गुड न्यूज़: भारतीय इकोनॉमी को लगने वाला है बूस्टर डोज, सिर्फ 3 महीने में खर्च होंगे 2.19 लाख करोड़
India's Urban Households To Spend: जीएसटी रिफॉर्म के लिए उठाए गए कदमों के बीच यह खबर भारतीय इकोनॉमी के लिए बूस्टर डोज साबित होने वाली है. त्योहारी मौसम यानी अगले सिर्फ तीन महीने के अंदर सितंबर से लेकर नवंबर के बीच देश के शहरी क्षेत्रों के लोग करीब 2.19 लाख करोड़ (लगभग 24.8 बिलियन डॉलर) खर्च करने वाले हैं. लोकल सर्किल्स की सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, यह आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले करीब 18 प्रतिशत ज्यादा है. पिछले साल इस दौरान 1.85 लाख करोड़ रुपये शहरी क्षेत्र के लोगों ने खर्च किया था. मतलब इस बार करीब 73000 करोड़ रुपये लोग ज्यादा खर्च करने जा रहे हैं. इस त्योहारी मौसम में बूस्टर डोज सर्वे के दौरान 44 हजार घरों के 2 लाख लोगों से पूछताछ कर उनसे फीडबैक लिया गया, जिसमें देशभर के 319 जिलों को शामिल किया गया था. सबसे खास बात ये रही कि इस सर्वे के दौरान ज्यादातर यानी एक तिहाई जवाब देने वाले पुरुष जबकि पांच में से दो महिलाएं थीं. इसमें टियर-1 और टियर-2 शहरों के 70 प्रतिशत लोगों को शामिल किया गया जबकि बाकी टियर-3 और टियर-4 के लोग थे. इन सभी का कुल औसत अनुमानित खर्च देश के शहरी क्षेत्रों में रहने वाले परिवार और उनके औसत खर्च के पैटर्न के आधार पर निकाला गया है. इस साल क्यों खर्च में 18 प्रतिशत का इजाफा? सर्वे के दौरान करीब 15 प्रतिशत लोग ऐसे थे जिन्होंने यह संकेत दिया कि उनका खर्च करीब 50 हजार से लेकर 1 लाख के नीचे रह सकता है. जबकि, 25 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे अगले तीन महीने के दौरान त्योहारी मौसम में 20 हजार से लेकर 50 हजार रुपये तक खर्च करेंगे. खास बात ये है कि रिपोर्ट में यह बताया गया है कि त्योहारी सीजन में खर्च में इजाफे की वजह शहरी क्षेत्रों के परिवारों की तरफ से 20 हजार रुपये के ऊपर का खर्च का प्लान है, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी है. रिपोर्ट में कहा गया है कि त्योहारी मौसम में खर्च के बढ़ने की वजह आय में इजाफा और ई-कॉमर्स की सेल में बढ़ोतरी है. इस साल रक्षाबंधन में लोगों के खर्च में भी पिछले साल के मुकाबले 75 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई और यह पिछले साल 12000 के मुकाबले इस साल 2025 में बढ़कर 21000 करोड़ रुपये हो गया है. ये भी पढ़ें: ICU में पहुंचे रुपये ने बढ़ाई भारत की चिंता, एक्टिव हुई सरकार, निर्मला सीतारमण ने बताया पूरा प्लान
India's Urban Households To Spend: जीएसटी रिफॉर्म के लिए उठाए गए कदमों के बीच यह खबर भारतीय इकोनॉमी के लिए बूस्टर डोज साबित होने वाली है. त्योहारी मौसम यानी अगले सिर्फ तीन महीने के अंदर सितंबर से लेकर नवंबर के बीच देश के शहरी क्षेत्रों के लोग करीब 2.19 लाख करोड़ (लगभग 24.8 बिलियन डॉलर) खर्च करने वाले हैं. लोकल सर्किल्स की सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, यह आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले करीब 18 प्रतिशत ज्यादा है.
पिछले साल इस दौरान 1.85 लाख करोड़ रुपये शहरी क्षेत्र के लोगों ने खर्च किया था. मतलब इस बार करीब 73000 करोड़ रुपये लोग ज्यादा खर्च करने जा रहे हैं.
इस त्योहारी मौसम में बूस्टर डोज
सर्वे के दौरान 44 हजार घरों के 2 लाख लोगों से पूछताछ कर उनसे फीडबैक लिया गया, जिसमें देशभर के 319 जिलों को शामिल किया गया था. सबसे खास बात ये रही कि इस सर्वे के दौरान ज्यादातर यानी एक तिहाई जवाब देने वाले पुरुष जबकि पांच में से दो महिलाएं थीं.
इसमें टियर-1 और टियर-2 शहरों के 70 प्रतिशत लोगों को शामिल किया गया जबकि बाकी टियर-3 और टियर-4 के लोग थे. इन सभी का कुल औसत अनुमानित खर्च देश के शहरी क्षेत्रों में रहने वाले परिवार और उनके औसत खर्च के पैटर्न के आधार पर निकाला गया है.
इस साल क्यों खर्च में 18 प्रतिशत का इजाफा?
सर्वे के दौरान करीब 15 प्रतिशत लोग ऐसे थे जिन्होंने यह संकेत दिया कि उनका खर्च करीब 50 हजार से लेकर 1 लाख के नीचे रह सकता है. जबकि, 25 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे अगले तीन महीने के दौरान त्योहारी मौसम में 20 हजार से लेकर 50 हजार रुपये तक खर्च करेंगे. खास बात ये है कि रिपोर्ट में यह बताया गया है कि त्योहारी सीजन में खर्च में इजाफे की वजह शहरी क्षेत्रों के परिवारों की तरफ से 20 हजार रुपये के ऊपर का खर्च का प्लान है, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि त्योहारी मौसम में खर्च के बढ़ने की वजह आय में इजाफा और ई-कॉमर्स की सेल में बढ़ोतरी है. इस साल रक्षाबंधन में लोगों के खर्च में भी पिछले साल के मुकाबले 75 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई और यह पिछले साल 12000 के मुकाबले इस साल 2025 में बढ़कर 21000 करोड़ रुपये हो गया है.
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