नगर निकाय चुनावों में नामांकन जांच पूरी, 19,608 उम्मीदवार मैदान में, 3 फरवरी को होगी असली कसरत
तेलंगाना में राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) ने नगर निकाय चुनावों को लेकर नामांकन प्रक्रिया की कड़ी चक्की यानी स्क्रूटिनी को अंतिम रूप दे दिया है. इस प्रक्रिया के पूरा होते ही चुनावी मैदान में बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के उतरने की तस्वीर साफ हो गई है. चुनावी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि विभिन्न वार्डों और शहर के संगठन से अब तक कुल 19,608 उम्मीदवार चुनावी मैदान में डटे हुए हैं. चुनाव आयोग ने साफ किया है कि नाम वापसी (Withdrawal) की प्रक्रिया अभी जारी है और उम्मीदवारों के पास इस महीने की 3 तारीख तक अपना नाम वापस लेने का अवसर है. चुनाव आयोग के अनुसार, स्क्रूटिनी के दौरान हर नामांकन पत्र की गहराई से जांच की गई. इस दौरान दस्तावेजों में कमियां रखने वाले कई नामांकनों को खारिज कर दिया गया, जबकि कुछ को सुधार का मौका दिया गया. हर वार्ड से दर्जनों दावेदार मैदान मेंचुनाव आयोग ने बताया कि 19,000 से अधिक का यह आंकड़ा दर्शाता है कि स्थानीय निकाय चुनावों के लिए जनता में काफी उत्साह है और हर वार्ड से दर्जनों दावेदार मैदान में हैं. यह संख्या पिछले चुनावों की तुलना में काफी अधिक मानी जा रही है, जिससे राजनीतिक दलों के सामने भी चुनौतियां बढ़ गई हैं. पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. 3 तारीख को नाम वापसी की समय सीमा समाप्त होते ही आयोग अंतिम रूप से चुनावी मैदान में बचे उम्मीदवारों की सूची को आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन प्रकाशित करेगा. इससे मतदाताओं को अपने क्षेत्र के उम्मीदवारों की जानकारी आसानी से मिल सकेगी. अब सभी की निगाहें 3 तारीख पर टिकी हैं. यह दिन इसलिए अहम है क्योंकि इस दिन कई बागी और कमजोर उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकते हैं, जिससे मुकाबला सीधा और रोचक हो जाएगा. राजनीतिक पंडितों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में उम्मीदवार होने के बाद वोटों का ध्रुवीकरण काफी दिलचस्प होगा और बहुमत का आंकड़ा पाना पार्टियों के लिए आसान नहीं होगा. ये भी पढ़ें Telangana Politics: फोन टैपिंग केस में KCR से SIT की 4 घंटे लंबी पूछताछ, घर के बाहर उमड़ा समर्थकों का सैलाब
तेलंगाना में राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) ने नगर निकाय चुनावों को लेकर नामांकन प्रक्रिया की कड़ी चक्की यानी स्क्रूटिनी को अंतिम रूप दे दिया है. इस प्रक्रिया के पूरा होते ही चुनावी मैदान में बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के उतरने की तस्वीर साफ हो गई है. चुनावी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि विभिन्न वार्डों और शहर के संगठन से अब तक कुल 19,608 उम्मीदवार चुनावी मैदान में डटे हुए हैं.
चुनाव आयोग ने साफ किया है कि नाम वापसी (Withdrawal) की प्रक्रिया अभी जारी है और उम्मीदवारों के पास इस महीने की 3 तारीख तक अपना नाम वापस लेने का अवसर है. चुनाव आयोग के अनुसार, स्क्रूटिनी के दौरान हर नामांकन पत्र की गहराई से जांच की गई. इस दौरान दस्तावेजों में कमियां रखने वाले कई नामांकनों को खारिज कर दिया गया, जबकि कुछ को सुधार का मौका दिया गया.
हर वार्ड से दर्जनों दावेदार मैदान में
चुनाव आयोग ने बताया कि 19,000 से अधिक का यह आंकड़ा दर्शाता है कि स्थानीय निकाय चुनावों के लिए जनता में काफी उत्साह है और हर वार्ड से दर्जनों दावेदार मैदान में हैं. यह संख्या पिछले चुनावों की तुलना में काफी अधिक मानी जा रही है, जिससे राजनीतिक दलों के सामने भी चुनौतियां बढ़ गई हैं.
पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. 3 तारीख को नाम वापसी की समय सीमा समाप्त होते ही आयोग अंतिम रूप से चुनावी मैदान में बचे उम्मीदवारों की सूची को आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन प्रकाशित करेगा. इससे मतदाताओं को अपने क्षेत्र के उम्मीदवारों की जानकारी आसानी से मिल सकेगी.
अब सभी की निगाहें 3 तारीख पर टिकी हैं. यह दिन इसलिए अहम है क्योंकि इस दिन कई बागी और कमजोर उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकते हैं, जिससे मुकाबला सीधा और रोचक हो जाएगा. राजनीतिक पंडितों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में उम्मीदवार होने के बाद वोटों का ध्रुवीकरण काफी दिलचस्प होगा और बहुमत का आंकड़ा पाना पार्टियों के लिए आसान नहीं होगा.
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