गर्म तवा पानी में क्यों नहीं डालना चाहिए, क्या है इसके पीछे का साइंस?
भारतीय रसोई में रोटियां बनाने के लिए तवे का इस्तेमाल रोजाना होता है. अक्सर देखा जाता है कि रोटी बनाने के तुरंत बाद लोग गर्म तवे को सिंक में डाल देते हैं या उस पर सीधा पानी डाल देते हैं. घर के बड़े-बुजुर्ग अक्सर ऐसा करने से मना करते हैं. कुछ लोग इसे केवल एक आम धारणा या शगुन-अपशगुन से जोड़कर देखते हैं, लेकिन इसके पीछे एक बहुत बड़ा वैज्ञानिक कारण छिपा है. गर्म तवे पर तुरंत पानी डालना आपके बर्तन को पूरी तरह से बर्बाद कर सकता है और रसोई में दुर्घटना की वजह भी बन सकता है. क्या होता है थर्मल शॉक? जब हम गर्म तवे पर अचानक ठंडा पानी डालते हैं, तो विज्ञान की भाषा में इस प्रक्रिया को थर्मल शॉक कहा जाता है. तवा चाहे लोहे का हो, एल्युमिनियम का हो या नॉन-स्टिक हो, गर्म होने पर उसके धातु के कण फैल जाते हैं. जब इस अत्यधिक गर्म धातु पर अचानक ठंडा पानी गिरता है, तो तापमान में बहुत तेजी से गिरावट आती है. धातु का जो हिस्सा पानी के सीधे संपर्क में आता है, वह तुरंत सिकुड़ जाता है, जबकि तवे का बाकी हिस्सा अभी भी गर्म और फैला हुआ रहता है. तापमान के इस अचानक और बड़े अंतर के कारण धातु के अंदर एक भारी दबाव पैदा होता है. विज्ञान के इसी सिद्धांत के कारण गर्म तवे पर पानी डालते ही जोर से छन-छन की आवाज आती है और भाप निकलती है. तवे का आकार हो जाता है खराब थर्मल शॉक का सबसे पहला और सीधा असर तवे के आकार पर पड़ता है. अचानक सिकुड़ने और फैलने के इस दबाव को धातु बर्दाश्त नहीं कर पाती. इसके कारण तवा बीच में से टेढ़ा हो जाता है या उसमें उभार आ जाता है जिसे विज्ञान की भाषा में वारपिंग कहते हैं. एक बार जब तवे का आकार बिगड़ जाता है या वह नीचे से असमान हो जाता है, तो उस पर दोबारा रोटी बनाना बहुत मुश्किल हो जाता है. टेढ़े तवे पर गर्मी बराबर मात्रा में नहीं फैलती, जिससे रोटियां कहीं से जल जाती हैं और कहीं से कच्ची रह जाती हैं. नॉन-स्टिक और लोहे के तवे को भारी नुकसान गर्म नॉन-स्टिक तवे पर पानी डालना सबसे ज्यादा नुकसानदेह होता है. इन तवों पर एक खास टेफ्लॉन कोटिंग होती है, जो खाना चिपकने से रोकती है. थर्मल शॉक के कारण यह कोटिंग तवे की सतह को छोड़ देती है और उखड़ने लगती है. खराब हो चुकी कोटिंग वाला तवा सेहत के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है. वहीं दूसरी ओर, लोहे के तवे पर अचानक पानी डालने से उसकी ऊपरी सुरक्षात्मक परत खत्म हो जाती है. इसके कारण लोहे के तवे पर बहुत तेजी से जंग लगने लगती है और अगली बार जब आप उस पर रोटी बनाएंगे, तो रोटियां तवे से चिपकने लगेंगी. यह भी पढे़ं: कुकर की रबर हो गई है ढीली? 2 मिनट में ऐसे करें सही बर्तनों को साफ करने का सही तरीका अपनी रसोई के बर्तनों और तवे को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए सही तरीका अपनाना बेहद जरूरी है. रोटी बनाने के बाद तवे को गैस स्टोव पर ही छोड़ दें और उसे पूरी तरह से अपने आप ठंडा होने दें. जब तवा सामान्य तापमान पर आ जाए, तभी उसे सिंक में धोने के लिए ले जाएं. अगर तवे पर कुछ खाना चिपक गया है और उसे साफ करना मुश्किल हो रहा है, तो ठंडे हो चुके तवे में थोड़ा सा गुनगुना पानी और लिक्विड सोप डालकर कुछ देर के लिए छोड़ दें. इससे गंदगी अपने आप ढीली हो जाएगी और बर्तन बिना किसी नुकसान के आसानी से साफ हो जाएगा. यह भी पढे़ं: असली और नकली अंडे की पहचान कैसे करें? नोट करें 2 मिनट का टेस्ट
भारतीय रसोई में रोटियां बनाने के लिए तवे का इस्तेमाल रोजाना होता है. अक्सर देखा जाता है कि रोटी बनाने के तुरंत बाद लोग गर्म तवे को सिंक में डाल देते हैं या उस पर सीधा पानी डाल देते हैं. घर के बड़े-बुजुर्ग अक्सर ऐसा करने से मना करते हैं. कुछ लोग इसे केवल एक आम धारणा या शगुन-अपशगुन से जोड़कर देखते हैं, लेकिन इसके पीछे एक बहुत बड़ा वैज्ञानिक कारण छिपा है. गर्म तवे पर तुरंत पानी डालना आपके बर्तन को पूरी तरह से बर्बाद कर सकता है और रसोई में दुर्घटना की वजह भी बन सकता है.
क्या होता है थर्मल शॉक?
जब हम गर्म तवे पर अचानक ठंडा पानी डालते हैं, तो विज्ञान की भाषा में इस प्रक्रिया को थर्मल शॉक कहा जाता है. तवा चाहे लोहे का हो, एल्युमिनियम का हो या नॉन-स्टिक हो, गर्म होने पर उसके धातु के कण फैल जाते हैं. जब इस अत्यधिक गर्म धातु पर अचानक ठंडा पानी गिरता है, तो तापमान में बहुत तेजी से गिरावट आती है.
धातु का जो हिस्सा पानी के सीधे संपर्क में आता है, वह तुरंत सिकुड़ जाता है, जबकि तवे का बाकी हिस्सा अभी भी गर्म और फैला हुआ रहता है. तापमान के इस अचानक और बड़े अंतर के कारण धातु के अंदर एक भारी दबाव पैदा होता है. विज्ञान के इसी सिद्धांत के कारण गर्म तवे पर पानी डालते ही जोर से छन-छन की आवाज आती है और भाप निकलती है.
तवे का आकार हो जाता है खराब
थर्मल शॉक का सबसे पहला और सीधा असर तवे के आकार पर पड़ता है. अचानक सिकुड़ने और फैलने के इस दबाव को धातु बर्दाश्त नहीं कर पाती. इसके कारण तवा बीच में से टेढ़ा हो जाता है या उसमें उभार आ जाता है जिसे विज्ञान की भाषा में वारपिंग कहते हैं.
एक बार जब तवे का आकार बिगड़ जाता है या वह नीचे से असमान हो जाता है, तो उस पर दोबारा रोटी बनाना बहुत मुश्किल हो जाता है. टेढ़े तवे पर गर्मी बराबर मात्रा में नहीं फैलती, जिससे रोटियां कहीं से जल जाती हैं और कहीं से कच्ची रह जाती हैं.
नॉन-स्टिक और लोहे के तवे को भारी नुकसान
गर्म नॉन-स्टिक तवे पर पानी डालना सबसे ज्यादा नुकसानदेह होता है. इन तवों पर एक खास टेफ्लॉन कोटिंग होती है, जो खाना चिपकने से रोकती है. थर्मल शॉक के कारण यह कोटिंग तवे की सतह को छोड़ देती है और उखड़ने लगती है. खराब हो चुकी कोटिंग वाला तवा सेहत के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है.
वहीं दूसरी ओर, लोहे के तवे पर अचानक पानी डालने से उसकी ऊपरी सुरक्षात्मक परत खत्म हो जाती है. इसके कारण लोहे के तवे पर बहुत तेजी से जंग लगने लगती है और अगली बार जब आप उस पर रोटी बनाएंगे, तो रोटियां तवे से चिपकने लगेंगी.
यह भी पढे़ं: कुकर की रबर हो गई है ढीली? 2 मिनट में ऐसे करें सही
बर्तनों को साफ करने का सही तरीका
अपनी रसोई के बर्तनों और तवे को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए सही तरीका अपनाना बेहद जरूरी है. रोटी बनाने के बाद तवे को गैस स्टोव पर ही छोड़ दें और उसे पूरी तरह से अपने आप ठंडा होने दें. जब तवा सामान्य तापमान पर आ जाए, तभी उसे सिंक में धोने के लिए ले जाएं.
अगर तवे पर कुछ खाना चिपक गया है और उसे साफ करना मुश्किल हो रहा है, तो ठंडे हो चुके तवे में थोड़ा सा गुनगुना पानी और लिक्विड सोप डालकर कुछ देर के लिए छोड़ दें. इससे गंदगी अपने आप ढीली हो जाएगी और बर्तन बिना किसी नुकसान के आसानी से साफ हो जाएगा.
यह भी पढे़ं: असली और नकली अंडे की पहचान कैसे करें? नोट करें 2 मिनट का टेस्ट
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