पत्रा चाल मनी लॉन्ड्रिंग मामला: ED की दूसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट पर PMLA कोर्ट का एक्शन, समन जारी

मुंबई की विशेष PMLA अदालत ने 20 सितंबर 2025 को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) मुंबई जोनल ऑफिस की ओर से दायर दूसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट पर संज्ञान लिया और प्रक्रिया जारी की है. यह चार्जशीट 12 अगस्त 2025 को दायर की गई थी, जिसमें दो नए आरोपियों प्रथमेश डेवलपर्स एलएलपी (प्रवीन राऊत की साझेदारी फर्म) और जितेंद्र मदनलाल मेहता (मेहता डेवेलपर्स के प्रोप्राइटर) को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में नामजद किया गया है. ईडी की जांच पत्रा चाल पुनर्विकास परियोजना से जुड़ी अनियमितताओं पर आधारित है. इस परियोजना में 672 किरायेदारों के पुनर्वसन की जिम्मेदारी गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन प्रा. लि. (GACPL) को दी गई थी. त्रिपक्षीय समझौते के तहत जीएसीपीएल को किरायेदारों के लिए मकान बनाने थे, साथ ही एमएचएडीए का हिस्सा भी विकसित करना था, लेकिन कंपनी के निदेशकों ने योजना पूरी नहीं की और इसके बजाय फ्लोर स्पेस इंडेक्स (FSI) को धोखाधड़ी से बेच दिया. गैरकानूनी गतिविधियों में सहयोग को लेकर फ्लैट आवंटित जांच में सामने आया कि प्रवीन राऊत ने अपराध से अर्जित लगभग 95 करोड़ रुपये अपने निजी खातों में ट्रांसफर कर दिए और इनका उपयोग जमीन खरीदने में किया, कभी अपने नाम से तो कभी अपनी फर्म प्रथमेश डेवलपर्स एलएलपी के नाम से. वहीं, जितेंद्र मेहता लंबे समय से राकेश वाधवान के करीबी सहयोगी रहे हैं और उनके जरिए मेहता डेवेलपर्स के खातों का इस्तेमाल जीएसीपीएल के व्यवसायिक कार्यों में किया गया. गैरकानूनी गतिविधियों में सहयोग के बदले मेहता को पत्रा चाल परियोजना में फ्लैट भी आवंटित किए गए. ईडी ने हाल ही में जितेंद्र मेहता और उनके परिवार की 5.20 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है. इससे पहले भी प्रवीन राऊत और सहयोगियों की 73.62 करोड़, प्रवीन और संजय राऊत की 11.15 करोड़, राकेश वाधवान और सरंग वाधवान की 31.50 करोड़ की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं. विशेष अदालत ने नए आरोपियों को भेजा समन इस तरह अब तक इस मामले में कुल 121.5 करोड़ रुपये की संपत्तियां ईडी की ओर से जब्त की गई हैं. ईडी ने पहले मुख्य चार्जशीट 1 अप्रैल 2022 को दायर की थी, उसके बाद 15 सितंबर 2022 को पहली सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल हुई थी. अब दूसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट से मनी ट्रेल और मनी लॉन्ड्रिंग की पूरी कार्यप्रणाली और भी स्पष्ट हो गई है. इसी आधार पर विशेष अदालत ने नए आरोपियों को समन जारी कर दिया है. ये भी पढ़ें:- कौन है लद्दाख का मौजूदा सांसद, बीजेपी अध्यक्ष Phunchok Stanzin, पार्टी के पोस्टर बॉय त्सेरिंग नामग्याल कहां हैं?

Sep 25, 2025 - 20:30
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पत्रा चाल मनी लॉन्ड्रिंग मामला: ED की दूसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट पर PMLA कोर्ट का एक्शन, समन जारी

मुंबई की विशेष PMLA अदालत ने 20 सितंबर 2025 को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) मुंबई जोनल ऑफिस की ओर से दायर दूसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट पर संज्ञान लिया और प्रक्रिया जारी की है. यह चार्जशीट 12 अगस्त 2025 को दायर की गई थी, जिसमें दो नए आरोपियों प्रथमेश डेवलपर्स एलएलपी (प्रवीन राऊत की साझेदारी फर्म) और जितेंद्र मदनलाल मेहता (मेहता डेवेलपर्स के प्रोप्राइटर) को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में नामजद किया गया है.

ईडी की जांच पत्रा चाल पुनर्विकास परियोजना से जुड़ी अनियमितताओं पर आधारित है. इस परियोजना में 672 किरायेदारों के पुनर्वसन की जिम्मेदारी गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन प्रा. लि. (GACPL) को दी गई थी. त्रिपक्षीय समझौते के तहत जीएसीपीएल को किरायेदारों के लिए मकान बनाने थे, साथ ही एमएचएडीए का हिस्सा भी विकसित करना था, लेकिन कंपनी के निदेशकों ने योजना पूरी नहीं की और इसके बजाय फ्लोर स्पेस इंडेक्स (FSI) को धोखाधड़ी से बेच दिया.

गैरकानूनी गतिविधियों में सहयोग को लेकर फ्लैट आवंटित

जांच में सामने आया कि प्रवीन राऊत ने अपराध से अर्जित लगभग 95 करोड़ रुपये अपने निजी खातों में ट्रांसफर कर दिए और इनका उपयोग जमीन खरीदने में किया, कभी अपने नाम से तो कभी अपनी फर्म प्रथमेश डेवलपर्स एलएलपी के नाम से. वहीं, जितेंद्र मेहता लंबे समय से राकेश वाधवान के करीबी सहयोगी रहे हैं और उनके जरिए मेहता डेवेलपर्स के खातों का इस्तेमाल जीएसीपीएल के व्यवसायिक कार्यों में किया गया.

गैरकानूनी गतिविधियों में सहयोग के बदले मेहता को पत्रा चाल परियोजना में फ्लैट भी आवंटित किए गए. ईडी ने हाल ही में जितेंद्र मेहता और उनके परिवार की 5.20 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है. इससे पहले भी प्रवीन राऊत और सहयोगियों की 73.62 करोड़, प्रवीन और संजय राऊत की 11.15 करोड़, राकेश वाधवान और सरंग वाधवान की 31.50 करोड़ की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं.

विशेष अदालत ने नए आरोपियों को भेजा समन

इस तरह अब तक इस मामले में कुल 121.5 करोड़ रुपये की संपत्तियां ईडी की ओर से जब्त की गई हैं. ईडी ने पहले मुख्य चार्जशीट 1 अप्रैल 2022 को दायर की थी, उसके बाद 15 सितंबर 2022 को पहली सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल हुई थी. अब दूसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट से मनी ट्रेल और मनी लॉन्ड्रिंग की पूरी कार्यप्रणाली और भी स्पष्ट हो गई है. इसी आधार पर विशेष अदालत ने नए आरोपियों को समन जारी कर दिया है.

ये भी पढ़ें:- कौन है लद्दाख का मौजूदा सांसद, बीजेपी अध्यक्ष Phunchok Stanzin, पार्टी के पोस्टर बॉय त्सेरिंग नामग्याल कहां हैं?

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