जब कैब बुक करते हैं तो कौनसे हिडन चार्जेस से बढ़ जाता है बिल?

ऑनलाइन बुकिंग में दिख रहा किराया देखकर अगर आप भी तुरंत रेंटल कार बुक कर लेते हैं, तो थोड़ा रुकना जरूरी है, क्योंकि स्क्रीन पर दिखाई देने वाली कीमत और आखिर में चुकाई जाने वाली रकम एक जैसी हो, यह जरूरी नहीं. कार वापस करने के बाद डेमेज, ट्राफिक चालान और फयूल जैसे खर्च आपका पूरा बजट बिगाड़ सकते हैं. सिर्फ किराया देखकर न करें बुकिंग सेल्फ ड्राइव कार बुक करते समय ग्राहक अकसर डेली रेंटल प्राइज पर ध्यान देते हैं. लेकिन बुकिंग की शर्तों में कई ऐसे चार्जिस होते हैं, जो किसी खास परिस्थिति में लागू हो सकते हैं. इसलिए कार लेने से पहले ट्रमस एंड कंडिशन को ध्यान से पढ़ना जरूरी है. Revv के फाउंडर और CEO अनुपम अग्रवाल के मुताबिक, ग्राहक को सबसे पहले यह समझना चाहिए कि कार का इंश्योरेंस और रेंटर की जिम्मेदारी अलग-अलग चीजें हैं. बुकिंग के समय मिलने वाला डेमेज वेयवर यह तय करता है कि नुकसान होने पर ग्राहक को कितनी रकम देनी पड़ सकती है. डेमेज हुआ तो कितना देना पड़ेगा? कार पर खरोंच या किसी तरह का नुकसान होने की स्थिति में रकम डेमेज वेयवर और लाइबिलिटी केप पर निर्भर करती है. इसलिए बुकिंग से पहले यह जरूर देखें कि आपकी अधिकतम लाइबिलिटी कितनी है और किन परिस्थितियों में वेयवर काम नहीं करेगा. उदाहरण के तौर पर नशे में गाड़ी चलाने जैसी स्थिति में डेमेज प्रोटेक्शन का लाभ नहीं मिल सकता. वहीं Revv के अनुसार छोटे-मोटे सक्रेचिस पर आमतौर पर शुल्क नहीं लगाया जाता. कार लौटाने के बाद भी आ सकता है चालान रेंटल खत्म होने के बाद जिम्मेदारी पूरी तरह खत्म हो जाए, ऐसा जरूरी नहीं है. यात्रा के दौरान हुआ ओटोमिटेड ई-चालान बाद में ग्राहक तक पहुंच सकता है. इसके अलावा कुछ कंपनियां चालान ट्रांसफर करने के लिए एडमिनिसट्रेडिट फीस भी ले सकती हैं. फयूस का खर्च भी बढ़ा सकता है बिल अगर कार वापस करते समय टैंक में तय मात्रा में फयूल  नहीं है, तो कंपनी खुद फयूल भरकर उसका खर्च ग्राहक से वसूल सकती है. कुछ रेंटल प्लानस में फयूल की कीमत के साथ अतिरिक्त रिफ्यूलिंग सर्विस चार्ज भी जुड़ सकता है. बुकिंग से पहले ये बातें जरूर जांचें रेंटल कार लेने से पहले डेमेज वेयवर,लाइबिलिटी लिमिट, एक्सकलयुजंस, केंसिलेशन चार्जिस,फयूल पोलिसी और ट्रेफिक फाइन रुल्स जरूर पढ़ें. अगर बुक किया हुआ मोडल उपलब्ध नहीं है, तो कंपनी की रिपल्सेमेंट पोलिसी भी समझ लें. कुछ मामलों में समान सेगमेंट की दूसरी कार या अपग्रेड दिया जा सकता है. यानी रेंटल कार की असली कीमत सिर्फ ओनलाइंन दिखाई देने वाला किराया नहीं है. बुकिंग कंफर्म करने से पहले छोटे अक्षरों में लिखी शर्तें पढ़ना ही आपको बाद के बड़े बिल से बचा सकता है. यह भी पढ़ें- आज से CNG 2 रुपए हुई महंगी, PNG के भी बढ़े दाम, अब कितने की मिलेगी गैस? यह भी देखें-

Oct 7, 2026 - 12:30
 0
जब कैब बुक करते हैं तो कौनसे हिडन चार्जेस से बढ़ जाता है बिल?

ऑनलाइन बुकिंग में दिख रहा किराया देखकर अगर आप भी तुरंत रेंटल कार बुक कर लेते हैं, तो थोड़ा रुकना जरूरी है, क्योंकि स्क्रीन पर दिखाई देने वाली कीमत और आखिर में चुकाई जाने वाली रकम एक जैसी हो, यह जरूरी नहीं.

कार वापस करने के बाद डेमेज, ट्राफिक चालान और फयूल जैसे खर्च आपका पूरा बजट बिगाड़ सकते हैं.

सिर्फ किराया देखकर न करें बुकिंग

सेल्फ ड्राइव कार बुक करते समय ग्राहक अकसर डेली रेंटल प्राइज पर ध्यान देते हैं. लेकिन बुकिंग की शर्तों में कई ऐसे चार्जिस होते हैं, जो किसी खास परिस्थिति में लागू हो सकते हैं. इसलिए कार लेने से पहले ट्रमस एंड कंडिशन को ध्यान से पढ़ना जरूरी है.

Revv के फाउंडर और CEO अनुपम अग्रवाल के मुताबिक, ग्राहक को सबसे पहले यह समझना चाहिए कि कार का इंश्योरेंस और रेंटर की जिम्मेदारी अलग-अलग चीजें हैं. बुकिंग के समय मिलने वाला डेमेज वेयवर यह तय करता है कि नुकसान होने पर ग्राहक को कितनी रकम देनी पड़ सकती है.

डेमेज हुआ तो कितना देना पड़ेगा?

कार पर खरोंच या किसी तरह का नुकसान होने की स्थिति में रकम डेमेज वेयवर और लाइबिलिटी केप पर निर्भर करती है. इसलिए बुकिंग से पहले यह जरूर देखें कि आपकी अधिकतम लाइबिलिटी कितनी है और किन परिस्थितियों में वेयवर काम नहीं करेगा.

उदाहरण के तौर पर नशे में गाड़ी चलाने जैसी स्थिति में डेमेज प्रोटेक्शन का लाभ नहीं मिल सकता. वहीं Revv के अनुसार छोटे-मोटे सक्रेचिस पर आमतौर पर शुल्क नहीं लगाया जाता.

कार लौटाने के बाद भी आ सकता है चालान

रेंटल खत्म होने के बाद जिम्मेदारी पूरी तरह खत्म हो जाए, ऐसा जरूरी नहीं है. यात्रा के दौरान हुआ ओटोमिटेड ई-चालान बाद में ग्राहक तक पहुंच सकता है. इसके अलावा कुछ कंपनियां चालान ट्रांसफर करने के लिए एडमिनिसट्रेडिट फीस भी ले सकती हैं.

फयूस का खर्च भी बढ़ा सकता है बिल

अगर कार वापस करते समय टैंक में तय मात्रा में फयूल  नहीं है, तो कंपनी खुद फयूल भरकर उसका खर्च ग्राहक से वसूल सकती है. कुछ रेंटल प्लानस में फयूल की कीमत के साथ अतिरिक्त रिफ्यूलिंग सर्विस चार्ज भी जुड़ सकता है.

बुकिंग से पहले ये बातें जरूर जांचें

रेंटल कार लेने से पहले डेमेज वेयवर,लाइबिलिटी लिमिट, एक्सकलयुजंस, केंसिलेशन चार्जिस,फयूल पोलिसी और ट्रेफिक फाइन रुल्स जरूर पढ़ें. अगर बुक किया हुआ मोडल उपलब्ध नहीं है, तो कंपनी की रिपल्सेमेंट पोलिसी भी समझ लें. कुछ मामलों में समान सेगमेंट की दूसरी कार या अपग्रेड दिया जा सकता है.

यानी रेंटल कार की असली कीमत सिर्फ ओनलाइंन दिखाई देने वाला किराया नहीं है. बुकिंग कंफर्म करने से पहले छोटे अक्षरों में लिखी शर्तें पढ़ना ही आपको बाद के बड़े बिल से बचा सकता है.

यह भी पढ़ें- आज से CNG 2 रुपए हुई महंगी, PNG के भी बढ़े दाम, अब कितने की मिलेगी गैस?

यह भी देखें-

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow