पाकिस्तान की खैर नहीं! पूरा होगा भारत का स्टील्थ फाइटर बनाने का सपना; किसे मिलेगी बनाने की जिम्मेदारी?

India AMCA Fighter Jet: अमेरिका, रूस और चीन की तरह भारत का भी सपना है कि वह अपना अपना खुद का पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर बनाए. इस दिशा में भारत ने बड़ा कदम भी उठाया है. डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DRDO) ने एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) ने एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) प्रोजेक्ट के लिए ने एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EoI) निकाला था, जिसके लिए बोली लगाने की डेडलाइन 30 सितंबर, 2025 थी. दो कंपनियां होंगी शॉर्टलिस्ट  DRDO के साथ पार्टनरशिप में इसे बनाने के लिए HAL और L&T जैसी सात बड़ी कंपनियां आगे आईं. इनमें टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड और अडानी डिफेंस भी शामिल रहे. स्टील्थ फाइटर बनाने की होड़ में बोली लगाने वाली सात कंपनियों में से किन्हीं दो को चुना जाएगा. इन्हें मैन्युफैक्चरिंग राइट्स मिलने से पहले AMCA के पांच मॉडल्स बनाने के लिए 15,000 करोड़ रुपये मिलेंगे.  कब से बढ़ाएगा भारतीय वायु सेना की शान?  न्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रह्मोस एयरोस्पेस के चीफ रह चुके ए. शिवथानु पिल्लई की अगुवाई वाली कमेटी इन बिड्स का मूल्याकंन करेगी. इसके बाद रिपोर्ट डिफेंस मिनिस्ट्री को सौंपा जाएगा, जिसके बाद फैसला लिया जाएगा कि AMCA की कमान किसे सौंपी जाएगी. 2 लाख करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट के तहत 125 से ज्यादा फाइटर जेट्स बनाए जाने हैं. हालांकि, इसके 2035 से पहले भारतीय वायु सेना के बेड़े में शामिल होने की उम्मीद नहीं है. पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट की मैन्युफैक्चरिंग के साथ ही भारत भी अमेरिका (एफ-22 और एफ-35), चीन (जे-20) और रूस (एसयू-57) जैसे देशों की लिस्ट में शामिल हो जाएगा. क्या है AMCA? परमाणु हथियारों से लैस पाकिस्तान और चीन के साथ हाल ही में हुइ तनातनी के बाद भारत अपनी सेना को और अपग्रेड और मॉर्डन बनाना चाहता है. भारत ने अप्रैल में फ्रांस की डसॉल्ट एविएशन से 26 राफेल-एम फाइटर जेट खरीदने के लिए 63,000 करोड़ रुपये की डील की. इनकी सप्लाई 2031 तक की जानी है, जो पुराने रूसी मिग 29K विमानों की जगह लेंगे. वायु सेना के पास पहले से ही 36 राफेल-सी फाइटर जेट है. भारत के पहले पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर में बैठने के लिए सिर्फ एक सीट होगी और इसमें दो इंजन लगे होंगे. एडवांस्ड स्टील्थ कोटिंग्स के साथ इसमें मल्टी-रोल वेपन कैरिज की कैपिसिटी होगी, जो F-22, F-35 और Su-57 जैसे अमेरिकी और रूसी विमानों को टक्कर देगा. यह 55,000 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकेगा. AMCA की इंटरनल वेपन सिस्टम की कैपेसिटी 1500 किलोग्राम और एक्सटर्नल बे की कैपेसिटी 5,500 किलोग्राम होगी. इस ट्विन-इंजन विमान का वजन करीब 25 टन होगा और इसके फ्यूल टैंक की कैपेसिटी 6.5 टन होगी. यह रडार से बचते हुए लंबी दूरी तक उड़ान भर दुश्मनों के छक्के छुड़ा देगा.   ये भी पढ़ें:  क्या ट्रंप की धमकियों से डर गया भारत? सितंबर में रूस कम हुई तेल की खरीद, सरकारी कंपनियों ने कम किया इम्पोर्ट

Oct 2, 2025 - 14:30
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पाकिस्तान की खैर नहीं! पूरा होगा भारत का स्टील्थ फाइटर बनाने का सपना;  किसे मिलेगी बनाने की जिम्मेदारी?

India AMCA Fighter Jet: अमेरिका, रूस और चीन की तरह भारत का भी सपना है कि वह अपना अपना खुद का पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर बनाए. इस दिशा में भारत ने बड़ा कदम भी उठाया है. डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DRDO) ने एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) ने एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) प्रोजेक्ट के लिए ने एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EoI) निकाला था, जिसके लिए बोली लगाने की डेडलाइन 30 सितंबर, 2025 थी.

दो कंपनियां होंगी शॉर्टलिस्ट 

DRDO के साथ पार्टनरशिप में इसे बनाने के लिए HAL और L&T जैसी सात बड़ी कंपनियां आगे आईं. इनमें टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड और अडानी डिफेंस भी शामिल रहे. स्टील्थ फाइटर बनाने की होड़ में बोली लगाने वाली सात कंपनियों में से किन्हीं दो को चुना जाएगा. इन्हें मैन्युफैक्चरिंग राइट्स मिलने से पहले AMCA के पांच मॉडल्स बनाने के लिए 15,000 करोड़ रुपये मिलेंगे. 

कब से बढ़ाएगा भारतीय वायु सेना की शान? 

न्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रह्मोस एयरोस्पेस के चीफ रह चुके ए. शिवथानु पिल्लई की अगुवाई वाली कमेटी इन बिड्स का मूल्याकंन करेगी. इसके बाद रिपोर्ट डिफेंस मिनिस्ट्री को सौंपा जाएगा, जिसके बाद फैसला लिया जाएगा कि AMCA की कमान किसे सौंपी जाएगी. 2 लाख करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट के तहत 125 से ज्यादा फाइटर जेट्स बनाए जाने हैं. हालांकि, इसके 2035 से पहले भारतीय वायु सेना के बेड़े में शामिल होने की उम्मीद नहीं है. पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट की मैन्युफैक्चरिंग के साथ ही भारत भी अमेरिका (एफ-22 और एफ-35), चीन (जे-20) और रूस (एसयू-57) जैसे देशों की लिस्ट में शामिल हो जाएगा.

क्या है AMCA?

परमाणु हथियारों से लैस पाकिस्तान और चीन के साथ हाल ही में हुइ तनातनी के बाद भारत अपनी सेना को और अपग्रेड और मॉर्डन बनाना चाहता है. भारत ने अप्रैल में फ्रांस की डसॉल्ट एविएशन से 26 राफेल-एम फाइटर जेट खरीदने के लिए 63,000 करोड़ रुपये की डील की. इनकी सप्लाई 2031 तक की जानी है, जो पुराने रूसी मिग 29K विमानों की जगह लेंगे. वायु सेना के पास पहले से ही 36 राफेल-सी फाइटर जेट है.

भारत के पहले पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर में बैठने के लिए सिर्फ एक सीट होगी और इसमें दो इंजन लगे होंगे. एडवांस्ड स्टील्थ कोटिंग्स के साथ इसमें मल्टी-रोल वेपन कैरिज की कैपिसिटी होगी, जो F-22, F-35 और Su-57 जैसे अमेरिकी और रूसी विमानों को टक्कर देगा. यह 55,000 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकेगा.

AMCA की इंटरनल वेपन सिस्टम की कैपेसिटी 1500 किलोग्राम और एक्सटर्नल बे की कैपेसिटी 5,500 किलोग्राम होगी. इस ट्विन-इंजन विमान का वजन करीब 25 टन होगा और इसके फ्यूल टैंक की कैपेसिटी 6.5 टन होगी. यह रडार से बचते हुए लंबी दूरी तक उड़ान भर दुश्मनों के छक्के छुड़ा देगा.

 

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क्या ट्रंप की धमकियों से डर गया भारत? सितंबर में रूस कम हुई तेल की खरीद, सरकारी कंपनियों ने कम किया इम्पोर्ट

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