टैरिफ नहीं, जुर्माना ला सकता है भारतीय बाजार में उथल-पुथल, जानें ट्रंप की नीति का किस कारोबार पर कैसा असर
US Tariff Impact On India: ट्रेड डील पर चल रही बातचीत के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ की नई दरें लगाने की घोषणा कर बाज़ार में हलचल मचा दी है. ये नई दरें अगले महीने, यानी 1 अगस्त से लागू हो जाएंगी. इसके साथ ही, यूक्रेन युद्ध को रोकने की कोशिश में लगे ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने के चलते भारत पर जुर्माना लगाने की भी बात कही है. यह खबर अमेरिका को निर्यात करने वाले भारतीय एक्सपोर्टर्स के लिए निराशाजनक मानी जा रही है. इसके अलावा ट्रंप ने यूरोपीय यूनियन और जापान पर 15 प्रतिशत, वियतनाम पर 20 प्रतिशत, इंडोनेशिया पर 19 प्रतिशत और ब्रिटेन पर भी 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की है. क्या है डर? दरअसल, ट्रंप की ओर से लगाए गए टैरिफ से अधिक चिंता भारतीय कारोबारियों को संभावित जुर्माने को लेकर है, जो अभी तक औपचारिक रूप से लागू नहीं किया गया है. इसका सबसे अधिक असर भारत के कपड़ा उद्योग, कालीन, रत्न व आभूषण, और समुद्री भोजन जैसे क्षेत्रों पर पड़ सकता है. TOI के अनुसार, जूतों के बड़े निर्यातक फरीदा ग्रुप के प्रमुख एम. रफीक अहमद अमेरिका में नए ऑर्डर लेने की उम्मीद में यात्रा की तैयारी कर रहे थे, लेकिन जुर्माने की खबर सुनकर उन्होंने अपनी योजनाओं पर पुनर्विचार शुरू कर दिया है. उन्होंने कहा, “काफी अनिश्चितता का माहौल है और यह घोषणा चौंकाने वाली है.” संशय का क्यों है माहौल? वियतनाम भारत के निर्यातकों का एक बड़ा प्रतिस्पर्धी है. ऐसे में वियतनाम की तुलना में भारतीय उत्पादों पर 5 प्रतिशत अधिक टैरिफ लगना भारतीय निर्यातकों के लिए चिंता का विषय है. FIEO के महानिदेशक अजय सहाय का कहना है कि ट्रंप द्वारा जुर्माने की स्पष्ट घोषणा न होने के कारण आयातक और निर्यातक अपनी लागत तय नहीं कर पा रहे हैं. इस स्थिति में कारोबारी यह नहीं समझ पा रहे कि उन्हें अगला कदम क्या उठाना चाहिए. क्या है उम्मीद की किरण? हालांकि, अमेरिका के साथ चल रही ट्रेड डील बातचीत के चलते कुछ उम्मीदें अब भी बाकी हैं. भारत से आभूषण, कपड़ा, झींगा मछली, ऑटो पार्ट्स, और दवाइयाँ जैसी चीजों के निर्यातक अब भी इस आशा में हैं कि दोनों देशों के बीच कोई सकारात्मक समझौता हो सकता है. ये भी पढ़ें: भारत पर राष्ट्रपति ट्रंप के नए टैरिफ के ऐलान के बाद क्या क्रैश करेगा बाजार? जानें क्या मिल रहे संकेत
US Tariff Impact On India: ट्रेड डील पर चल रही बातचीत के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ की नई दरें लगाने की घोषणा कर बाज़ार में हलचल मचा दी है. ये नई दरें अगले महीने, यानी 1 अगस्त से लागू हो जाएंगी. इसके साथ ही, यूक्रेन युद्ध को रोकने की कोशिश में लगे ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने के चलते भारत पर जुर्माना लगाने की भी बात कही है. यह खबर अमेरिका को निर्यात करने वाले भारतीय एक्सपोर्टर्स के लिए निराशाजनक मानी जा रही है.
इसके अलावा ट्रंप ने यूरोपीय यूनियन और जापान पर 15 प्रतिशत, वियतनाम पर 20 प्रतिशत, इंडोनेशिया पर 19 प्रतिशत और ब्रिटेन पर भी 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की है.
क्या है डर?
दरअसल, ट्रंप की ओर से लगाए गए टैरिफ से अधिक चिंता भारतीय कारोबारियों को संभावित जुर्माने को लेकर है, जो अभी तक औपचारिक रूप से लागू नहीं किया गया है. इसका सबसे अधिक असर भारत के कपड़ा उद्योग, कालीन, रत्न व आभूषण, और समुद्री भोजन जैसे क्षेत्रों पर पड़ सकता है.
TOI के अनुसार, जूतों के बड़े निर्यातक फरीदा ग्रुप के प्रमुख एम. रफीक अहमद अमेरिका में नए ऑर्डर लेने की उम्मीद में यात्रा की तैयारी कर रहे थे, लेकिन जुर्माने की खबर सुनकर उन्होंने अपनी योजनाओं पर पुनर्विचार शुरू कर दिया है. उन्होंने कहा, “काफी अनिश्चितता का माहौल है और यह घोषणा चौंकाने वाली है.”
संशय का क्यों है माहौल?
वियतनाम भारत के निर्यातकों का एक बड़ा प्रतिस्पर्धी है. ऐसे में वियतनाम की तुलना में भारतीय उत्पादों पर 5 प्रतिशत अधिक टैरिफ लगना भारतीय निर्यातकों के लिए चिंता का विषय है. FIEO के महानिदेशक अजय सहाय का कहना है कि ट्रंप द्वारा जुर्माने की स्पष्ट घोषणा न होने के कारण आयातक और निर्यातक अपनी लागत तय नहीं कर पा रहे हैं. इस स्थिति में कारोबारी यह नहीं समझ पा रहे कि उन्हें अगला कदम क्या उठाना चाहिए.
क्या है उम्मीद की किरण?
हालांकि, अमेरिका के साथ चल रही ट्रेड डील बातचीत के चलते कुछ उम्मीदें अब भी बाकी हैं. भारत से आभूषण, कपड़ा, झींगा मछली, ऑटो पार्ट्स, और दवाइयाँ जैसी चीजों के निर्यातक अब भी इस आशा में हैं कि दोनों देशों के बीच कोई सकारात्मक समझौता हो सकता है.
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