चेतावनी! एक्सपायर्ड फूड बेचने वालों पर सख्ती, अब दर्ज होगा क्रिमिनल केस

Expired Food News: अगर आप भी अक्सर बाजार से पैक्ड फूड या खाने-पीने की चीजें खरीदते हैं, तो उसका एक्सपायरी डेट जरूर चेक करें. ऐसे में अगर कोई दुकानदार या कंपनी एक्सपायर्ड खाद्य सामान पर नया लेबल लगाकर उसे दोबारा बेचता है, तो यह सिर्फ नियमों की अनदेखी नहीं मानी जाएगी. हाल ही में कर्नाटक हाईकोर्ट ने ऐसे ही एक मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि एक्सपायर्ड खाद्य उत्पादों पर नया लेबल लगाकर दोबारा  बाजार में उतारना लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है.  अदालत ने एक कंपनी के खिलाफ चल रहे आपराधिक मामले को खारिज करने से इनकार करते हुए कहा कि मुनाफे के लिए लोगों की सेहत के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता. खास तौर पर बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों के लिए खराब या एक्सपायर्ड खाना ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है. क्या है पूरा मामला? यह मामला अर्थ रिसाइक्लर प्राइवेट लिमिटेड नाम की एक कंपनी से जुड़ा है. कंपनी पर आरोप है कि वह एक्सपायर्ड खाद्य सामान और खराब हो चुके दूसरे उत्पादों को इकट्ठा करने के बाद उन पर दोबारा नया लेबल या पैकेजिंग लगाकर बाजार में बेचती थी. यात्री को कनाडा जाने से रोका, एयरलाइंस देगी 1.53 लाख का मुआवजा खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से कंपनी को नोटिस भी जारी किया गया था. जांच के दौरान कई सामान बरामद किए जाने की बात सामने आई जिनमें खाद्य पदार्थों के अलावा कुछ घरेलू इस्तेमाल की चीजें भी शामिल की गई थीं. यही वजह है कि कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई थी. कंपनी ने क्या दी दलील? कंपनी ने अदालत में कहा कि उसने मुनाफे के लिए एक्सपायर्ड सामान को दोबारा लेबल, री-पैक या बेचने का काम नहीं की है. याचिकाकर्ताओं ने यह भी दावा किया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की जांच, सैंपल लेने और आगे की प्रक्रिया में खामियां थीं. कंपनी ने इन्हीं आधारों पर अपने खिलाफ चल रहे आपराधिक मामले को रद्द करने की मांग की थी. कोर्ट ने क्यों नहीं खारिज किया केस? कर्नाटक हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए याचिका खारिज कर दी. साथ ही कोर्ट ने कहा कि अगर एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थों पर नया लेबल लगाकर उन्हें ताजा बताकर दोबारा बाजार में उतारने का आरोप सही साबित होता है, तो इसे महज लापरवाही नहीं कहा जा सकता है. यह ग्राहकों के साथ धोखे और उनके स्वास्थ्य को खतरे में डालने का मामला हो सकता है.  ग्राहक इन बातों को ध्यान रखें पैकेट खरीदने से पहले हमेशा एक्सपायरी डेट जरूर देखें. अगर पैकेट पर दोबारा चिपका हुआ या संदिग्ध लेबल दिखाई दे, तो उत्पाद खरीदने से बचें. पैकेजिंग खराब, फटी या असामान्य लगे तो सामान न खरीदें. खाद्य पदार्थों की सील और पैकेट की स्थिति भी जांच लें. Withdrawal Limit: बार-बार ATM से कैश निकालते हैं, फ्री लिमिट के बाद कितना होगा चार्ज? जानें SBI का नया रेट

Aug 21, 2026 - 04:30
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चेतावनी! एक्सपायर्ड फूड बेचने वालों पर सख्ती, अब दर्ज होगा क्रिमिनल केस

Expired Food News: अगर आप भी अक्सर बाजार से पैक्ड फूड या खाने-पीने की चीजें खरीदते हैं, तो उसका एक्सपायरी डेट जरूर चेक करें. ऐसे में अगर कोई दुकानदार या कंपनी एक्सपायर्ड खाद्य सामान पर नया लेबल लगाकर उसे दोबारा बेचता है, तो यह सिर्फ नियमों की अनदेखी नहीं मानी जाएगी. हाल ही में कर्नाटक हाईकोर्ट ने ऐसे ही एक मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि एक्सपायर्ड खाद्य उत्पादों पर नया लेबल लगाकर दोबारा  बाजार में उतारना लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है. 

अदालत ने एक कंपनी के खिलाफ चल रहे आपराधिक मामले को खारिज करने से इनकार करते हुए कहा कि मुनाफे के लिए लोगों की सेहत के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता. खास तौर पर बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों के लिए खराब या एक्सपायर्ड खाना ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है.

क्या है पूरा मामला?

यह मामला अर्थ रिसाइक्लर प्राइवेट लिमिटेड नाम की एक कंपनी से जुड़ा है. कंपनी पर आरोप है कि वह एक्सपायर्ड खाद्य सामान और खराब हो चुके दूसरे उत्पादों को इकट्ठा करने के बाद उन पर दोबारा नया लेबल या पैकेजिंग लगाकर बाजार में बेचती थी.

यात्री को कनाडा जाने से रोका, एयरलाइंस देगी 1.53 लाख का मुआवजा

खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से कंपनी को नोटिस भी जारी किया गया था. जांच के दौरान कई सामान बरामद किए जाने की बात सामने आई जिनमें खाद्य पदार्थों के अलावा कुछ घरेलू इस्तेमाल की चीजें भी शामिल की गई थीं. यही वजह है कि कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई थी.

कंपनी ने क्या दी दलील?

कंपनी ने अदालत में कहा कि उसने मुनाफे के लिए एक्सपायर्ड सामान को दोबारा लेबल, री-पैक या बेचने का काम नहीं की है. याचिकाकर्ताओं ने यह भी दावा किया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की जांच, सैंपल लेने और आगे की प्रक्रिया में खामियां थीं. कंपनी ने इन्हीं आधारों पर अपने खिलाफ चल रहे आपराधिक मामले को रद्द करने की मांग की थी.

कोर्ट ने क्यों नहीं खारिज किया केस?

कर्नाटक हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए याचिका खारिज कर दी. साथ ही कोर्ट ने कहा कि अगर एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थों पर नया लेबल लगाकर उन्हें ताजा बताकर दोबारा बाजार में उतारने का आरोप सही साबित होता है, तो इसे महज लापरवाही नहीं कहा जा सकता है. यह ग्राहकों के साथ धोखे और उनके स्वास्थ्य को खतरे में डालने का मामला हो सकता है. 

ग्राहक इन बातों को ध्यान रखें

  • पैकेट खरीदने से पहले हमेशा एक्सपायरी डेट जरूर देखें.
  • अगर पैकेट पर दोबारा चिपका हुआ या संदिग्ध लेबल दिखाई दे, तो उत्पाद खरीदने से बचें.
  • पैकेजिंग खराब, फटी या असामान्य लगे तो सामान न खरीदें.
  • खाद्य पदार्थों की सील और पैकेट की स्थिति भी जांच लें.

Withdrawal Limit: बार-बार ATM से कैश निकालते हैं, फ्री लिमिट के बाद कितना होगा चार्ज? जानें SBI का नया रेट

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