खामेनेई की मौत के 5 दिन बाद भारत ने जताया दुख, ईरानी दूतावास पहुंचे विदेश सचिव विक्रम मिसरी, लिखा शोक संदेश
भारत सरकार की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने गुरुवार (5 मार्च, 2026) को नई दिल्ली स्थित ईरान दूतावास में शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए और ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को श्रद्धांजलि दी. 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता थे खामेनेई86 साल के अली खामेनेई 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता थे और लंबे समय तक देश का नेतृत्व करते रहे. रिपोर्ट के मुताबिक, बीते शनिवार तड़के अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य अभियान में उनकी मौत हो गई. ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दी जानकारीखामेनेई की मौत की जानकारी सबसे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर दी. उन्होंने शनिवार रात (भारतीय समय के अनुसार) पोस्ट करते हुए कहा कि खामेनेई की मौत ईरान के लोगों के लिए देश पर नियंत्रण पाने का बड़ा मौका है. डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा कि खामेनेई इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक थे और उनकी मौत न्याय की तरह है. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ ईरान के लोगों के लिए ही नहीं बल्कि अमेरिका और दुनिया के उन लोगों के लिए भी न्याय है जो खामेनेई की नीतियों के कारण मारे गए या घायल हुए. रूस और चीन ने की निंदाइस घटना पर दुनिया भर के कई देशों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की. इजरायल ने सेना की इस कार्रवाई के लिए बधाई दी, वहीं रूस और चीन ने सबसे पहले इसकी निंदा की. दोनों देशों ने सैन्य हवाई हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया.
भारत सरकार की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने गुरुवार (5 मार्च, 2026) को नई दिल्ली स्थित ईरान दूतावास में शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए और ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को श्रद्धांजलि दी.
1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता थे खामेनेई
86 साल के अली खामेनेई 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता थे और लंबे समय तक देश का नेतृत्व करते रहे. रिपोर्ट के मुताबिक, बीते शनिवार तड़के अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य अभियान में उनकी मौत हो गई.
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी
खामेनेई की मौत की जानकारी सबसे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर दी. उन्होंने शनिवार रात (भारतीय समय के अनुसार) पोस्ट करते हुए कहा कि खामेनेई की मौत ईरान के लोगों के लिए देश पर नियंत्रण पाने का बड़ा मौका है. डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा कि खामेनेई इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक थे और उनकी मौत न्याय की तरह है. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ ईरान के लोगों के लिए ही नहीं बल्कि अमेरिका और दुनिया के उन लोगों के लिए भी न्याय है जो खामेनेई की नीतियों के कारण मारे गए या घायल हुए.
रूस और चीन ने की निंदा
इस घटना पर दुनिया भर के कई देशों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की. इजरायल ने सेना की इस कार्रवाई के लिए बधाई दी, वहीं रूस और चीन ने सबसे पहले इसकी निंदा की. दोनों देशों ने सैन्य हवाई हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया.
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