तुर्किए से भारत लाया गया ड्रग किंगपिन नवप्रीत सिंह, गृहमंत्री अमित शाह ने क्या-क्या बताया
भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी सिंडिकेट के सरगना नवप्रीत सिंह को तुर्किये से भारत वापस लाने में सफलता हासिल की है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि भारतीय एजेंसियों ने फर्जी पहचान और तुर्किये की नागरिकता का इस्तेमाल कर रहे नवप्रीत सिंह को ट्रैक किया और उसकी वास्तविक पहचान का पता लगाने के बाद उसे भारत लाया गया. उस पर ड्रग तस्करी समेत कई आपराधिक मामलों में कार्रवाई की जा रही है. गृहमंत्री अमित शाह के मुताबिक, नवप्रीत सिंह ने नवाब वीरक नाम की फर्जी पहचान के जरिए तुर्किये की नागरिकता हासिल की थी. आरोप है कि इसके बाद भी वह अफगानिस्तान से भारत में हेरोइन और मेथामफेटामाइन की तस्करी करता रहा. भारतीय एजेंसियों ने उसकी तलाश के दौरान उसकी असली पहचान का पता लगाया और इसके बाद उसे तुर्किये से भारत वापस लाया गया. भारत पहुंचने के बाद उसे ड्रग तस्करी और अन्य कथित अपराधों से जुड़े मामलों में हिरासत में रखा गया है. Modi govt has achieved a historic milestone by securing the deportation of hardened narco-trafficking kingpin Navpreet Singh from Türkiye.Obtaining Turkish citizenship under the fake identity of Navab Virk, he had continued to smuggle heroin and methamphetamine to India from… — Amit Shah (@AmitShah) October 3, 2026 2021 की जांच में सामने आया था नाम नवप्रीत सिंह उर्फ नव का नाम भारत, अफगानिस्तान और तुर्किये के बीच चल रहे एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क की जांच के दौरान सामने आया था. जांच अधिकारियों के मुताबिक, वह तुर्किये से इस नेटवर्क को संचालित करने वाला मुख्य व्यक्ति था. उसका चचेरा भाई प्रभारदीप सिंह भारत में नेटवर्क की गतिविधियों को संभालने वाली अहम कड़ी बताया गया था. इस मामले की जांच 2021 में दक्षिणी दिल्ली से रिजवान कश्मीरी की गिरफ्तारी के बाद शुरू हुई थी. पूछताछ के दौरान कथित तौर पर एक बड़े नेटवर्क के बारे में जानकारी मिली, जिसके तार दिल्ली के अलावा पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश और अफगानिस्तान से जुड़े बताए गए. इसके बाद फरीदाबाद में कार्रवाई कर बड़ी मात्रा में हेरोइन बरामद की गई. जांच के दौरान एक वाहन से 166 किलोग्राम और दूसरे वाहन से 115 किलोग्राम हेरोइन बरामद होने की जानकारी सामने आई थी. अन्य ठिकानों से भी नशीले पदार्थों की बरामदगी हुई थी. अजरबैजान से भी वापस लाया गया था प्रभारदीप इस अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क की जांच में नवप्रीत सिंह के चचेरे भाई प्रभारदीप सिंह का नाम भी सामने आया था. उसे नेटवर्क में भारत के स्तर पर संचालन की महत्वपूर्ण कड़ी बताया गया था. मई 2026 में भारतीय एजेंसियां उसे अजरबैजान से वापस भारत लेकर आई थीं. प्रभारदीप सिंह को अजरबैजान की राजधानी बाकू से भारत लाने के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और दिल्ली पुलिस ने मिलकर कार्रवाई की थी. उसके खिलाफ इंटरपोल रेड नोटिस भी जारी किया गया था. अजरबैजान में गिरफ्तारी के बाद भारत ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसके प्रत्यर्पण की कार्रवाई की. यह भी पढ़ेंः अभिजीत दीपके ने सहयोग के लिए मुंबई पुलिस को कहा थैंक्यू, 'दिल्ली पुलिस कुछ...'
भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी सिंडिकेट के सरगना नवप्रीत सिंह को तुर्किये से भारत वापस लाने में सफलता हासिल की है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि भारतीय एजेंसियों ने फर्जी पहचान और तुर्किये की नागरिकता का इस्तेमाल कर रहे नवप्रीत सिंह को ट्रैक किया और उसकी वास्तविक पहचान का पता लगाने के बाद उसे भारत लाया गया. उस पर ड्रग तस्करी समेत कई आपराधिक मामलों में कार्रवाई की जा रही है.
गृहमंत्री अमित शाह के मुताबिक, नवप्रीत सिंह ने नवाब वीरक नाम की फर्जी पहचान के जरिए तुर्किये की नागरिकता हासिल की थी. आरोप है कि इसके बाद भी वह अफगानिस्तान से भारत में हेरोइन और मेथामफेटामाइन की तस्करी करता रहा. भारतीय एजेंसियों ने उसकी तलाश के दौरान उसकी असली पहचान का पता लगाया और इसके बाद उसे तुर्किये से भारत वापस लाया गया. भारत पहुंचने के बाद उसे ड्रग तस्करी और अन्य कथित अपराधों से जुड़े मामलों में हिरासत में रखा गया है.
Modi govt has achieved a historic milestone by securing the deportation of hardened narco-trafficking kingpin Navpreet Singh from Türkiye.
Obtaining Turkish citizenship under the fake identity of Navab Virk, he had continued to smuggle heroin and methamphetamine to India from… — Amit Shah (@AmitShah) October 3, 2026
2021 की जांच में सामने आया था नाम
नवप्रीत सिंह उर्फ नव का नाम भारत, अफगानिस्तान और तुर्किये के बीच चल रहे एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क की जांच के दौरान सामने आया था. जांच अधिकारियों के मुताबिक, वह तुर्किये से इस नेटवर्क को संचालित करने वाला मुख्य व्यक्ति था. उसका चचेरा भाई प्रभारदीप सिंह भारत में नेटवर्क की गतिविधियों को संभालने वाली अहम कड़ी बताया गया था.
इस मामले की जांच 2021 में दक्षिणी दिल्ली से रिजवान कश्मीरी की गिरफ्तारी के बाद शुरू हुई थी. पूछताछ के दौरान कथित तौर पर एक बड़े नेटवर्क के बारे में जानकारी मिली, जिसके तार दिल्ली के अलावा पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश और अफगानिस्तान से जुड़े बताए गए. इसके बाद फरीदाबाद में कार्रवाई कर बड़ी मात्रा में हेरोइन बरामद की गई. जांच के दौरान एक वाहन से 166 किलोग्राम और दूसरे वाहन से 115 किलोग्राम हेरोइन बरामद होने की जानकारी सामने आई थी. अन्य ठिकानों से भी नशीले पदार्थों की बरामदगी हुई थी.
अजरबैजान से भी वापस लाया गया था प्रभारदीप
इस अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क की जांच में नवप्रीत सिंह के चचेरे भाई प्रभारदीप सिंह का नाम भी सामने आया था. उसे नेटवर्क में भारत के स्तर पर संचालन की महत्वपूर्ण कड़ी बताया गया था. मई 2026 में भारतीय एजेंसियां उसे अजरबैजान से वापस भारत लेकर आई थीं. प्रभारदीप सिंह को अजरबैजान की राजधानी बाकू से भारत लाने के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और दिल्ली पुलिस ने मिलकर कार्रवाई की थी. उसके खिलाफ इंटरपोल रेड नोटिस भी जारी किया गया था. अजरबैजान में गिरफ्तारी के बाद भारत ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसके प्रत्यर्पण की कार्रवाई की.
यह भी पढ़ेंः अभिजीत दीपके ने सहयोग के लिए मुंबई पुलिस को कहा थैंक्यू, 'दिल्ली पुलिस कुछ...'
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