लिए की गई, जिसका उद्देश्य राष्ट्र की सुरक्षा के विरुद्ध किसी भी षड्यंत्रकारी या आतंकवादी गतिविधि का पता लगाने और उसे रोकने के लिए साक्ष्य एकत्र करना और खुफिया जानकारी एकत्र करना था. ये भी पढ़ें: सिंधु में खून बहाने और न्यूक्लियर अटैक की धमकी देने वाले बिलावल भुट्टो की निकल गई हेकड़ी, शहबाज शरीफ के फैसले पर ही उठा दिया सवाल
Home Ministry Meeting: पाकिस्तान के साथ तनाव के बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय में मंगलवार (29 अप्रैल, 2025) को एक उच्च स्तरीय बैठक हुई. इसमें केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, सीमा सुरक्षा बल, असम राइफल्स और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के महानिदेशक, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल और एसएसबीके वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. हालांकि सूत्रों का कहना है कि इस बैठक को पहलगाम आतंकी हमले से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए.
यह घटनाक्रम पहलगाम आतंकी हमले के बाद बढ़ी सुरक्षा चिंताओं के बीच हुआ है, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई थी. जम्मू-कश्मीर में कई जगहों पर गहन आतंकवाद विरोधी अभियान चलाए जा रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, चल रहे ऑपरेशन की संवेदनशील को देखते हुए इस समय कोई खास जानकारी शेयर नहीं की जा रही है.
जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की तलाश जारी
इससे पहले सोमवार (28 अप्रैल, 2025) को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आतंकवादी ठिकानों का भंडाफोड़ और आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए डोडा जिले में 13 स्थानों पर छापे मारे थे. श्रीनगर पुलिस ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत दर्ज मामलों की जांच को आगे बढ़ाते हुए प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों के ओवर ग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्ल्यू) और आतंकवादी सहयोगियों के आवासों पर शहर भर में कई जगहों पर बड़े पैमाने पर तलाशी ली.
श्रीनगर पुलिस ने अधिकारियों की देखरेख में ली 63 घरों की तलाशी
श्रीनगर पुलिस ने 63 लोगों के घरों की तलाशी ली. ये तलाशी जम्मू-कश्मीर पुलिस के अधिकारियों की देखरेख में कार्यकारी मजिस्ट्रेटों और कुछ गवाहों की मौजूदगी में की गई. यह तलाशी हथियार, दस्तावेज, डिजिटल उपकरण आदि जब्त करने के लिए की गई, जिसका उद्देश्य राष्ट्र की सुरक्षा के विरुद्ध किसी भी षड्यंत्रकारी या आतंकवादी गतिविधि का पता लगाने और उसे रोकने के लिए साक्ष्य एकत्र करना और खुफिया जानकारी एकत्र करना था.
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