चौंकाने वाला अपडेट! ChatGPT में आया लॉकडाउन मोड और रिस्क वॉर्निंग फीचर, अब पहले से भी ज्यादा सुरक्षित होगा आपका डेटा!

ChatGPT: डिजिटल दौर में साइबर खतरों के बढ़ते जोखिम को देखते हुए OpenAI ने ChatGPT के लिए दो नए सुरक्षा फीचर पेश किए हैं लॉकडाउन मोड और एलीवेटेड रिस्क चेतावनी सिस्टम. इन दोनों का उद्देश्य यूजर्स को बेहतर सुरक्षा और अधिक पारदर्शिता देना है ताकि वे संवेदनशील डेटा के साथ काम करते समय ज्यादा कंट्रोल महसूस कर सकें. क्या है लॉकडाउन मोड और किनके लिए है उपयोगी? लॉकडाउन मोड एक एडवांस सेफ्टी ऑप्शन है जिसे खास तौर पर उन लोगों के लिए तैयार किया गया है जो साइबर हमलों के ज्यादा खतरे में रहते हैं. इसमें बड़े संगठनों के अधिकारी, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ और कॉर्पोरेट टीमें शामिल हो सकती हैं. यह फीचर आम यूजर्स के लिए अनिवार्य नहीं है बल्कि उन परिस्थितियों के लिए बनाया गया है जहां अतिरिक्त सुरक्षा परत की जरूरत होती है. जब लॉकडाउन मोड सक्रिय किया जाता है तो ChatGPT का बाहरी सिस्टम्स के साथ संपर्क काफी सीमित हो जाता है. कई टूल्स और फीचर्स को नियंत्रित या बंद कर दिया जाता है ताकि किसी भी प्रकार की छिपी या दुर्भावनापूर्ण कमांड के जरिए डेटा चोरी की संभावना कम हो सके. उदाहरण के तौर पर, वेब ब्राउज़िंग केवल सुरक्षित कैश्ड कंटेंट तक सीमित रहती है और लाइव नेटवर्क रिक्वेस्ट को रोका जाता है. अगर किसी फीचर की सुरक्षा को पूरी तरह सुनिश्चित नहीं किया जा सकता तो उसे अस्थायी रूप से निष्क्रिय भी किया जा सकता है. एंटरप्राइज स्तर पर अतिरिक्त नियंत्रण एंटरप्राइज यूजर्स के लिए पहले से ही मजबूत सुरक्षा व्यवस्थाएं मौजूद हैं लेकिन लॉकडाउन मोड इन सुरक्षा उपायों को और कड़ा बनाता है. वर्कस्पेस एडमिनिस्ट्रेटर विशेष भूमिका बनाकर इसे सक्रिय कर सकते हैं. इसके बाद वे तय कर सकते हैं कि कौन-कौन से ऐप्स और उनकी कौन-सी गतिविधियाँ लॉकडाउन मोड में उपलब्ध रहेंगी. इसके साथ ही, अनुपालन (compliance) लॉगिंग टूल्स भी दिए गए हैं, जिनकी मदद से यह ट्रैक किया जा सकता है कि कौन-सा डेटा साझा हुआ और कौन-से सिस्टम्स से जुड़ा. इससे संगठनों को पारदर्शिता और निगरानी दोनों में मदद मिलती है. फिलहाल यह सुविधा एंटरप्राइज और सेक्टर-विशिष्ट योजनाओं में उपलब्ध है जबकि आम उपभोक्ता योजनाओं में इसे जल्द शामिल किए जाने की संभावना है. एलीवेटेड रिस्क चेतावनी दूसरा बड़ा बदलाव है एलीवेटेड रिस्क चेतावनी सिस्टम. कुछ AI फीचर्स ऐसे होते हैं जो इंटरनेट या बाहरी सिस्टम्स तक पहुंच बनाते हैं. इससे कार्यक्षमता तो बढ़ती है लेकिन संभावित जोखिम भी पैदा हो सकते हैं. अब ChatGPT के कुछ फीचर्स में स्पष्ट चेतावनी दिखाई देगी जिससे यूजर्स समझ सकें कि किसी फीचर को चालू करने पर क्या प्रभाव पड़ सकता है. यह चेतावनी बताएगी कि कौन-से जोखिम संभव हैं और किन परिस्थितियों में उस फीचर का इस्तेमाल करना उचित है. जैसे, अगर कोई कोडिंग टूल नेटवर्क एक्सेस की अनुमति देता है तो उसके साथ संभावित सुरक्षा कमजोरियों का उल्लेख किया जाएगा. भविष्य में जैसे-जैसे सुरक्षा तकनीक बेहतर होगी और जोखिम कम होंगे, वैसे-वैसे इन चेतावनियों को हटाया भी जा सकता है. वहीं, नई सुविधाओं के साथ नई चेतावनियां भी जोड़ी जा सकती हैं. यह भी पढ़ें: AI समिट में भारतीय सेना ने दिखाया टेक्नोलॉजी में दम! पेश कीं ऐसी ड्यूल-यूज एआई ताकतें, दुनिया रह गई दंग

Feb 18, 2026 - 18:30
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चौंकाने वाला अपडेट! ChatGPT में आया लॉकडाउन मोड और रिस्क वॉर्निंग फीचर, अब पहले से भी ज्यादा सुरक्षित होगा आपका डेटा!

ChatGPT: डिजिटल दौर में साइबर खतरों के बढ़ते जोखिम को देखते हुए OpenAI ने ChatGPT के लिए दो नए सुरक्षा फीचर पेश किए हैं लॉकडाउन मोड और एलीवेटेड रिस्क चेतावनी सिस्टम. इन दोनों का उद्देश्य यूजर्स को बेहतर सुरक्षा और अधिक पारदर्शिता देना है ताकि वे संवेदनशील डेटा के साथ काम करते समय ज्यादा कंट्रोल महसूस कर सकें.

क्या है लॉकडाउन मोड और किनके लिए है उपयोगी?

लॉकडाउन मोड एक एडवांस सेफ्टी ऑप्शन है जिसे खास तौर पर उन लोगों के लिए तैयार किया गया है जो साइबर हमलों के ज्यादा खतरे में रहते हैं. इसमें बड़े संगठनों के अधिकारी, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ और कॉर्पोरेट टीमें शामिल हो सकती हैं. यह फीचर आम यूजर्स के लिए अनिवार्य नहीं है बल्कि उन परिस्थितियों के लिए बनाया गया है जहां अतिरिक्त सुरक्षा परत की जरूरत होती है.

जब लॉकडाउन मोड सक्रिय किया जाता है तो ChatGPT का बाहरी सिस्टम्स के साथ संपर्क काफी सीमित हो जाता है. कई टूल्स और फीचर्स को नियंत्रित या बंद कर दिया जाता है ताकि किसी भी प्रकार की छिपी या दुर्भावनापूर्ण कमांड के जरिए डेटा चोरी की संभावना कम हो सके. उदाहरण के तौर पर, वेब ब्राउज़िंग केवल सुरक्षित कैश्ड कंटेंट तक सीमित रहती है और लाइव नेटवर्क रिक्वेस्ट को रोका जाता है. अगर किसी फीचर की सुरक्षा को पूरी तरह सुनिश्चित नहीं किया जा सकता तो उसे अस्थायी रूप से निष्क्रिय भी किया जा सकता है.

एंटरप्राइज स्तर पर अतिरिक्त नियंत्रण

एंटरप्राइज यूजर्स के लिए पहले से ही मजबूत सुरक्षा व्यवस्थाएं मौजूद हैं लेकिन लॉकडाउन मोड इन सुरक्षा उपायों को और कड़ा बनाता है. वर्कस्पेस एडमिनिस्ट्रेटर विशेष भूमिका बनाकर इसे सक्रिय कर सकते हैं. इसके बाद वे तय कर सकते हैं कि कौन-कौन से ऐप्स और उनकी कौन-सी गतिविधियाँ लॉकडाउन मोड में उपलब्ध रहेंगी.

इसके साथ ही, अनुपालन (compliance) लॉगिंग टूल्स भी दिए गए हैं, जिनकी मदद से यह ट्रैक किया जा सकता है कि कौन-सा डेटा साझा हुआ और कौन-से सिस्टम्स से जुड़ा. इससे संगठनों को पारदर्शिता और निगरानी दोनों में मदद मिलती है. फिलहाल यह सुविधा एंटरप्राइज और सेक्टर-विशिष्ट योजनाओं में उपलब्ध है जबकि आम उपभोक्ता योजनाओं में इसे जल्द शामिल किए जाने की संभावना है.

एलीवेटेड रिस्क चेतावनी

दूसरा बड़ा बदलाव है एलीवेटेड रिस्क चेतावनी सिस्टम. कुछ AI फीचर्स ऐसे होते हैं जो इंटरनेट या बाहरी सिस्टम्स तक पहुंच बनाते हैं. इससे कार्यक्षमता तो बढ़ती है लेकिन संभावित जोखिम भी पैदा हो सकते हैं. अब ChatGPT के कुछ फीचर्स में स्पष्ट चेतावनी दिखाई देगी जिससे यूजर्स समझ सकें कि किसी फीचर को चालू करने पर क्या प्रभाव पड़ सकता है. यह चेतावनी बताएगी कि कौन-से जोखिम संभव हैं और किन परिस्थितियों में उस फीचर का इस्तेमाल करना उचित है.

जैसे, अगर कोई कोडिंग टूल नेटवर्क एक्सेस की अनुमति देता है तो उसके साथ संभावित सुरक्षा कमजोरियों का उल्लेख किया जाएगा. भविष्य में जैसे-जैसे सुरक्षा तकनीक बेहतर होगी और जोखिम कम होंगे, वैसे-वैसे इन चेतावनियों को हटाया भी जा सकता है. वहीं, नई सुविधाओं के साथ नई चेतावनियां भी जोड़ी जा सकती हैं.

यह भी पढ़ें:

AI समिट में भारतीय सेना ने दिखाया टेक्नोलॉजी में दम! पेश कीं ऐसी ड्यूल-यूज एआई ताकतें, दुनिया रह गई दंग

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