क्या बालों को कलर करने से खराब हो जाती है किडनी? डॉक्टर से जान लें हकीकत

आजकल बालों में कलर करना आम हो गया है. यह अब धीरे-धीरे लोगों की लाइफस्टाइल का एक हिस्सा बन चुका है. खासकर युवाओं में यह फैशन तेजी से बढ़ रहा है. कोई बालों में कलर करवाकर अपने फेवरेट सेलिब्रिटी जैसा दिखना चाहता है, तो कोई बस अपने लुक में थोड़ा चेंज लाना चाहता है. हालांकि कई एक्सपर्ट्स के अनुसार बालों में बार-बार कलर कराने का असर हमारी किडनी पर भी पड़ता है. वहीं इसे लेकर कई मामले भी सामने आए हैं. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताएंगे कि क्या सच में बालों को कलर करने से किडनी खराब हो जाती है और इसे लेकर डॉक्टर क्या कहते हैं.  चीन में बालों को कलर करने से हुई लड़की की किडनी खराब  बालों में कलर से किडनी खराब होने का मामला हाल ही में चीन से सामने आया है. दरअसल चीन में एक 20 साल की लड़की अपने फेवरेट सेलिब्रिटी की तरह दिखने के लिए हर महीने हेयर डाई कराती थी. शुरुआत में यह सिर्फ फैशन ट्रेंड था, लेकिन धीरे-धीरे उसके खतरनाक असर दिखने लगे. कुछ ही समय बाद लड़की के पैरों पर लाल धब्बे पड़ गए, जोड़ों में दर्द होने लगा और पेट में अकड़न महसूस हुई. इसके बाद जब वह हॉस्‍प‍िटल पहुंची तो, डॉक्टरों ने बताया कि उसकी किडनी में सूजन आ गई है. डॉक्टरों के अनुसार लड़की कि‍ यह हालत लगातार हेयर डाई करने की वजह से हुई है. दरअसल डॉक्टर के अनुसार ज्यादातर हेयर डाई में कुछ जहरीले केमिकल पाए जाते हैं जो लंबे समय तक शरीर में जमा होकर किडनी, फेफड़े और लीवर को नुकसान पहुंचा सकते हैं. यहीं नहीं इन केमिकल के बार-बार प्रयोग से कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है.  बालों में कलर से किडनी फेल्योर की भी समस्या  डॉक्टरों के अनुसार कई हेयर कलर्स में प्रोपिलीन ग्लाइकॉल और रिसोर्सिनोल जैसे केमिकल मौजूद होते हैं. यह केमिकल हेयर कलर से हमारे शरीर में घुलकर  ब्लड सर्कुलेशन और किडनी के काम करने की क्षमता को प्रभावित करते हैं. प्रोपोलिन ग्लाइकॉल की ज्यादा मात्रा हमारे शरीर के तरल पदार्थ को गाढ़ा बना देती है, जिससे किडनी की नसों में सूजन हो सकती है. वहीं रिसोर्सिनोल का ज्यादा इस्तेमाल हार्मोनल असंतुलन और किडनी फेल्योर का कारण बन सकता है.  कैसे करें किडनी का बचाव? बालों के कलर से किडनी में होने वाली समस्याओं का बचाव करने के लिए डॉक्टर सलाह देते हैं क‍ि बार-बार बालों को कलर करने से बचना चाहिए. वहीं बालों को कलर करने से पहले हमेशा पैच टेस्‍ट करना चाह‍िए. पैच टेस्ट में पहले बालों के थोड़े से हिस्से पर कलर लगाया जाता है और देखा जाता है क‍ि कोई रिएक्शन तो नहीं हो रहा है. इसके अलावा अगर बालों को कलर करना जरूरी हो तो ऐसे प्रोडक्ट्स चुनें जिसमें खतरनाक केमिकल न हो. इसके अलावा डॉक्टर सलाह देते हैं कि बालों को कलर करने के लिए हमेशा हर्बल या ऑर्गेनिक डाई का ही इस्तेमाल करें. साथ ही कोशिश करें कि बालों में कलर लगाने के दौरान हाथों में दस्ताने पहनें. ये भी पढ़ें-Silent Heart Attack Signs: सीने का हर दर्द नहीं होता हार्ट अटैक, जानें कैसे पहचाने मौत की आहट!

Oct 8, 2025 - 11:30
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क्या बालों को कलर करने से खराब हो जाती है किडनी? डॉक्टर से जान लें हकीकत

आजकल बालों में कलर करना आम हो गया है. यह अब धीरे-धीरे लोगों की लाइफस्टाइल का एक हिस्सा बन चुका है. खासकर युवाओं में यह फैशन तेजी से बढ़ रहा है. कोई बालों में कलर करवाकर अपने फेवरेट सेलिब्रिटी जैसा दिखना चाहता है, तो कोई बस अपने लुक में थोड़ा चेंज लाना चाहता है. हालांकि कई एक्सपर्ट्स के अनुसार बालों में बार-बार कलर कराने का असर हमारी किडनी पर भी पड़ता है. वहीं इसे लेकर कई मामले भी सामने आए हैं. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताएंगे कि क्या सच में बालों को कलर करने से किडनी खराब हो जाती है और इसे लेकर डॉक्टर क्या कहते हैं.

 चीन में बालों को कलर करने से हुई लड़की की किडनी खराब 

बालों में कलर से किडनी खराब होने का मामला हाल ही में चीन से सामने आया है. दरअसल चीन में एक 20 साल की लड़की अपने फेवरेट सेलिब्रिटी की तरह दिखने के लिए हर महीने हेयर डाई कराती थी. शुरुआत में यह सिर्फ फैशन ट्रेंड था, लेकिन धीरे-धीरे उसके खतरनाक असर दिखने लगे. कुछ ही समय बाद लड़की के पैरों पर लाल धब्बे पड़ गए, जोड़ों में दर्द होने लगा और पेट में अकड़न महसूस हुई. इसके बाद जब वह हॉस्‍प‍िटल पहुंची तो, डॉक्टरों ने बताया कि उसकी किडनी में सूजन आ गई है. डॉक्टरों के अनुसार लड़की कि‍ यह हालत लगातार हेयर डाई करने की वजह से हुई है. दरअसल डॉक्टर के अनुसार ज्यादातर हेयर डाई में कुछ जहरीले केमिकल पाए जाते हैं जो लंबे समय तक शरीर में जमा होकर किडनी, फेफड़े और लीवर को नुकसान पहुंचा सकते हैं. यहीं नहीं इन केमिकल के बार-बार प्रयोग से कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है. 

बालों में कलर से किडनी फेल्योर की भी समस्या 

डॉक्टरों के अनुसार कई हेयर कलर्स में प्रोपिलीन ग्लाइकॉल और रिसोर्सिनोल जैसे केमिकल मौजूद होते हैं. यह केमिकल हेयर कलर से हमारे शरीर में घुलकर  ब्लड सर्कुलेशन और किडनी के काम करने की क्षमता को प्रभावित करते हैं. प्रोपोलिन ग्लाइकॉल की ज्यादा मात्रा हमारे शरीर के तरल पदार्थ को गाढ़ा बना देती है, जिससे किडनी की नसों में सूजन हो सकती है. वहीं रिसोर्सिनोल का ज्यादा इस्तेमाल हार्मोनल असंतुलन और किडनी फेल्योर का कारण बन सकता है. 

कैसे करें किडनी का बचाव?

बालों के कलर से किडनी में होने वाली समस्याओं का बचाव करने के लिए डॉक्टर सलाह देते हैं क‍ि बार-बार बालों को कलर करने से बचना चाहिए. वहीं बालों को कलर करने से पहले हमेशा पैच टेस्‍ट करना चाह‍िए. पैच टेस्ट में पहले बालों के थोड़े से हिस्से पर कलर लगाया जाता है और देखा जाता है क‍ि कोई रिएक्शन तो नहीं हो रहा है. इसके अलावा अगर बालों को कलर करना जरूरी हो तो ऐसे प्रोडक्ट्स चुनें जिसमें खतरनाक केमिकल न हो. इसके अलावा डॉक्टर सलाह देते हैं कि बालों को कलर करने के लिए हमेशा हर्बल या ऑर्गेनिक डाई का ही इस्तेमाल करें. साथ ही कोशिश करें कि बालों में कलर लगाने के दौरान हाथों में दस्ताने पहनें.

ये भी पढ़ें-Silent Heart Attack Signs: सीने का हर दर्द नहीं होता हार्ट अटैक, जानें कैसे पहचाने मौत की आहट!

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