नाना पाटेकर ने किस कॉलेज से ली थी डिग्री, किन भाषाओं में थी महारत?
हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का निधन हो गया है. 75 साल की उम्र में आज 8 अक्टूबर की सुबह गोवा स्थित उनके घर पर कार्डियक अरेस्ट के बाद उनका निधन हो गया. उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां करीब 45 मिनट सीपीआर देने की कोशिश की गई, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका. नाना पाटेकर ने अपने लंबे फिल्मी करियर में अलग-अलग किरदार निभाए और हिंदी के साथ मराठी सिनेमा में भी खास पहचान बनाई. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि फिल्मों में आने से पहले नाना पाटेकर ने किस कॉलेज से पढ़ाई की थी और उन्हें किस भाषा में महारत हासिल थी. दरअसल नाना पाटेकर का असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था. उनकी शुरुआती पढ़ाई मुंबई के समर्थ विद्यालय से हुई थी. इसके बाद उन्होंने कला के क्षेत्र में आगे बढ़ने का फैसला किया और मुंबई के सर जे.जे. इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड आर्ट में एडमिशन लिया. वह इस संस्थान के चर्चित पूर्व छात्रों में शामिल रही हैं. यहां उन्होंने कमर्शियल आर्ट में डिप्लोमा किया. वहीं आर्ट की पढ़ाई के दौरान ही कला और थिएटर में उनकी दिलचस्पी रही. पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कुछ समय तक कमर्शियल आर्ट और विजुअलाइज के तौर पर काम किया. ऐसे में नाना पाटेकर की आधिकारिक शैक्षणिक पृष्ठभूमि किसी सामान्य ग्रेजुएशन डिग्री के बजाय आर्ट और डिजाइन से जुड़ी रही. पढ़ाई के बाद थिएटर और फिर फिल्मों का सफर कमर्शियल आर्ट की पढ़ाई पूरी करने के बाद नाना पाटेकर ने विज्ञापन से जुड़े काम किए. इसके बाद उनका रुझान थिएटर की तरफ बढ़ा और उन्होंने अभिनय की दुनिया में कदम रखा. थिएटर से होते हुए वह फिल्मों तक पहुंचे और 1978 में उनका फिल्मी सफर शुरू हुआ था. वहीं आगे चलकर उन्होंने हिंदी और मराठी दोनों भाषाओं की फिल्मों में काम किया. ये भी पढ़ें-MP हाई कोर्ट में निकली सीधी भर्ती, 418 पदों पर आज ही करें आवेदन किन भाषाओं में थी नाना की पकड़? नाना पाटेकर की पहचान मुख्य रूप से हिंदी और मराठी सिनेमा के अभिनेता के तौर पर रही. दोनों भाषाओं की फिल्मों और थिएटर में उन्होंने लंबे समय तक काम किया. यही वजह है कि उन्हें हिंदी के साथ-साथ मराठी दर्शकों के बीच भी पहचान मिली. विश्वनाथ से कैसे बने नाना पाटेकर? नाना पाटेकर के नाम से मशहूर इस अभिनेता का जन्म का नाम विश्वनाथ पाटेकर था. हालांकि बचपन से ही उन्हें घर और आसपास के लोग नाना कह कर बुलाने लगे थे. वहीं धीरे-धीरे यही नाम उनकी पहचान बन गया और बाद में उनके आधिकारिक दस्तावेजों में भी नाना पाटेकर का नाम दर्ज हो गया. ये भी पढ़ें-कहां फंसी UP 69 हजार शिक्षक भर्ती, बीएड डिग्री का क्या है मामला?
हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का निधन हो गया है. 75 साल की उम्र में आज 8 अक्टूबर की सुबह गोवा स्थित उनके घर पर कार्डियक अरेस्ट के बाद उनका निधन हो गया. उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां करीब 45 मिनट सीपीआर देने की कोशिश की गई, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका. नाना पाटेकर ने अपने लंबे फिल्मी करियर में अलग-अलग किरदार निभाए और हिंदी के साथ मराठी सिनेमा में भी खास पहचान बनाई. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि फिल्मों में आने से पहले नाना पाटेकर ने किस कॉलेज से पढ़ाई की थी और उन्हें किस भाषा में महारत हासिल थी.
दरअसल नाना पाटेकर का असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था. उनकी शुरुआती पढ़ाई मुंबई के समर्थ विद्यालय से हुई थी. इसके बाद उन्होंने कला के क्षेत्र में आगे बढ़ने का फैसला किया और मुंबई के सर जे.जे. इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड आर्ट में एडमिशन लिया. वह इस संस्थान के चर्चित पूर्व छात्रों में शामिल रही हैं. यहां उन्होंने कमर्शियल आर्ट में डिप्लोमा किया. वहीं आर्ट की पढ़ाई के दौरान ही कला और थिएटर में उनकी दिलचस्पी रही. पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कुछ समय तक कमर्शियल आर्ट और विजुअलाइज के तौर पर काम किया. ऐसे में नाना पाटेकर की आधिकारिक शैक्षणिक पृष्ठभूमि किसी सामान्य ग्रेजुएशन डिग्री के बजाय आर्ट और डिजाइन से जुड़ी रही.
पढ़ाई के बाद थिएटर और फिर फिल्मों का सफर
कमर्शियल आर्ट की पढ़ाई पूरी करने के बाद नाना पाटेकर ने विज्ञापन से जुड़े काम किए. इसके बाद उनका रुझान थिएटर की तरफ बढ़ा और उन्होंने अभिनय की दुनिया में कदम रखा. थिएटर से होते हुए वह फिल्मों तक पहुंचे और 1978 में उनका फिल्मी सफर शुरू हुआ था. वहीं आगे चलकर उन्होंने हिंदी और मराठी दोनों भाषाओं की फिल्मों में काम किया.
ये भी पढ़ें-MP हाई कोर्ट में निकली सीधी भर्ती, 418 पदों पर आज ही करें आवेदन
किन भाषाओं में थी नाना की पकड़?
नाना पाटेकर की पहचान मुख्य रूप से हिंदी और मराठी सिनेमा के अभिनेता के तौर पर रही. दोनों भाषाओं की फिल्मों और थिएटर में उन्होंने लंबे समय तक काम किया. यही वजह है कि उन्हें हिंदी के साथ-साथ मराठी दर्शकों के बीच भी पहचान मिली.
विश्वनाथ से कैसे बने नाना पाटेकर?
नाना पाटेकर के नाम से मशहूर इस अभिनेता का जन्म का नाम विश्वनाथ पाटेकर था. हालांकि बचपन से ही उन्हें घर और आसपास के लोग नाना कह कर बुलाने लगे थे. वहीं धीरे-धीरे यही नाम उनकी पहचान बन गया और बाद में उनके आधिकारिक दस्तावेजों में भी नाना पाटेकर का नाम दर्ज हो गया.
ये भी पढ़ें-कहां फंसी UP 69 हजार शिक्षक भर्ती, बीएड डिग्री का क्या है मामला?
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