पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत पर शुक्रवार को आएगा फैसला, तलाश में हैदराबाद पहुंची थी असम पुलिस

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका पर तेलंगाना हाई कोर्ट ने गुरुवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. जस्टिस के सुजना कल यानी शुक्रवार को अपना आदेश सुना सकती हैं.  यह याचिका असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भूयान शर्मा द्वारा दर्ज कराई गई FIR के सिलसिले में दायर की गई है. खेड़ा ने आरोप लगाया था कि रिनिकी शर्मा के पास तीन पासपोर्ट हैं, जिसके बाद गुवाहाटी क्राइम ब्रांच में BNS की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया, जिसमें धोखाधड़ी, जालसाजी, मानहानि और चुनाव से जुड़े झूठे बयान जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं. वकील सिंघवी ने कोर्ट में क्या दलील दी? खेड़ा की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट में दलील दी कि मानहानि जैसे मामले में हर संभव धारा लगा दी गई है, जो साफ दिखाता है कि यह कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है.  सिंघवी ने कहा कि असल शिकायतकर्ता वस्तुतः असम के मुख्यमंत्री ही हैं और राजनीतिक विरोधियों को कानून के दुरुपयोग से चुप कराने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने यह भी कहा कि सारे सबूत डिजिटल हैं, ऐसे में गिरफ्तारी की कोई जरूरत ही नहीं है. खेड़ा न कोई भगोड़ा अपराधी हैं, न फरार होने का खतरा है. वे एक प्रमुख राजनीतिक शख्सियत हैं जिनकी समाज में गहरी जड़ें हैं. असम एडवोकेट ने मेंटेनेबिलिटी पर उठाया सवाल दूसरी तरफ असम के एडवोकेट जनरल देवजीत सैकिया ने हैदराबाद में इस याचिका की मेंटेनेबिलिटी पर ही सवाल उठाया. उनका कहना था कि दिल्ली के निवासी खेड़ा ने यह नहीं बताया कि वे असम जाकर वहां अग्रिम जमानत क्यों नहीं ले सकते.  सैकिया ने खेड़ा को 'स्थापित फ्लाइट रिस्क' बताते हुए कहा कि जब पुलिस उनके पास पहुंची तो वे भाग गए दिल्ली जाने की बजाय हैदराबाद आ गए, कल चेन्नई चले जाएंगे. इसके जवाब में खेड़ा के वकील ने कहा कि उनकी पत्नी का आधार कार्ड हैदराबाद का है और उन्होंने सनतनगर सीट से चुनाव भी लड़ा है, इसलिए हैदराबाद में याचिका दायर करना पूरी तरह जायज है. एडवोकेट जनरल ने राजनीतिक बदले के आरोपों को खारिज किया एडवोकेट जनरल ने राजनीतिक बदले के आरोपों को भी खारिज किया और कहा कि शिकायतकर्ता कोई राजनीतिक व्यक्ति नहीं हैं. उनका कहना था कि खेड़ा ने रिनिकी शर्मा के खिलाफ जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया, इसलिए जालसाजी की धाराएं लगाई गई हैं.  बता दें कि मंगलवार को असम पुलिस हैदराबाद पहुंचकर खेड़ा की तलाश कर चुकी है और दिल्ली स्थित उनके घर पर भी तलाशी ली गई. खेड़ा कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के अध्यक्ष हैं और कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य भी हैं. यह भी पढ़ें केरल-असम और पुडुच्चेरी में जबरदस्त वोटिंग, मुख्य चुनाव आयुक्त बोले- दुनिया के लिए लोकतंत्र के लिए उदाहरण

Apr 10, 2026 - 11:30
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पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत पर शुक्रवार को आएगा फैसला, तलाश में हैदराबाद पहुंची थी असम पुलिस

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका पर तेलंगाना हाई कोर्ट ने गुरुवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. जस्टिस के सुजना कल यानी शुक्रवार को अपना आदेश सुना सकती हैं. 

यह याचिका असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भूयान शर्मा द्वारा दर्ज कराई गई FIR के सिलसिले में दायर की गई है. खेड़ा ने आरोप लगाया था कि रिनिकी शर्मा के पास तीन पासपोर्ट हैं, जिसके बाद गुवाहाटी क्राइम ब्रांच में BNS की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया, जिसमें धोखाधड़ी, जालसाजी, मानहानि और चुनाव से जुड़े झूठे बयान जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं.

वकील सिंघवी ने कोर्ट में क्या दलील दी?

खेड़ा की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट में दलील दी कि मानहानि जैसे मामले में हर संभव धारा लगा दी गई है, जो साफ दिखाता है कि यह कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है. 

सिंघवी ने कहा कि असल शिकायतकर्ता वस्तुतः असम के मुख्यमंत्री ही हैं और राजनीतिक विरोधियों को कानून के दुरुपयोग से चुप कराने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने यह भी कहा कि सारे सबूत डिजिटल हैं, ऐसे में गिरफ्तारी की कोई जरूरत ही नहीं है. खेड़ा न कोई भगोड़ा अपराधी हैं, न फरार होने का खतरा है. वे एक प्रमुख राजनीतिक शख्सियत हैं जिनकी समाज में गहरी जड़ें हैं.

असम एडवोकेट ने मेंटेनेबिलिटी पर उठाया सवाल

दूसरी तरफ असम के एडवोकेट जनरल देवजीत सैकिया ने हैदराबाद में इस याचिका की मेंटेनेबिलिटी पर ही सवाल उठाया. उनका कहना था कि दिल्ली के निवासी खेड़ा ने यह नहीं बताया कि वे असम जाकर वहां अग्रिम जमानत क्यों नहीं ले सकते. 

सैकिया ने खेड़ा को 'स्थापित फ्लाइट रिस्क' बताते हुए कहा कि जब पुलिस उनके पास पहुंची तो वे भाग गए दिल्ली जाने की बजाय हैदराबाद आ गए, कल चेन्नई चले जाएंगे. इसके जवाब में खेड़ा के वकील ने कहा कि उनकी पत्नी का आधार कार्ड हैदराबाद का है और उन्होंने सनतनगर सीट से चुनाव भी लड़ा है, इसलिए हैदराबाद में याचिका दायर करना पूरी तरह जायज है.

एडवोकेट जनरल ने राजनीतिक बदले के आरोपों को खारिज किया

एडवोकेट जनरल ने राजनीतिक बदले के आरोपों को भी खारिज किया और कहा कि शिकायतकर्ता कोई राजनीतिक व्यक्ति नहीं हैं. उनका कहना था कि खेड़ा ने रिनिकी शर्मा के खिलाफ जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया, इसलिए जालसाजी की धाराएं लगाई गई हैं. 

बता दें कि मंगलवार को असम पुलिस हैदराबाद पहुंचकर खेड़ा की तलाश कर चुकी है और दिल्ली स्थित उनके घर पर भी तलाशी ली गई. खेड़ा कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के अध्यक्ष हैं और कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य भी हैं.

यह भी पढ़ें 
केरल-असम और पुडुच्चेरी में जबरदस्त वोटिंग, मुख्य चुनाव आयुक्त बोले- दुनिया के लिए लोकतंत्र के लिए उदाहरण

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