तनाव के बीच कच्चे तेल पर भारत सरकार का बड़ा अपडेट, अभी नहीं बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल और LPG के दाम

Petrol & Diesel Price Today: ईरान पर हमले के बाद जैसे ही वेस्ट एशिया में तनाव बढ़ा, संभावित पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर लोगों की चिंताएं बढ़ गईं. हालांकि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के बावजूद देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों पर अब तक इसका असर नहीं पड़ा है. भारत सरकार ने कहा कि अब वे सिर्फ कतर के ऊपर गैस के भरोसे नहीं है, बल्कि नए बाजार की तलाश की जा रही है. उन बाजारों का रुख किया जा रहा है, जहां पर युद्ध का असर नहीं है. ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों ने गैस का ऑफर भी किया है. इस बीच, समाचार एजेंसी Press Trust of India (पीटीआई) ने सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया है कि फिलहाल उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि निकट भविष्य में भी कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना नहीं है. मिडिल ईस्ट तनाव का तेल पर कैसा असर? सरकार ने ऐसी रणनीति अपनाई है जिसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतें कम होने पर तेल कंपनियां अपना मुनाफा बढ़ा सकती हैं, जबकि जब वैश्विक बाजार में कीमतें बढ़ती हैं तो कंपनियां कुछ समय तक उसका बोझ खुद उठाकर उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करती हैं. वैश्विक वित्तीय सेवा कंपनी Nomura की रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल ऑयल मार्केटिंग कंपनियां कच्चे तेल की बढ़ी कीमतों का असर खुद वहन कर रही हैं और उसे सीधे उपभोक्ताओं पर नहीं डाल रही हैं. भू-राजनीतिक तनावों (Geo-political Tensions) के बीच कच्चे तेल की कीमतों में अब तक तेज उछाल देखा गया है. Iran पर United States और Israel के हमलों के बाद वैश्विक मानक Brent Crude करीब 16.8 प्रतिशत तक चढ़ चुका है, जबकि West Texas Intermediate (डब्ल्यूटीआई) में लगभग 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. दूसरी तरफ, भारत ने मिडिल ईस्ट में तनाव और अपनी जरूरतों को देखते हुए रूस से दोबारा तेल आयात शुरू कर दिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक मिडिल ईस्ट से तेल की सप्लाई में बाधा आने की वजह से भारत ने अब रूसी तेल के लिए अपने दरवाजे खोल दिए हैं. भारत अपनी तेल जरूरतों का करीब 90 प्रतिशत तक आयात करता है और हाल में उसने रूस की बजाय मिडिल ईस्ट से तेल की खरीद को बढ़ा दिया था. लेकिन, ईरान वॉर की वजह से जो हालात पैदा हुए हैं, ऐसे में मुसीबत से बचने के लिए रूसी क्रूड ऑयल की ओर रुख किया है. 5 मार्च 2026 को प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम Delhi: पेट्रोल 94.77 रुपये/लीटर, डीजल 87.67 रुपये/लीटर Hyderabad: पेट्रोल 107.46 रुपये/लीटर, डीजल 95.70 रुपये/लीटर Bengaluru: पेट्रोल 102.92 रुपये/लीटर, डीजल 90.99 रुपये/लीटर Chennai: पेट्रोल 100.84 रुपये/लीटर, डीजल 92.39 रुपये/लीटर Kolkata: पेट्रोल 105.45 रुपये/लीटर, डीजल 92.39 रुपये/लीटर Lucknow: पेट्रोल 94.69 रुपये/लीटर, डीजल 87.81 रुपये/लीटर  ये भी पढ़ें: कुकिंग ऑयल से लेकर केसर-पिस्ता तक... ईरान में छिड़े जंग से भारत में महंगी हुई चीजें, आम आदमी की बढ़ी मुश्किलें

Mar 5, 2026 - 18:30
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तनाव के बीच कच्चे तेल पर भारत सरकार का बड़ा अपडेट, अभी नहीं बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल और LPG के दाम

Petrol & Diesel Price Today: ईरान पर हमले के बाद जैसे ही वेस्ट एशिया में तनाव बढ़ा, संभावित पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर लोगों की चिंताएं बढ़ गईं. हालांकि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के बावजूद देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों पर अब तक इसका असर नहीं पड़ा है. भारत सरकार ने कहा कि अब वे सिर्फ कतर के ऊपर गैस के भरोसे नहीं है, बल्कि नए बाजार की तलाश की जा रही है. उन बाजारों का रुख किया जा रहा है, जहां पर युद्ध का असर नहीं है. ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों ने गैस का ऑफर भी किया है.

इस बीच, समाचार एजेंसी Press Trust of India (पीटीआई) ने सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया है कि फिलहाल उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि निकट भविष्य में भी कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना नहीं है.

मिडिल ईस्ट तनाव का तेल पर कैसा असर?

सरकार ने ऐसी रणनीति अपनाई है जिसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतें कम होने पर तेल कंपनियां अपना मुनाफा बढ़ा सकती हैं, जबकि जब वैश्विक बाजार में कीमतें बढ़ती हैं तो कंपनियां कुछ समय तक उसका बोझ खुद उठाकर उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करती हैं. वैश्विक वित्तीय सेवा कंपनी Nomura की रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल ऑयल मार्केटिंग कंपनियां कच्चे तेल की बढ़ी कीमतों का असर खुद वहन कर रही हैं और उसे सीधे उपभोक्ताओं पर नहीं डाल रही हैं.

भू-राजनीतिक तनावों (Geo-political Tensions) के बीच कच्चे तेल की कीमतों में अब तक तेज उछाल देखा गया है. Iran पर United States और Israel के हमलों के बाद वैश्विक मानक Brent Crude करीब 16.8 प्रतिशत तक चढ़ चुका है, जबकि West Texas Intermediate (डब्ल्यूटीआई) में लगभग 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

दूसरी तरफ, भारत ने मिडिल ईस्ट में तनाव और अपनी जरूरतों को देखते हुए रूस से दोबारा तेल आयात शुरू कर दिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक मिडिल ईस्ट से तेल की सप्लाई में बाधा आने की वजह से भारत ने अब रूसी तेल के लिए अपने दरवाजे खोल दिए हैं. भारत अपनी तेल जरूरतों का करीब 90 प्रतिशत तक आयात करता है और हाल में उसने रूस की बजाय मिडिल ईस्ट से तेल की खरीद को बढ़ा दिया था. लेकिन, ईरान वॉर की वजह से जो हालात पैदा हुए हैं, ऐसे में मुसीबत से बचने के लिए रूसी क्रूड ऑयल की ओर रुख किया है.

5 मार्च 2026 को प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम

  • Delhi: पेट्रोल 94.77 रुपये/लीटर, डीजल 87.67 रुपये/लीटर
  • Hyderabad: पेट्रोल 107.46 रुपये/लीटर, डीजल 95.70 रुपये/लीटर
  • Bengaluru: पेट्रोल 102.92 रुपये/लीटर, डीजल 90.99 रुपये/लीटर
  • Chennai: पेट्रोल 100.84 रुपये/लीटर, डीजल 92.39 रुपये/लीटर
  • Kolkata: पेट्रोल 105.45 रुपये/लीटर, डीजल 92.39 रुपये/लीटर
  • Lucknow: पेट्रोल 94.69 रुपये/लीटर, डीजल 87.81 रुपये/लीटर 

ये भी पढ़ें: कुकिंग ऑयल से लेकर केसर-पिस्ता तक... ईरान में छिड़े जंग से भारत में महंगी हुई चीजें, आम आदमी की बढ़ी मुश्किलें

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