नौकरी देने में यूपी का दबदबा, महाराष्ट्र और कर्नाटक भी टॉप-3 में

India Skills Report 2026: भारत में युवाओं की रोजगार क्षमता में सुधार देखने को मिला है. इंडिया स्किल रिपोर्ट 2026 के अनुसार देश की कुल रोजगार बढ़ाकर 56.35 फीसदी हो गई, जो 2025 में 54.81 फीसदी थी. रिपोर्ट में राज्यवार आंकड़ों में उत्तर प्रदेश सबसे आगे रहा. इसके बाद महाराष्ट्र और कर्नाटक को जगह मिली. इस रिपोर्ट में देश के अलग-अलग राज्यों में युवाओं की जॉब रेडीनेस और बदलती रोजगार जरूरत की जानकारी दी गई है.  सबसे ज्यादा एम्पलाॅयबल राज्य में यूपी नंबर वन  इंडिया स्किल रिपोर्ट 2026 की रिपोर्ट के अनुसार राज्यवार आंकड़ों में उत्तर प्रदेश ने पहला स्थान हासिल किया है. बड़ी आबादी, हायर एजुकेशन और स्किल डेवलपमेंट से जुड़े कार्यक्रमों की बढ़ती पहुंच के बीच राज्य से बड़ी संख्या में जॉब रेडी युवा सामने आ रहे हैं. इसके बाद महाराष्ट्र दूसरे और कर्नाटक तीसरे स्थान पर है. महाराष्ट्र में मुंबई और पुणे जैसे बड़े रोजगार केंद्र है, जहां फाइनेंस, मैन्युफैक्चरिंग और आईटी समेत कई क्षेत्रों में रोजगार के अवसर मौजूद हैं. वहीं कर्नाटक को टेक्नोलॉजी सेक्टर में मजबूत स्थिति का फायदा मिला है. बेंगलुरु में इंजीनियरिंग संस्थानों, स्टार्टअप और ग्लोबल टेक कंपनियों का बड़ा नेटवर्क है, जिससे राज्य में तकनीक और प्रोफेशनल स्किल वाले युवाओं के लिए अवसर बढ़े हैं.  यह देश के टॉप 10 एम्पलाॅय बल राज्य  उत्तर प्रदेश महाराष्ट्र  कर्नाटक  केरल  पंजाब  मध्य प्रदेश  पश्चिम बंगाल  राजस्थान  अरुणाचल प्रदेश  जम्मू कश्मीर  देश की रोजगार दर भी बढ़ी  रिपोर्ट के अनुसार भारत की ओवरऑल रोजगार दर 2025 के 54.81 फीसदी बढ़कर 2026 में 56.35 फीसदी हो गई है. यानी आबादी से ज्यादा युवा नौकरी के लिए जरूरी कौशल के लिहाज एम्पलाॅय बल माने जा रहे हैं. रिपोर्ट में रोजगार दर का आकलन, तकनीकी कौशल, कम्युनिकेशन, स्किल कॉग्निटिव एबिलिटी और संबंधित क्षेत्र की जानकारी जैसे कई पहलुओं के आधार पर किया गया है.  ये भी पढ़ें-DUSU Election Rules: DUSU चुनाव, इन 5 गलतियों पर रद्द हो सकता है नामांकन छोटे शहर बन रहे नए टैलेंट हब  रिपोर्ट में टियर-2 और टियर-3 शहरों की बढ़ती भूमिका पर भी ध्यान दिया गया है. इन शहरों में से देश के वर्कफोर्स में योगदान बढ़ रहा है. इससे रोजगार और टैलेंट के लिए केवल बड़े महानगरों पर निर्भरता कम होने के संकेत भी मिल रहे हैं. वहीं रोजगार के बदलते स्वरूप में टेक्नोलॉजी और एआई से जुड़ी स्किल की मांग भी लगातार बढ़ रही है. कंपनी अब केवल डिग्री और शैक्षणिक योग्यता के आधार पर उम्मीदवारों का चयन नहीं कर रही, बल्कि प्रैक्टिकल स्किल, डिजिटल नॉलेज, समस्या हल करने की क्षमता, कम्युनिकेशन, एडेप्टेबिलिटी और नई चीज सीखने की क्षमता को भी महत्व दिया जा रहा है. इस रिपोर्ट के अनुसार भारत के पास दुनिया के करीब 16 फीसदी एआई टैलेंट है और देश में 6 लाख से ज्यादा एआई प्रोफेशनल्स है. इन सेक्टर में रोजगार के ज्यादा अवसर  रिपोर्ट में टेक्नोलॉजी, बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस मैन्युफैक्चरिंग रिन्यूएबल एनर्जी और हेल्थकेयर को प्रमुख हायरिंग सेक्टर के तौर पर बताया गया है. इन क्षेत्र में बदलती तकनीक और इंडस्ट्री की जरूरत के हिसाब से स्किल्ड उम्मीदवारों की मांग बनी हुई है.  2030 तक 2.35 करोड़ हो सकती है गिग वर्कफोर्स  रिपोर्ट में भारत की गिग इकोनॉमी को लेकर भी अनुमान दिया गया है. इसके अनुसार देश की गिग वर्कफोर्स 2030 तक 2.35 करोड़ तक पहुंच सकती है. इससे रोजगार के पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ फ्लेक्सिबल और गैर-पारंपरिक काम के ऑप्शन की भूमिका भी बढ़ने की उम्मीद है. ये भी पढ़ें-झारखंड में CGL समेत कई परीक्षाएं रद्द, जानिए अब री-एग्जाम और नौकरी का क्या होगा?

Aug 19, 2026 - 16:30
 0
नौकरी देने में यूपी का दबदबा, महाराष्ट्र और कर्नाटक भी टॉप-3 में

India Skills Report 2026: भारत में युवाओं की रोजगार क्षमता में सुधार देखने को मिला है. इंडिया स्किल रिपोर्ट 2026 के अनुसार देश की कुल रोजगार बढ़ाकर 56.35 फीसदी हो गई, जो 2025 में 54.81 फीसदी थी. रिपोर्ट में राज्यवार आंकड़ों में उत्तर प्रदेश सबसे आगे रहा. इसके बाद महाराष्ट्र और कर्नाटक को जगह मिली. इस रिपोर्ट में देश के अलग-अलग राज्यों में युवाओं की जॉब रेडीनेस और बदलती रोजगार जरूरत की जानकारी दी गई है. 

सबसे ज्यादा एम्पलाॅयबल राज्य में यूपी नंबर वन 

इंडिया स्किल रिपोर्ट 2026 की रिपोर्ट के अनुसार राज्यवार आंकड़ों में उत्तर प्रदेश ने पहला स्थान हासिल किया है. बड़ी आबादी, हायर एजुकेशन और स्किल डेवलपमेंट से जुड़े कार्यक्रमों की बढ़ती पहुंच के बीच राज्य से बड़ी संख्या में जॉब रेडी युवा सामने आ रहे हैं. इसके बाद महाराष्ट्र दूसरे और कर्नाटक तीसरे स्थान पर है. महाराष्ट्र में मुंबई और पुणे जैसे बड़े रोजगार केंद्र है, जहां फाइनेंस, मैन्युफैक्चरिंग और आईटी समेत कई क्षेत्रों में रोजगार के अवसर मौजूद हैं. वहीं कर्नाटक को टेक्नोलॉजी सेक्टर में मजबूत स्थिति का फायदा मिला है. बेंगलुरु में इंजीनियरिंग संस्थानों, स्टार्टअप और ग्लोबल टेक कंपनियों का बड़ा नेटवर्क है, जिससे राज्य में तकनीक और प्रोफेशनल स्किल वाले युवाओं के लिए अवसर बढ़े हैं. 

यह देश के टॉप 10 एम्पलाॅय बल राज्य 

  1. उत्तर प्रदेश
  2. महाराष्ट्र 
  3. कर्नाटक 
  4. केरल 
  5. पंजाब 
  6. मध्य प्रदेश 
  7. पश्चिम बंगाल 
  8. राजस्थान 
  9. अरुणाचल प्रदेश 
  10. जम्मू कश्मीर 

देश की रोजगार दर भी बढ़ी 

रिपोर्ट के अनुसार भारत की ओवरऑल रोजगार दर 2025 के 54.81 फीसदी बढ़कर 2026 में 56.35 फीसदी हो गई है. यानी आबादी से ज्यादा युवा नौकरी के लिए जरूरी कौशल के लिहाज एम्पलाॅय बल माने जा रहे हैं. रिपोर्ट में रोजगार दर का आकलन, तकनीकी कौशल, कम्युनिकेशन, स्किल कॉग्निटिव एबिलिटी और संबंधित क्षेत्र की जानकारी जैसे कई पहलुओं के आधार पर किया गया है. 

ये भी पढ़ें-DUSU Election Rules: DUSU चुनाव, इन 5 गलतियों पर रद्द हो सकता है नामांकन

छोटे शहर बन रहे नए टैलेंट हब 

रिपोर्ट में टियर-2 और टियर-3 शहरों की बढ़ती भूमिका पर भी ध्यान दिया गया है. इन शहरों में से देश के वर्कफोर्स में योगदान बढ़ रहा है. इससे रोजगार और टैलेंट के लिए केवल बड़े महानगरों पर निर्भरता कम होने के संकेत भी मिल रहे हैं. वहीं रोजगार के बदलते स्वरूप में टेक्नोलॉजी और एआई से जुड़ी स्किल की मांग भी लगातार बढ़ रही है. कंपनी अब केवल डिग्री और शैक्षणिक योग्यता के आधार पर उम्मीदवारों का चयन नहीं कर रही, बल्कि प्रैक्टिकल स्किल, डिजिटल नॉलेज, समस्या हल करने की क्षमता, कम्युनिकेशन, एडेप्टेबिलिटी और नई चीज सीखने की क्षमता को भी महत्व दिया जा रहा है. इस रिपोर्ट के अनुसार भारत के पास दुनिया के करीब 16 फीसदी एआई टैलेंट है और देश में 6 लाख से ज्यादा एआई प्रोफेशनल्स है.

इन सेक्टर में रोजगार के ज्यादा अवसर 

रिपोर्ट में टेक्नोलॉजी, बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस मैन्युफैक्चरिंग रिन्यूएबल एनर्जी और हेल्थकेयर को प्रमुख हायरिंग सेक्टर के तौर पर बताया गया है. इन क्षेत्र में बदलती तकनीक और इंडस्ट्री की जरूरत के हिसाब से स्किल्ड उम्मीदवारों की मांग बनी हुई है. 

2030 तक 2.35 करोड़ हो सकती है गिग वर्कफोर्स 

रिपोर्ट में भारत की गिग इकोनॉमी को लेकर भी अनुमान दिया गया है. इसके अनुसार देश की गिग वर्कफोर्स 2030 तक 2.35 करोड़ तक पहुंच सकती है. इससे रोजगार के पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ फ्लेक्सिबल और गैर-पारंपरिक काम के ऑप्शन की भूमिका भी बढ़ने की उम्मीद है.

ये भी पढ़ें-झारखंड में CGL समेत कई परीक्षाएं रद्द, जानिए अब री-एग्जाम और नौकरी का क्या होगा?

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow