क्या UPSC का रिजल्ट जारी होते ही IAS को सैलरी मिलने लगती है? जान लीजिए जवाब

UPSC परीक्षा पास करना लाखों युवाओं का सपना होता है, लेकिन यह सपना कुछ ही लोगों का पूरा हो पाता है. जब कोई उम्मीदवार UPSC परीक्षा के तीन चरण प्रीलिम्स, मेन्स और इंटरव्यू को पास कर लेता है, तो उनका सेलेक्शन भारतीय प्रशासनिक सेवा में हो जाता है. ऐसे में कई बार लोगों का यह भी सवाल उठता है कि UPSC परीक्षा पास करने के कितने समय बाद IAS को सैलरी मिलने लगती है तो चलिए आज इसका जवाब हम आपको देंगे. IAS बनने के बाद कब मिलती है पहली सैलरी? लोगों के मन में ये सवाल अक्सर होता है कि UPSC रिजल्ट आते ही क्या IAS ऑफिसर की सैलरी शुरू हो जाती है. लेकिन ऐसा नहीं है UPSC रिजल्ट आते ही IAS को सैलरी नहीं मिलने लगती है. IAS को सैलरी मिलनी तब शुरू होती है जब उम्मीदवार मसूरी में ट्रेनिंग शुरू करते हैं. LBSNAA में बतौर ऑफिसर ट्रेनी जब उम्मीदवार रिपोर्ट करते हैं, तभी से उन्हें लगभग 56,000 प्रतिमाह स्टाइपेंड मिलना शुरू हो जाता है. वहीं इस सैलरी में से सभी मेस और बाकी खर्च काटने के बाद उम्मीदवार को इन-हैंड सैलरी करीब 40,000 मिलती हैमसूरी में कैसे होती है IAS की ट्रेनिंग? IAS अफसर बनने की राह मसूरी से शुरू होती है. मसूरी में स्थित LBSNAA में करीब 2 साल IAS अफसर की ट्रेनिंग होती है जिसमें  कई फेज शामिल होते हैं. IAS अफसर बनने के बाद LBSNAA में ट्रेनिंग के कई फेज होते हैं. इन फेज में पहले 15 हफ्ते का फाउंडेशन कोर्स होता है. जिसमें IAS के अलावा IPS, IFS, IRS जैसे अन्य सेवाओं के अधिकारी भी शामिल होते हैं. इस फेज में देश की राजनीति, समाज, कानून, प्रशासन और नैतिक मूल्यों की समझ विकसित की जाती है. इसके बाद ट्रेनिंग का एक फेज 22 हफ्ते का होता है. इस फेज में IAS अफसरों को प्रशासनिक व्यवस्था, नीति, कानून और प्रबंधन की ट्रेनिंग दी जाती है .IAS अफसर को ट्रेनिंग फेज में दी जाती है एक साल की डिस्ट्रिक्ट ट्रेनिंग IAS अफसर को ट्रेनिंग फेज में एक साल की डिस्ट्रिक्ट ट्रेनिंग भी दी जाती है. इस ट्रेनिंग में अधिकारी अपने अलॉटेड राज्य में जमीनी हकीकत सीखते हैं जैसे किस तरह से फाइलें चलती है, योजनाएं लागू होती है और बजट काम करता है. वहीं एक और फेज असिस्टेंट सेक्रेट्री शीप में IAS अफसर की फील्ड अनुभवों की समीक्षा होती है और केंद्र सरकार में कुछ समय काम करके प्रशासनिक प्रक्रियाओं की समझ गहराई से विकसित कराई जाती है. IAS अफसरों को मिलती हैं ये सुविधाएं IAS अफसर को सिर्फ सैलरी ही नहीं बल्कि सरकार की ओर से कई सुविधाएं भी मिलती हैं  जैसे सरकारी आवास, वाहन, घरेलू स्टाफ, सब्सिडाइज्ड बिजली-पानी-गैस और कई शहरों में सरकारी गेस्ट हाउस की सुविधा. इसके अलावा IAS अफसर को रिटायरमेंट के बाद पेंशन और अन्य लाभ भी आजीवन मिलते हैं. ट्रेनिंग पूरी होने के बाद कितनी बढ़ती है सैलरी? जब IAS अफसर की ट्रेनिंग पूरी हो जाती है और अफसर को प्रोबेशन के बाद फील्ड में नियुक्त कर दिया जाता है, तब उनकी सैलरी में काफी इजाफा होता है. सभी भत्तों को मिलाकर एक IAS अफसर की कुल सैलरी लगभग 1.5 लाख प्रति माह तक हो जाती है.  

May 10, 2025 - 09:30
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क्या UPSC का रिजल्ट जारी होते ही IAS को सैलरी मिलने लगती है? जान लीजिए जवाब

UPSC परीक्षा पास करना लाखों युवाओं का सपना होता है, लेकिन यह सपना कुछ ही लोगों का पूरा हो पाता है. जब कोई उम्मीदवार UPSC परीक्षा के तीन चरण प्रीलिम्स, मेन्स और इंटरव्यू को पास कर लेता है, तो उनका सेलेक्शन भारतीय प्रशासनिक सेवा में हो जाता है. ऐसे में कई बार लोगों का यह भी सवाल उठता है कि UPSC परीक्षा पास करने के कितने समय बाद IAS को सैलरी मिलने लगती है तो चलिए आज इसका जवाब हम आपको देंगे.

IAS बनने के बाद कब मिलती है पहली सैलरी?

लोगों के मन में ये सवाल अक्सर होता है कि UPSC रिजल्ट आते ही क्या IAS ऑफिसर की सैलरी शुरू हो जाती है. लेकिन ऐसा नहीं है UPSC रिजल्ट आते ही IAS को सैलरी नहीं मिलने लगती है. IAS को सैलरी मिलनी तब शुरू होती है जब उम्मीदवार मसूरी में ट्रेनिंग शुरू करते हैं. LBSNAA में बतौर ऑफिसर ट्रेनी जब उम्मीदवार रिपोर्ट करते हैं, तभी से उन्हें लगभग 56,000 प्रतिमाह स्टाइपेंड मिलना शुरू हो जाता है. वहीं इस सैलरी में से सभी मेस और बाकी खर्च काटने के बाद उम्मीदवार को इन-हैंड सैलरी करीब 40,000 मिलती है

मसूरी में कैसे होती है IAS की ट्रेनिंग?

IAS अफसर बनने की राह मसूरी से शुरू होती है. मसूरी में स्थित LBSNAA में करीब 2 साल IAS अफसर की ट्रेनिंग होती है जिसमें  कई फेज शामिल होते हैं. IAS अफसर बनने के बाद LBSNAA में ट्रेनिंग के कई फेज होते हैं. इन फेज में पहले 15 हफ्ते का फाउंडेशन कोर्स होता है. जिसमें IAS के अलावा IPS, IFS, IRS जैसे अन्य सेवाओं के अधिकारी भी शामिल होते हैं. इस फेज में देश की राजनीति, समाज, कानून, प्रशासन और नैतिक मूल्यों की समझ विकसित की जाती है. इसके बाद ट्रेनिंग का एक फेज 22 हफ्ते का होता है. इस फेज में IAS अफसरों को प्रशासनिक व्यवस्था, नीति, कानून और प्रबंधन की ट्रेनिंग दी जाती है .

IAS अफसर को ट्रेनिंग फेज में दी जाती है एक साल की डिस्ट्रिक्ट ट्रेनिंग

IAS अफसर को ट्रेनिंग फेज में एक साल की डिस्ट्रिक्ट ट्रेनिंग भी दी जाती है. इस ट्रेनिंग में अधिकारी अपने अलॉटेड राज्य में जमीनी हकीकत सीखते हैं जैसे किस तरह से फाइलें चलती है, योजनाएं लागू होती है और बजट काम करता है. वहीं एक और फेज असिस्टेंट सेक्रेट्री शीप में IAS अफसर की फील्ड अनुभवों की समीक्षा होती है और केंद्र सरकार में कुछ समय काम करके प्रशासनिक प्रक्रियाओं की समझ गहराई से विकसित कराई जाती है.

IAS अफसरों को मिलती हैं ये सुविधाएं

IAS अफसर को सिर्फ सैलरी ही नहीं बल्कि सरकार की ओर से कई सुविधाएं भी मिलती हैं  जैसे सरकारी आवास, वाहन, घरेलू स्टाफ, सब्सिडाइज्ड बिजली-पानी-गैस और कई शहरों में सरकारी गेस्ट हाउस की सुविधा. इसके अलावा IAS अफसर को रिटायरमेंट के बाद पेंशन और अन्य लाभ भी आजीवन मिलते हैं.

ट्रेनिंग पूरी होने के बाद कितनी बढ़ती है सैलरी?

जब IAS अफसर की ट्रेनिंग पूरी हो जाती है और अफसर को प्रोबेशन के बाद फील्ड में नियुक्त कर दिया जाता है, तब उनकी सैलरी में काफी इजाफा होता है. सभी भत्तों को मिलाकर एक IAS अफसर की कुल सैलरी लगभग 1.5 लाख प्रति माह तक हो जाती है.

 

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