जेब में रखे फोन को कैसे पता चलता है कि आप कितने किलोमीटर चले? ऐसे काउंट होते हैं स्टेप्स

आजकल स्मार्टफोन में अन्य चीजों के साथ हेल्थ से जुड़े कई फीचर्स आने लगे हैं. इनमें से एक फीचर स्टेप काउंट का है. यह यूजर के हर कदम पर नजर रखता है और हर वॉक के बाद बता देगा कि यूजर कितने कदम पैदल चला है. ऐसे में कई लोगों के मन में यह सवाल उठ सकता है कि फोन को आखिर कैसे पता चलता है कि दिनभर में कोई कितने किलोमीटर पैदल चला या भागा है. अगर आपके मन में भी ऐसा सवाल है तो आइए आज इसका जवाब जान लेते हैं. स्टेप्स कैसे काउंट करता है फोन? स्टेप्स का काउंटिंग के लिए फोन में लगे सेंसर काम करते हैं. अगर कोई यूजर एक कदम भी चलता है तो इन सेंसर को पता चल जाता है. सेंसर और उसके बाद एल्गोरिद्म की मदद से फोन यह बता पाते हैं कि आप एक दिन में कितना पैदल चले हैं. इसके लिए एक्सलेरोमीटर और गायरोस्कोप की अहम भूमिका रहती है. एक्सलेरोमीटर  यह डिवाइस एक्सलरेशन या किसी ऑब्जेक्ट की वेलोसिटी में आए चेंज की रेट को मापता है. जैसे ही आप चलते हैं, आपके कदम उठते और रुकते हैं. कदम उठने पर आगे की तरफ एक्सलरेशन होता है और पैर रखते ही यह रुक जाता है. फोन में लगा एक्सलेरोमीटर इसी चक्र को मापता है. जैसे ही आप कदम उठाकर रखते हैं, यह चक्र पूरा हो जाता है और एक्सलेरोमीटर इससे नोट कर लेता है. गायरोस्कोप यह डिवाइस फोन के ऑरिएंटेशन और रोटेशन पर नजर रखता है. इसी की वजह से फोन को घूमाने पर उसकी स्क्रीन भी घूम जाती है. यही सेंसर स्टेप काउंट करने में भी मदद करता है. जैसे ही कोई यूजर पैदल चलता है, यह हर कदम के साथ उसकी रोटेशन को कैप्चर करता है. यह सेंसर एक्सलेरोमीटर के जुटाए डेटा को कॉन्टेक्स्ट देता है. यही कारण है कि कार या बाइक पर बैठे हुए फोन आपके डिस्टेंस को कैप्चर नहीं करता.  एल्गोरिद्म गायरोस्कोप और एक्सलेरोमीटर दिनभर में काफी डेटा जमा करते हैं. यूजर को दिखाने से पहले इसे प्रोसेस करना जरूरी हो जाता है. डेटा प्रोसेसिंग का काम एल्गोरिद्म का रहता है. यह फोन के सॉफ्टवेयर से डेटा लेता है, इसमें से उन मूवमेंट को हटा देता है, जो पैदल चलने या रनिंग से जुड़ा नहीं है और सटीक स्टेप काउंट यूजर के सामने रखता है. ये भी पढ़ें- इस ड्रोन का निशाना नहीं चूकेगा, एक साथ कर सकेगा कई काम, यहां हो रहा तैयार

Sep 22, 2025 - 14:30
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जेब में रखे फोन को कैसे पता चलता है कि आप कितने किलोमीटर चले? ऐसे काउंट होते हैं स्टेप्स

आजकल स्मार्टफोन में अन्य चीजों के साथ हेल्थ से जुड़े कई फीचर्स आने लगे हैं. इनमें से एक फीचर स्टेप काउंट का है. यह यूजर के हर कदम पर नजर रखता है और हर वॉक के बाद बता देगा कि यूजर कितने कदम पैदल चला है. ऐसे में कई लोगों के मन में यह सवाल उठ सकता है कि फोन को आखिर कैसे पता चलता है कि दिनभर में कोई कितने किलोमीटर पैदल चला या भागा है. अगर आपके मन में भी ऐसा सवाल है तो आइए आज इसका जवाब जान लेते हैं.

स्टेप्स कैसे काउंट करता है फोन?

स्टेप्स का काउंटिंग के लिए फोन में लगे सेंसर काम करते हैं. अगर कोई यूजर एक कदम भी चलता है तो इन सेंसर को पता चल जाता है. सेंसर और उसके बाद एल्गोरिद्म की मदद से फोन यह बता पाते हैं कि आप एक दिन में कितना पैदल चले हैं. इसके लिए एक्सलेरोमीटर और गायरोस्कोप की अहम भूमिका रहती है.

एक्सलेरोमीटर 

यह डिवाइस एक्सलरेशन या किसी ऑब्जेक्ट की वेलोसिटी में आए चेंज की रेट को मापता है. जैसे ही आप चलते हैं, आपके कदम उठते और रुकते हैं. कदम उठने पर आगे की तरफ एक्सलरेशन होता है और पैर रखते ही यह रुक जाता है. फोन में लगा एक्सलेरोमीटर इसी चक्र को मापता है. जैसे ही आप कदम उठाकर रखते हैं, यह चक्र पूरा हो जाता है और एक्सलेरोमीटर इससे नोट कर लेता है.

गायरोस्कोप

यह डिवाइस फोन के ऑरिएंटेशन और रोटेशन पर नजर रखता है. इसी की वजह से फोन को घूमाने पर उसकी स्क्रीन भी घूम जाती है. यही सेंसर स्टेप काउंट करने में भी मदद करता है. जैसे ही कोई यूजर पैदल चलता है, यह हर कदम के साथ उसकी रोटेशन को कैप्चर करता है. यह सेंसर एक्सलेरोमीटर के जुटाए डेटा को कॉन्टेक्स्ट देता है. यही कारण है कि कार या बाइक पर बैठे हुए फोन आपके डिस्टेंस को कैप्चर नहीं करता. 

एल्गोरिद्म

गायरोस्कोप और एक्सलेरोमीटर दिनभर में काफी डेटा जमा करते हैं. यूजर को दिखाने से पहले इसे प्रोसेस करना जरूरी हो जाता है. डेटा प्रोसेसिंग का काम एल्गोरिद्म का रहता है. यह फोन के सॉफ्टवेयर से डेटा लेता है, इसमें से उन मूवमेंट को हटा देता है, जो पैदल चलने या रनिंग से जुड़ा नहीं है और सटीक स्टेप काउंट यूजर के सामने रखता है.

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इस ड्रोन का निशाना नहीं चूकेगा, एक साथ कर सकेगा कई काम, यहां हो रहा तैयार

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