गपशप से घटती है ओज Aura शक्ति! आयुर्वेद में वाणी की शुद्धि का रहस्य जानें

Gossip from perspective of Ayurveda: आयुर्वेद सिर्फ शरीर को स्वस्थ रखने की पद्धति नहीं है, बल्कि यह एक संपूर्ण जीवनशैली है. इसमें आपके खान-पान, व्यवहार, सोच और वाणी तक को विशेष महत्व दिया गया है. आपके शब्द केवल ध्वनि का काम नहीं करते, बल्कि इनमें ऊर्जा भी होती है, जो आपके ओजस (Aura) पर अच्छे और बुरे प्रभाव डालती है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि गपशप (gossip) सिर्फ समय की बर्बादी नहीं, बल्कि आपके आभामंडल और जीवन शक्ति की भी चोरी है? वाणी में होती है ऊर्जाआयुर्वेद में वाणी (वाक) को पवित्र माना गया है. हर बोले गए शब्द में ऊर्जा होती है जो आपके भीतर और बाहर प्रभाव डालती है. जब आप नकारात्मक, आलोचनात्मक या बेवजह की बातों में शामिल होते हैं, तो आप अपने ही ओजस को नुकसान पहुंचाते हैं. ओजस क्या होता है?ओजस वह सूक्ष्म तत्व है जो आपके शरीर, मन और आत्मा की जीवन शक्ति को बनाए रखता है. यह आपकी प्राकृतिक आभा, मानसिक स्थिरता और प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत करता है. ओजस मजबूत होता है तो व्यक्ति शांत, आकर्षक और आत्मविश्वासी नजर आता है. लेकिन गपशप, क्रोध या निंदा जैसे व्यवहार से यह ऊर्जा क्षीण होने लगती है. गपशप क्यों है खतरनाक? गपशप करने या सुनने से आपका सूक्ष्म शरीर तनाव में आ जाता है. यह वात और रजस गुणों को उत्तेजित करता है, जिससे मानसिक अस्थिरता बढ़ती है. गपशप से जुड़ी समस्याएं: मानसिक थकावट और भ्रम ऊर्जा का खत्म होना अनिद्रा या disturbed sleep भावनात्मक असंतुलन आभा (Aura) का गिरना आयुर्वेद मानता है कि आपका सूक्ष्म शरीर हर बातचीत को 'रिकॉर्ड' करता है. यहां तक कि नकारात्मक बातें सुनना भी आपकी ऊर्जा पर असर डालता है. इस वजह से आप अकारण बेचैनी, थकान, या तनाव महसूस कर सकते हैं. कैसे करें वाणी की शुद्धि? दिन में कुछ समय मौन का अभ्यास करें. यह मानसिक पोषण देता है. कंठ चक्र की शुद्धि के लिए मंत्र जप करें. जैसे- "ॐ नमः शिवाय" या "सोऽहम". वही बोलें जो सत्य, प्रिय और आवश्यक हो. यह वाक् शुद्धि का मूलमंत्र है. अगली बार गपशप करने से पहले खुद से यह प्रश्न करें. सोच-समझकर बोलना सिर्फ शिष्टाचार नहीं, बल्कि आध्यात्मिक अभ्यास है. जब आपकी वाणी सकारात्मक और उद्देश्यपूर्ण होती है तो ये आपकी आभा को निखारने का काम करती है. आयुर्वेद में सुंदरता सिर्फ शरीर की नहीं, ऊर्जा की होती है. आपके कपड़े या श्रृंगार नहीं, आपकी शांतिपूर्ण वाणी और ऊर्जा ही आपको आकर्षक बनाती है. इसलिए गपशप नहीं, मौन और उपस्थिति को चुनें. यही आपके ओज की रक्षा करता है. Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. 

Aug 2, 2025 - 16:30
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गपशप से घटती है ओज Aura शक्ति! आयुर्वेद में वाणी की शुद्धि का रहस्य जानें

Gossip from perspective of Ayurveda: आयुर्वेद सिर्फ शरीर को स्वस्थ रखने की पद्धति नहीं है, बल्कि यह एक संपूर्ण जीवनशैली है. इसमें आपके खान-पान, व्यवहार, सोच और वाणी तक को विशेष महत्व दिया गया है. आपके शब्द केवल ध्वनि का काम नहीं करते, बल्कि इनमें ऊर्जा भी होती है, जो आपके ओजस (Aura) पर अच्छे और बुरे प्रभाव डालती है.

लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि गपशप (gossip) सिर्फ समय की बर्बादी नहीं, बल्कि आपके आभामंडल और जीवन शक्ति की भी चोरी है?

वाणी में होती है ऊर्जा
आयुर्वेद में वाणी (वाक) को पवित्र माना गया है. हर बोले गए शब्द में ऊर्जा होती है जो आपके भीतर और बाहर प्रभाव डालती है. जब आप नकारात्मक, आलोचनात्मक या बेवजह की बातों में शामिल होते हैं, तो आप अपने ही ओजस को नुकसान पहुंचाते हैं.

ओजस क्या होता है?
ओजस वह सूक्ष्म तत्व है जो आपके शरीर, मन और आत्मा की जीवन शक्ति को बनाए रखता है. यह आपकी प्राकृतिक आभा, मानसिक स्थिरता और प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत करता है. ओजस मजबूत होता है तो व्यक्ति शांत, आकर्षक और आत्मविश्वासी नजर आता है. लेकिन गपशप, क्रोध या निंदा जैसे व्यवहार से यह ऊर्जा क्षीण होने लगती है.

गपशप क्यों है खतरनाक?

  • गपशप करने या सुनने से आपका सूक्ष्म शरीर तनाव में आ जाता है.
  • यह वात और रजस गुणों को उत्तेजित करता है, जिससे मानसिक अस्थिरता बढ़ती है.

गपशप से जुड़ी समस्याएं:

  • मानसिक थकावट और भ्रम
  • ऊर्जा का खत्म होना
  • अनिद्रा या disturbed sleep
  • भावनात्मक असंतुलन
  • आभा (Aura) का गिरना

आयुर्वेद मानता है कि आपका सूक्ष्म शरीर हर बातचीत को 'रिकॉर्ड' करता है. यहां तक कि नकारात्मक बातें सुनना भी आपकी ऊर्जा पर असर डालता है. इस वजह से आप अकारण बेचैनी, थकान, या तनाव महसूस कर सकते हैं.

कैसे करें वाणी की शुद्धि?
दिन में कुछ समय मौन का अभ्यास करें. यह मानसिक पोषण देता है.
कंठ चक्र की शुद्धि के लिए मंत्र जप करें. जैसे- "ॐ नमः शिवाय" या "सोऽहम".
वही बोलें जो सत्य, प्रिय और आवश्यक हो. यह वाक् शुद्धि का मूलमंत्र है.
अगली बार गपशप करने से पहले खुद से यह प्रश्न करें.
सोच-समझकर बोलना सिर्फ शिष्टाचार नहीं, बल्कि आध्यात्मिक अभ्यास है.
जब आपकी वाणी सकारात्मक और उद्देश्यपूर्ण होती है तो ये आपकी आभा को निखारने का काम करती है.

आयुर्वेद में सुंदरता सिर्फ शरीर की नहीं, ऊर्जा की होती है. आपके कपड़े या श्रृंगार नहीं, आपकी शांतिपूर्ण वाणी और ऊर्जा ही आपको आकर्षक बनाती है. इसलिए गपशप नहीं, मौन और उपस्थिति को चुनें. यही आपके ओज की रक्षा करता है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. 

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