दिमाग के कीड़ों से बच्चों को कैसे पड़ते हैं दौरे? डॉक्टर से समझें खतरा और बचने के तरीके

जब भी बच्चों को दौरे पड़ते थे, तो डॉक्टर इस दौरे पड़ने का कारण बुखार, मिर्गी और परिवार में किसी अन्य सदस्य को भी इसी समस्या का होना, जिसे हम पारिवारिक इतिहास भी कहते हैं. दौरे पड़ने के कारणों में इन सभी दिक्कतों को शामिल किया जाता था. लेकिन हाल ही में आई कई रिपोर्ट्स के अनुसार, बच्चों को दौरे पड़ना नर्वस सिस्टम या नसों के तंत्र में संक्रमण या किसी इंफेक्शन की वजह से नहीं, बल्कि दिमाग में कीड़ों की उपस्थिति की वजह से होता है. न्यूरोलॉजिस्ट की मानें, तो जब बच्चों में दौरे पड़ने के कारणों की जांच की गई और उनके दिमाग का स्कैन किया गया, तो दौरे पड़ने की मुख्य वजह पैरासाइटिक इंफेक्शन या दिमाग में मौजूद कीड़े पाए गए. इसके बारे में जानना हर किसी के लिए जरूरी है कि कैसे पैरासाइटिक इंफेक्शन बच्चों में दौरे पड़ने का मुख्य कारण बन रहा है. न्यूरोसिस्टिकोसिस क्या है? दिमाग में पैरासाइटिक इंफेक्शन की मुख्य वजह न्यूरोसिस्टिकोसिस नाम की स्थिति है. यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें हमारे दिमाग में सूअर के फीताकृमि, जिन्हें हम पोर्क टैपवार्म भी कहते हैं, उनके अंडों के कारण यह समस्या होती है. ये अंडे कहीं भी हो सकते हैं, जैसे मिट्टी में, गंदे खाने में या किसी पत्तेदार सब्जियों के बीच में. इनके सेवन से ये अंडे हमारे खून के माध्यम से सीधे दिमाग में चले जाते हैं और वहां जम जाते हैं. ध्यान देने वाली बात यह है कि ये कीड़े नहीं होते, बल्कि उनके अंडे होते हैं. दिमाग में सूजन और दौरे का संबंध न्यूरोसिस्टिकोसिस में दौरे पड़ने का सबसे बड़ा कारण यह है कि दिमाग इन अंडों से बचने के लिए कई तरह की प्रतिक्रिया करता है. जब ये अंडे दिमाग में पहुंच जाते हैं, तो हमारा शरीर उनके चारों तरफ सूजन पैदा कर देता है, ताकि बाहरी खतरों को एक जगह रोका जा सके. इसी सूजन की वजह से हमारे दिमाग की कोशिकाओं के बिजली के सिग्नल यानी इलेक्ट्रिकल सिग्नल में गड़बड़ी पैदा हो जाती है, जो दौरे पड़ने का कारण बनती है. जैसे-जैसे यह अंडा दिमाग में सड़ना शुरू करता है, वैसे-वैसे कई तरह की दिक्कतें होने लगती हैं, जिनमें सिरदर्द और दौरे पड़ना शामिल है. पैरासाइटिक इंफेक्शन से बचाव के उपाय न्यूरोसिस्टिकोसिस से बचाव के लिए कई तरह के उपाय किए जा सकते हैं, जिससे ये अंडे हमारे दिमाग तक न पहुंचें. ये अंडे इतने छोटे आकार के होते हैं कि शरीर के एसिड से भी इन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता. इनकी शरीर में एंट्री रोकने के लिए सावधानी जरूरी है. खाने को अच्छी तरह से उबालकर खाएं, जिससे ये अंडे मर जाते हैं. सभी सब्जियों और पत्तेदार सब्जियों को अच्छे से धोएं. अगर पेट में कीड़े हैं, तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें. अपने आसपास साफ-सफाई रखें. खुले में शौच न करें. खाने को अच्छी तरह से पकाकर ही सेवन करें. यह भी पढ़ें: डायबिटीज से बचने के लिए बार-बार शुगर फ्री लेते हैं आप, जानें यह कैसे बर्बाद करता है लिवर? Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Jan 1, 2026 - 17:30
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दिमाग के कीड़ों से बच्चों को कैसे पड़ते हैं दौरे? डॉक्टर से समझें खतरा और बचने के तरीके

जब भी बच्चों को दौरे पड़ते थे, तो डॉक्टर इस दौरे पड़ने का कारण बुखार, मिर्गी और परिवार में किसी अन्य सदस्य को भी इसी समस्या का होना, जिसे हम पारिवारिक इतिहास भी कहते हैं. दौरे पड़ने के कारणों में इन सभी दिक्कतों को शामिल किया जाता था. लेकिन हाल ही में आई कई रिपोर्ट्स के अनुसार, बच्चों को दौरे पड़ना नर्वस सिस्टम या नसों के तंत्र में संक्रमण या किसी इंफेक्शन की वजह से नहीं, बल्कि दिमाग में कीड़ों की उपस्थिति की वजह से होता है.

न्यूरोलॉजिस्ट की मानें, तो जब बच्चों में दौरे पड़ने के कारणों की जांच की गई और उनके दिमाग का स्कैन किया गया, तो दौरे पड़ने की मुख्य वजह पैरासाइटिक इंफेक्शन या दिमाग में मौजूद कीड़े पाए गए. इसके बारे में जानना हर किसी के लिए जरूरी है कि कैसे पैरासाइटिक इंफेक्शन बच्चों में दौरे पड़ने का मुख्य कारण बन रहा है.

न्यूरोसिस्टिकोसिस क्या है?

दिमाग में पैरासाइटिक इंफेक्शन की मुख्य वजह न्यूरोसिस्टिकोसिस नाम की स्थिति है. यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें हमारे दिमाग में सूअर के फीताकृमि, जिन्हें हम पोर्क टैपवार्म भी कहते हैं, उनके अंडों के कारण यह समस्या होती है. ये अंडे कहीं भी हो सकते हैं, जैसे मिट्टी में, गंदे खाने में या किसी पत्तेदार सब्जियों के बीच में. इनके सेवन से ये अंडे हमारे खून के माध्यम से सीधे दिमाग में चले जाते हैं और वहां जम जाते हैं. ध्यान देने वाली बात यह है कि ये कीड़े नहीं होते, बल्कि उनके अंडे होते हैं.

दिमाग में सूजन और दौरे का संबंध

न्यूरोसिस्टिकोसिस में दौरे पड़ने का सबसे बड़ा कारण यह है कि दिमाग इन अंडों से बचने के लिए कई तरह की प्रतिक्रिया करता है. जब ये अंडे दिमाग में पहुंच जाते हैं, तो हमारा शरीर उनके चारों तरफ सूजन पैदा कर देता है, ताकि बाहरी खतरों को एक जगह रोका जा सके. इसी सूजन की वजह से हमारे दिमाग की कोशिकाओं के बिजली के सिग्नल यानी इलेक्ट्रिकल सिग्नल में गड़बड़ी पैदा हो जाती है, जो दौरे पड़ने का कारण बनती है. जैसे-जैसे यह अंडा दिमाग में सड़ना शुरू करता है, वैसे-वैसे कई तरह की दिक्कतें होने लगती हैं, जिनमें सिरदर्द और दौरे पड़ना शामिल है.

पैरासाइटिक इंफेक्शन से बचाव के उपाय

न्यूरोसिस्टिकोसिस से बचाव के लिए कई तरह के उपाय किए जा सकते हैं, जिससे ये अंडे हमारे दिमाग तक न पहुंचें. ये अंडे इतने छोटे आकार के होते हैं कि शरीर के एसिड से भी इन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता. इनकी शरीर में एंट्री रोकने के लिए सावधानी जरूरी है.

  • खाने को अच्छी तरह से उबालकर खाएं, जिससे ये अंडे मर जाते हैं.
  • सभी सब्जियों और पत्तेदार सब्जियों को अच्छे से धोएं.
  • अगर पेट में कीड़े हैं, तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें.
  • अपने आसपास साफ-सफाई रखें.
  • खुले में शौच न करें.
  • खाने को अच्छी तरह से पकाकर ही सेवन करें.

यह भी पढ़ें: डायबिटीज से बचने के लिए बार-बार शुगर फ्री लेते हैं आप, जानें यह कैसे बर्बाद करता है लिवर?

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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