तेलंगाना में OBC आरक्षण पर हाई कोर्ट के स्टे से कांग्रेस नाखुश, सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी
तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (TPCC) के अध्यक्ष बी. महेश कुमार गौड़ ने मंगलवार (14 अक्टूबर, 2025) को सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी से मुलाकात की. यह बैठक तेलंगाना हाईकोर्ट की ओर से स्थानीय निकाय चुनावों में पिछड़े वर्गों (OBC) के लिए 42 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने वाले सरकारी आदेश (जीओ) नंबर 9 पर लगाए गए स्टे के खिलाफ कानूनी रणनीति तैयार करने के उद्देश्य से आयोजित की गई. तेलंगाना सरकार ने हाल ही में जारी किए गए जीओ 9 के माध्यम से स्थानीय निकाय चुनावों में OBC समुदायों के लिए आरक्षण को 42 प्रतिशत तक बढ़ाने का फैसला किया था. यह कदम राज्य सरकार की ओर से कराए गए जाति जनगणना और OBC आयोग की सिफारिशों पर आधारित था, जो सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप बताया जा रहा है. HC के फैसले को लेकर SC में अपील की योजना हाई कोर्ट ने 9 अक्टूबर को इस जीओ पर अंतरिम स्टे लगा दिया, जिसमें कहा गया कि यह 50 प्रतिशत आरक्षण की ऊपरी सीमा का उल्लंघन करता है. कोर्ट ने पुराने आरक्षण पैटर्न के तहत चुनाव आयोजित करने की अनुमति दी, लेकिन नया पैटर्न लागू करने से चुनाव में देरी हो सकती है. टीपीसीसी अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ ने सोमवार (13 अक्टूबर, 2025) को ही ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से भी मुलाकात की, जहां उन्होंने हाईकोर्ट के फैसले और सुप्रीम कोर्ट में अपील की योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी. कांग्रेस OBC आरक्षण के प्रति पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध कांग्रेस पार्टी ने फैसला किया है कि वह राज्य सरकार की विशेष अनुमति याचिका (SLP) में हस्तक्षेप करेगी. गौड़ ने कहा, 'कांग्रेस सरकार OBC आरक्षण के प्रति पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है. हम 42 प्रतिशत कोटा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कानूनी कदम उठाएंगे. यह सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कदम है.' मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने शुक्रवार रात को आयोजित वर्चुअल बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की, जिसमें उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क, OBC कल्याण मंत्री पोंनम प्रभाकर, AICC तेलंगाना प्रभारी मीनाक्षी नटराजन और अभिषेक मनु सिंघवी शामिल थे. बैठक में यह तय किया गया कि सोमवार को ही सुप्रीम कोर्ट में SLP दाखिल की जाएगी. मंत्री पोंनम प्रभाकर और वकटी श्रीहरि भी दिल्ली में कानूनी विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श कर रहे हैं. OBC उम्मीदवारों को टिकट वितरण में 42 प्रतिशत कोटा राज्य सरकार का कहना है कि जीओ 9 को तैयार करने से पहले सभी वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन किया गया था, जिसमें सुप्रीम कोर्ट की ओर से निर्धारित जाति आयोग की सिफारिशें और जनगणना डेटा शामिल हैं. यदि सुप्रीम कोर्ट से सकारात्मक फैसला न मिला तो पार्टी OBC उम्मीदवारों को टिकट वितरण में 42 प्रतिशत कोटा लागू करने का वादा कर चुकी है. यह विवाद तेलंगाना में स्थानीय निकाय चुनावों की समयसीमा को प्रभावित कर सकता है, जो अगले महीने होने वाले हैं. OBC समुदायों ने इस आरक्षण को सामाजिक सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण कदम बताते हुए सरकार के समर्थन में प्रदर्शन भी किए हैं. कांग्रेस नेतृत्व ने OBC नेताओं से हाईकोर्ट में समर्थन याचिकाएं दाखिल करने का आह्वान किया है. कांग्रेस के इस कदम से राज्य की राजनीति में नया मोड़ आ सकता है, जहां आरक्षण मुद्दा लंबे समय से संवेदनशील रहा है. सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं. ये भी पढ़ें:- खौफ़नाक... महिला ने पहले अपने 2 मासूम बच्चों का गला घोटा, फिर छत से कूदकर कर ली आत्महत्या
तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (TPCC) के अध्यक्ष बी. महेश कुमार गौड़ ने मंगलवार (14 अक्टूबर, 2025) को सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी से मुलाकात की. यह बैठक तेलंगाना हाईकोर्ट की ओर से स्थानीय निकाय चुनावों में पिछड़े वर्गों (OBC) के लिए 42 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने वाले सरकारी आदेश (जीओ) नंबर 9 पर लगाए गए स्टे के खिलाफ कानूनी रणनीति तैयार करने के उद्देश्य से आयोजित की गई.
तेलंगाना सरकार ने हाल ही में जारी किए गए जीओ 9 के माध्यम से स्थानीय निकाय चुनावों में OBC समुदायों के लिए आरक्षण को 42 प्रतिशत तक बढ़ाने का फैसला किया था. यह कदम राज्य सरकार की ओर से कराए गए जाति जनगणना और OBC आयोग की सिफारिशों पर आधारित था, जो सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप बताया जा रहा है.
HC के फैसले को लेकर SC में अपील की योजना
हाई कोर्ट ने 9 अक्टूबर को इस जीओ पर अंतरिम स्टे लगा दिया, जिसमें कहा गया कि यह 50 प्रतिशत आरक्षण की ऊपरी सीमा का उल्लंघन करता है. कोर्ट ने पुराने आरक्षण पैटर्न के तहत चुनाव आयोजित करने की अनुमति दी, लेकिन नया पैटर्न लागू करने से चुनाव में देरी हो सकती है.
टीपीसीसी अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ ने सोमवार (13 अक्टूबर, 2025) को ही ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से भी मुलाकात की, जहां उन्होंने हाईकोर्ट के फैसले और सुप्रीम कोर्ट में अपील की योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी.
कांग्रेस OBC आरक्षण के प्रति पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध
कांग्रेस पार्टी ने फैसला किया है कि वह राज्य सरकार की विशेष अनुमति याचिका (SLP) में हस्तक्षेप करेगी. गौड़ ने कहा, 'कांग्रेस सरकार OBC आरक्षण के प्रति पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है. हम 42 प्रतिशत कोटा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कानूनी कदम उठाएंगे. यह सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कदम है.'
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने शुक्रवार रात को आयोजित वर्चुअल बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की, जिसमें उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क, OBC कल्याण मंत्री पोंनम प्रभाकर, AICC तेलंगाना प्रभारी मीनाक्षी नटराजन और अभिषेक मनु सिंघवी शामिल थे. बैठक में यह तय किया गया कि सोमवार को ही सुप्रीम कोर्ट में SLP दाखिल की जाएगी. मंत्री पोंनम प्रभाकर और वकटी श्रीहरि भी दिल्ली में कानूनी विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श कर रहे हैं.
OBC उम्मीदवारों को टिकट वितरण में 42 प्रतिशत कोटा
राज्य सरकार का कहना है कि जीओ 9 को तैयार करने से पहले सभी वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन किया गया था, जिसमें सुप्रीम कोर्ट की ओर से निर्धारित जाति आयोग की सिफारिशें और जनगणना डेटा शामिल हैं. यदि सुप्रीम कोर्ट से सकारात्मक फैसला न मिला तो पार्टी OBC उम्मीदवारों को टिकट वितरण में 42 प्रतिशत कोटा लागू करने का वादा कर चुकी है. यह विवाद तेलंगाना में स्थानीय निकाय चुनावों की समयसीमा को प्रभावित कर सकता है, जो अगले महीने होने वाले हैं.
OBC समुदायों ने इस आरक्षण को सामाजिक सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण कदम बताते हुए सरकार के समर्थन में प्रदर्शन भी किए हैं. कांग्रेस नेतृत्व ने OBC नेताओं से हाईकोर्ट में समर्थन याचिकाएं दाखिल करने का आह्वान किया है. कांग्रेस के इस कदम से राज्य की राजनीति में नया मोड़ आ सकता है, जहां आरक्षण मुद्दा लंबे समय से संवेदनशील रहा है. सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं.
ये भी पढ़ें:- खौफ़नाक... महिला ने पहले अपने 2 मासूम बच्चों का गला घोटा, फिर छत से कूदकर कर ली आत्महत्या
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