देश में पहली बार बनने जा रही ट्विन-ट्यूब अंडरवाटर टनल, घंटों के सफर में लगेंगे चंद मिनट, मोदी कैबिनेट ने दी हरी झंडी
मोदी कैबिनेट ने आज शनिवार (14 फरवरी) को असम में ब्रह्रापुत्र नदी के नीचे गोहपुर और नुमालीगढ़ के बीच रेल एवं सड़क टनल बनाने को मंजूरी दे दी है. अंडरवाटर ट्विन ट्यूब रोड टनल बनने से 240 किमी की दूरी सिर्फ 34 किमी की रह जाएगी. ब्रह्रापुत्र नदी के नीचे 15.8 किमी की टनल बनाई जाएगी. देश में पहली बार ट्विन-ट्यूब अंडरवाटर टनल बनने जा रही है. इस टनल में गाड़ियों और ट्रेनों दोनों के चलने की सुविधा होगी. इससे किसी भी इमरजेंसी की स्थिति में सेना और गोला-बारूद की तेजी से आवाजाही हो सकेगी. एक ट्यूब में सिंगल रेल ट्रैक की सुविधा होगी. कैसा होगा टनल का डिजाइनजानकारों के मुताबिक, इसे इस तरह से डिजाइन किया जाएगा कि जब इस टनल से ट्रेनें गुजरेंगी तो कोई गाड़ी नहीं चल पाएगी. इसमें बैलिस्टिक ट्रैक होगा और ट्रेनें बिजली से चलेंगी. टनल, अप्रोच रोड और रेलवे ट्रैक सहित 33.7 किलोमीटर के पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 18,600 करोड़ रुपये का खर्च आएगा. इस प्रोजेक्ट का खर्च सड़क परिवहन, रेलवे और रक्षा मंत्रालय मिलकर उठाएंगे. घंटों के सफर में अब लगेंगे चंद मिनटबता दें कि 2 लेन वाली 2 यूनिडायरेक्शनल सुरंगों के तौर पर डिजाइन की गई ये सुरंगें ब्रह्मपुत्र के सबसे गहरे तल से 32 मीटर नीचे बनाई जाएंगी. ये प्रोजेक्ट 5 साल में पूरा होने की उम्मीद है. इसके बन जाने के बाद गोहपुर और नुमालीगढ़ के बीच यात्रा का समय साढ़े छह घंटे से घटकर सिर्फ 34 मिनट रह जाएगा. इससे दूरी 240 किलोमीटर से घटकर मात्र 34 किमी हो जाएगी. नॉर्थ ईस्ट को बड़ा तोहफाइस अंडरवाटर टनल के बन जाने के बाद अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और अन्य नॉर्थ ईस्ट राज्यों से कनेक्टिविटी बेहतर होगी. बता दें कि पिछले साल वित्त मंत्रालय ने सड़क परिवहन मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय द्वारा 80:20 फंडिंग के प्रावधान के साथ लगभग 14,900 करोड़ रुपये की लागत वाली सुरंग को हरी झंडी दी थी. ये भी पढ़ें 'ये बात देश से छुपाई क्यों गई...', भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर सरकार से राहुल गांधी ने क्या पूछा सवाल
मोदी कैबिनेट ने आज शनिवार (14 फरवरी) को असम में ब्रह्रापुत्र नदी के नीचे गोहपुर और नुमालीगढ़ के बीच रेल एवं सड़क टनल बनाने को मंजूरी दे दी है. अंडरवाटर ट्विन ट्यूब रोड टनल बनने से 240 किमी की दूरी सिर्फ 34 किमी की रह जाएगी. ब्रह्रापुत्र नदी के नीचे 15.8 किमी की टनल बनाई जाएगी.
देश में पहली बार ट्विन-ट्यूब अंडरवाटर टनल बनने जा रही है. इस टनल में गाड़ियों और ट्रेनों दोनों के चलने की सुविधा होगी. इससे किसी भी इमरजेंसी की स्थिति में सेना और गोला-बारूद की तेजी से आवाजाही हो सकेगी. एक ट्यूब में सिंगल रेल ट्रैक की सुविधा होगी.
कैसा होगा टनल का डिजाइन
जानकारों के मुताबिक, इसे इस तरह से डिजाइन किया जाएगा कि जब इस टनल से ट्रेनें गुजरेंगी तो कोई गाड़ी नहीं चल पाएगी. इसमें बैलिस्टिक ट्रैक होगा और ट्रेनें बिजली से चलेंगी. टनल, अप्रोच रोड और रेलवे ट्रैक सहित 33.7 किलोमीटर के पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 18,600 करोड़ रुपये का खर्च आएगा. इस प्रोजेक्ट का खर्च सड़क परिवहन, रेलवे और रक्षा मंत्रालय मिलकर उठाएंगे.
घंटों के सफर में अब लगेंगे चंद मिनट
बता दें कि 2 लेन वाली 2 यूनिडायरेक्शनल सुरंगों के तौर पर डिजाइन की गई ये सुरंगें ब्रह्मपुत्र के सबसे गहरे तल से 32 मीटर नीचे बनाई जाएंगी. ये प्रोजेक्ट 5 साल में पूरा होने की उम्मीद है. इसके बन जाने के बाद गोहपुर और नुमालीगढ़ के बीच यात्रा का समय साढ़े छह घंटे से घटकर सिर्फ 34 मिनट रह जाएगा. इससे दूरी 240 किलोमीटर से घटकर मात्र 34 किमी हो जाएगी.
नॉर्थ ईस्ट को बड़ा तोहफा
इस अंडरवाटर टनल के बन जाने के बाद अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और अन्य नॉर्थ ईस्ट राज्यों से कनेक्टिविटी बेहतर होगी. बता दें कि पिछले साल वित्त मंत्रालय ने सड़क परिवहन मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय द्वारा 80:20 फंडिंग के प्रावधान के साथ लगभग 14,900 करोड़ रुपये की लागत वाली सुरंग को हरी झंडी दी थी.
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