ड्रॉ रहा रणजी ट्रॉफी का फाइनल, फिर कैसे चैंपियन बन गया जम्मू-कश्मीर? किस नियम के तहत कर्नाटक को मिली हार

Jammu Kashmir vs Karnataka Final Match Draw: जम्मू-कश्मीर ने पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है. हुबली में खेले गए फाइनल मैच में जम्मू-कश्मीर बनाम कर्नाटक मैच ड्रॉ रहा, लेकिन विजेता जम्मू & कश्मीर बना. तेज गेंदबाज आकिब नबी से लेकर कामरान इकबाल तक, कई खिलाड़ी जम्मू-कश्मीर की इस ऐतिहासिक खिताबी जीत के हीरो रहे. मगर सवाल यह पूछा जा रहा है कि आखिर फाइनल मैच ड्रॉ होने पर भी विजेता कैसे घोषित हो गया. बिना जीते कैसे चैंपियन बना जम्मू-कश्मीर दरअसल रणजी ट्रॉफी फाइनल में पहली पारी की बढ़त का नियम लागू किया जाता है. पांच दिन के खेल के बाद अगर कोई परिणाम नहीं निकल पाता है तो विजेता का फैसला पहली पारी की बढ़त के आधार पर किया जाता है. जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी में 584 रन बनाए थे. इसके जवाब में कर्नाटक की पहली पारी केवल 293 रनों पर ऑलआउट हो गई थी. ऐसे में जम्मू-कश्मीर कॉ पहली पारी में 291 रनों की विशालकाय बढ़त मिली थी. अब मैच का परिणाम तो निकल नहीं सका, इसलिए इसी 291 रनों की बढ़त के आधार पर कर्नाटक को हारा हुआ और जम्मू-कश्मीर को चैंपियन घोषित किया गया. आकिब नबी रहे जीत के हीरो जम्मू-कश्मीर की इस ऐतिहासिक जीत में तेज गेंदबाज आकिब नबी ने बहुत बड़ा योगदान दिया. आकिब नबी इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे, उन्होंने 17 पारियों में कुल 60 विकेट चटकाए. इनमें सात मौके ऐसे रहे जब उन्होंने एक पारी में 5 या उससे ज्यादा विकेट लिए. टूर्नामेंट में जम्मू कश्मीर के लिए दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज सुनील कुमार रहे, जिन्होंने 31 बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा. सुनील के आंकड़े आकिब नबी से आधे हैं, इसी से अंदाज लगाया जा सकता है कि नबी ने कैसे अकेले अपने कंधों पर जम्मू-कश्मीर की गेंदबाजी लाइन-अप को लीड किया. यह भी पढ़ें: India Semi Final Scenario: 'भारत सेमीफाइनल में ना जाए', मोहम्मद आमिर ने उगला जहर; जो कहा उससे खौल जाएगा हर भारतीय का खून

Feb 28, 2026 - 18:30
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ड्रॉ रहा रणजी ट्रॉफी का फाइनल, फिर कैसे चैंपियन बन गया जम्मू-कश्मीर? किस नियम के तहत कर्नाटक को मिली हार

Jammu Kashmir vs Karnataka Final Match Draw: जम्मू-कश्मीर ने पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है. हुबली में खेले गए फाइनल मैच में जम्मू-कश्मीर बनाम कर्नाटक मैच ड्रॉ रहा, लेकिन विजेता जम्मू & कश्मीर बना. तेज गेंदबाज आकिब नबी से लेकर कामरान इकबाल तक, कई खिलाड़ी जम्मू-कश्मीर की इस ऐतिहासिक खिताबी जीत के हीरो रहे. मगर सवाल यह पूछा जा रहा है कि आखिर फाइनल मैच ड्रॉ होने पर भी विजेता कैसे घोषित हो गया.

बिना जीते कैसे चैंपियन बना जम्मू-कश्मीर

दरअसल रणजी ट्रॉफी फाइनल में पहली पारी की बढ़त का नियम लागू किया जाता है. पांच दिन के खेल के बाद अगर कोई परिणाम नहीं निकल पाता है तो विजेता का फैसला पहली पारी की बढ़त के आधार पर किया जाता है.

जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी में 584 रन बनाए थे. इसके जवाब में कर्नाटक की पहली पारी केवल 293 रनों पर ऑलआउट हो गई थी. ऐसे में जम्मू-कश्मीर कॉ पहली पारी में 291 रनों की विशालकाय बढ़त मिली थी. अब मैच का परिणाम तो निकल नहीं सका, इसलिए इसी 291 रनों की बढ़त के आधार पर कर्नाटक को हारा हुआ और जम्मू-कश्मीर को चैंपियन घोषित किया गया.

आकिब नबी रहे जीत के हीरो

जम्मू-कश्मीर की इस ऐतिहासिक जीत में तेज गेंदबाज आकिब नबी ने बहुत बड़ा योगदान दिया. आकिब नबी इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे, उन्होंने 17 पारियों में कुल 60 विकेट चटकाए. इनमें सात मौके ऐसे रहे जब उन्होंने एक पारी में 5 या उससे ज्यादा विकेट लिए.

टूर्नामेंट में जम्मू कश्मीर के लिए दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज सुनील कुमार रहे, जिन्होंने 31 बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा. सुनील के आंकड़े आकिब नबी से आधे हैं, इसी से अंदाज लगाया जा सकता है कि नबी ने कैसे अकेले अपने कंधों पर जम्मू-कश्मीर की गेंदबाजी लाइन-अप को लीड किया.

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