क्या आप भी रोज लेते हैं शॉवर तो अपने फेफड़ों को बना रहे इंफेक्शन का शिकार? यह बैक्टीरिया बना खतरा

आमतौर पर रोजाना लोग सुबह उठकर शॉवर लेते हैं. सुबह-सुबह शॉवर लेने का मकसद साफ-सुथरा और तरोताजा महसूस करना होता है. क्या आप जानते हैं कि जिस शॉवर से आप नहाते हैं, वही फेफड़ों के लिए खतरा बन सकता है? रिसर्च में सामने आया है कि शॉवर हेड और उसके पाइप के अंदर लाखों की संख्या में बैक्टीरिया और फंगस रहते हैं, जो हर बार शॉवर ऑन करने पर आपके चेहरे और सांसों के जरिए शरीर में जा सकते हैं. ऐसे में चलिए आज आपको बताते हैं कि रोज शॉवर लेने से फेफड़े कैसे इन्फेक्शन का शिकार हो रहे हैं और इसके लिए कौन से बैक्टीरिया खतरा बना रहे हैं. शॉवर हेड में होता है माइक्रोब्स का अड्डा जब आप शॉवर लेते हैं तो उसके बाद शॉवर का पाइप और शावर हेड कई घंटों तक गर्म और गीले रहते हैं. यही समय बैक्टीरिया के बढ़ने के लिए सबसे अनुकूल माहौल होता है. शॉवर लेने के बाद गि‍ले पाइप के अंदर बनने वाली चिपचिपी परत असल में सूक्ष्मजीवों का घर होता है. जब आप सुबह नहाने के लिए शॉवर चालू करते हैं तो यही बायोफिल्म में झटके से पानी में घुलकर हवा में फैल जाती है. इसे लेकर लैब और घरों में किए गए परीक्षणों में पाया गया है कि शॉवर होज सतह पर प्रति वर्ग सेंटीमीटर लाखों से लेकर करोड़ बैक्टीरिया मौजूद हो सकते हैं. इनमें ज्यादातर नुकसानदायक नहीं होते हैं, लेकिन कुछ खतरनाक प्रकार के जैसे मायकोबैक्टीरिया और लीजियोनेला न्यूमोफिला पाए हैं, जो फेफड़ों में खतरनाक संक्रामक जैसे लीजियोनेयर डिजीज का कारण बन सकते हैं. किन लोगों को है ज्यादा खतरा?एक्सपर्ट्स के अनुसार शॉवर में पाए जाने वाले बैक्टीरिया का ज्यादातर लोगों के लिए खतरा बहुत कम है, लेकिन कमजोर इम्यूनिटी, बुजुर्गों या बीमार लोगों के लिए यह संक्रमण खतरनाक साबित हो सकता है. यही वजह है कि अस्पतालों और हेल्थ केयर सेंटर में शॉवर हेड को नियमित रूप से बदलने और डिसइनफेक्ट करने के सख्त नियम होते हैं ‌. अमेरिका में हुई इस स्टडी में यह भी सामने आया कि जिन इलाकों में शावर हेड में मायकोबैक्टीरिया की मात्रा ज्यादा थी, वहां फेफड़ों के एनटीएम इन्फेक्शन की केस भी ज्यादा मिले. इनमें हवाई, फ्लोरिडा, दक्षिण कैलिफोर्निया और न्यूयॉर्क जैसे गर्म और नम इलाके शामिल थे. नहाने से पहले यह सावधानी जरूर रखें अगर आप भी रोजाना शॉवर लेते हैं, तो आपको इससे घबराने की जरूरत नहीं है. क्योंकि एक्सपर्ट्स इसे लेकर कुछ आसान तरीके बताते हैं जो इन खतरों को बहुत हद कम कर सकते हैं.   इसके लिए आप शॉवर ऑन करने के बाद 1 से 2 मिनट तक लगातार पानी बहने दें, ताकि इसमें रात भर जमा बैक्टीरिया बह जाए. अगर आप शॉवर लेने जाते हैं तो पहले गीजर ऑन करके गर्म पानी को बहने दें. शॉवर में से गर्म पानी बहने पर लीजियोनेला जैसे बैक्टीरिया भी नष्ट हो जाते हैं. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि शॉवर हेड और पाइप की नियमित सफाई करें, शावर हेड को गर्म पानी से धोएं या नींबू के रस में भी भिगों कर भी साफ कर सकते हैं. बाथरूम का वेंटिलेशन चालू रखना भी जरूरी है, ऐसे में नहाने के बाद एग्जॉस्ट फैन चलाने से हवा में मौजूद माइक्रोब्स कम हो जाते हैं. ये भी पढ़ें-ब्रेस्ट कैंसर सिर्फ गांठ से नहीं पहचानें, इन शुरुआती लक्षणों पर भी दें ध्यान

Oct 14, 2025 - 15:30
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क्या आप भी रोज लेते हैं शॉवर तो अपने फेफड़ों को बना रहे इंफेक्शन का शिकार? यह बैक्टीरिया बना खतरा

आमतौर पर रोजाना लोग सुबह उठकर शॉवर लेते हैं. सुबह-सुबह शॉवर लेने का मकसद साफ-सुथरा और तरोताजा महसूस करना होता है. क्या आप जानते हैं कि जिस शॉवर से आप नहाते हैं, वही फेफड़ों के लिए खतरा बन सकता है? रिसर्च में सामने आया है कि शॉवर हेड और उसके पाइप के अंदर लाखों की संख्या में बैक्टीरिया और फंगस रहते हैं, जो हर बार शॉवर ऑन करने पर आपके चेहरे और सांसों के जरिए शरीर में जा सकते हैं. ऐसे में चलिए आज आपको बताते हैं कि रोज शॉवर लेने से फेफड़े कैसे इन्फेक्शन का शिकार हो रहे हैं और इसके लिए कौन से बैक्टीरिया खतरा बना रहे हैं.

शॉवर हेड में होता है माइक्रोब्स का अड्डा

जब आप शॉवर लेते हैं तो उसके बाद शॉवर का पाइप और शावर हेड कई घंटों तक गर्म और गीले रहते हैं. यही समय बैक्टीरिया के बढ़ने के लिए सबसे अनुकूल माहौल होता है. शॉवर लेने के बाद गि‍ले पाइप के अंदर बनने वाली चिपचिपी परत असल में सूक्ष्मजीवों का घर होता है. जब आप सुबह नहाने के लिए शॉवर चालू करते हैं तो यही बायोफिल्म में झटके से पानी में घुलकर हवा में फैल जाती है. इसे लेकर लैब और घरों में किए गए परीक्षणों में पाया गया है कि शॉवर होज सतह पर प्रति वर्ग सेंटीमीटर लाखों से लेकर करोड़ बैक्टीरिया मौजूद हो सकते हैं. इनमें ज्यादातर नुकसानदायक नहीं होते हैं, लेकिन कुछ खतरनाक प्रकार के जैसे मायकोबैक्टीरिया और लीजियोनेला न्यूमोफिला पाए हैं, जो फेफड़ों में खतरनाक संक्रामक जैसे लीजियोनेयर डिजीज का कारण बन सकते हैं.

किन लोगों को है ज्यादा खतरा?

एक्सपर्ट्स के अनुसार शॉवर में पाए जाने वाले बैक्टीरिया का ज्यादातर लोगों के लिए खतरा बहुत कम है, लेकिन कमजोर इम्यूनिटी, बुजुर्गों या बीमार लोगों के लिए यह संक्रमण खतरनाक साबित हो सकता है. यही वजह है कि अस्पतालों और हेल्थ केयर सेंटर में शॉवर हेड को नियमित रूप से बदलने और डिसइनफेक्ट करने के सख्त नियम होते हैं ‌. अमेरिका में हुई इस स्टडी में यह भी सामने आया कि जिन इलाकों में शावर हेड में मायकोबैक्टीरिया की मात्रा ज्यादा थी, वहां फेफड़ों के एनटीएम इन्फेक्शन की केस भी ज्यादा मिले. इनमें हवाई, फ्लोरिडा, दक्षिण कैलिफोर्निया और न्यूयॉर्क जैसे गर्म और नम इलाके शामिल थे.

नहाने से पहले यह सावधानी जरूर रखें

  • अगर आप भी रोजाना शॉवर लेते हैं, तो आपको इससे घबराने की जरूरत नहीं है. क्योंकि एक्सपर्ट्स इसे लेकर कुछ आसान तरीके बताते हैं जो इन खतरों को बहुत हद कम कर सकते हैं.  
  • इसके लिए आप शॉवर ऑन करने के बाद 1 से 2 मिनट तक लगातार पानी बहने दें, ताकि इसमें रात भर जमा बैक्टीरिया बह जाए.
  • अगर आप शॉवर लेने जाते हैं तो पहले गीजर ऑन करके गर्म पानी को बहने दें. शॉवर में से गर्म पानी बहने पर लीजियोनेला जैसे बैक्टीरिया भी नष्ट हो जाते हैं.
  • एक्सपर्ट्स बताते हैं कि शॉवर हेड और पाइप की नियमित सफाई करें, शावर हेड को गर्म पानी से धोएं या नींबू के रस में भी भिगों कर भी साफ कर सकते हैं.
  • बाथरूम का वेंटिलेशन चालू रखना भी जरूरी है, ऐसे में नहाने के बाद एग्जॉस्ट फैन चलाने से हवा में मौजूद माइक्रोब्स कम हो जाते हैं.

ये भी पढ़ें-ब्रेस्ट कैंसर सिर्फ गांठ से नहीं पहचानें, इन शुरुआती लक्षणों पर भी दें ध्यान

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