क्या PM मोदी थे आतंकियों का निशाना? पहलगाम हमले को लेकर हुआ बड़ा खुलासा

Jammu Kashmir Terror Attack: पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले को लेकर अब बड़ा खुलासा हुआ है. जानकारी सामने आई है कि आतंकी इस हमले को अंजाम देने से पहले अन्य कई स्थानों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमले की प्लानिंग कर रहे थे. पहलगाम आतंकी हमले से कुछ दिनों पहले आतंकवादी जम्मू कश्मीर के टूरिस्ट स्थानों पर हमले की योजना बना रहे थे. घाटी के होटलों, श्रीनगर के बाहरी इलाकों, दाचीगाम और अन्य टूरिस्ट जगहों पर आतंकी हमले का प्लान कर रहे थे. आतंकी हमले की जांच कर रहे सीनियर अधिकारियों ने ये जानकारी दी है. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक जम्मू कश्मीर पुलिस के सूत्रों ने बताया कि होटलों और टूरिस्ट इलाकों में आतंकी हमले का खुफिया इनपुट था. उन्होंने आगे बताया कि इसके अलावा जम्मू कश्मीर में बाहर से आए लेबर, हिंदू तीर्थयात्रियों और कश्मीरी पंडितों पर हमले की खुफिया जानकारी थी. कश्मीर के कुलगाम, पुलवामा और अन्य जगहों पर हमले की खुफिया जानकारी थी. पीटीआई ने भी अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि पहलगाम में हमले से एक दिन पहले ही घाटी में आतंकियों के खिलाफ चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन को रोक दिया गया था. दरअसल, पीएम मोदी का जम्मू-कश्मीर दौरा रद्द हो गया था. 'बैसरन पर आतंकी हमले का खुफिया इनपुट नहीं था'उन्होंने आगे बताया कि खुफिया इनपुट में बैसरन पर आतंकी हमले की कोई जानकारी नहीं थी, क्योंकि इस जगह पर कभी आतंकियों की गतिविधियां जैसा कुछ नहीं हुआ है और न पहले कोई आतंकी हमला हुआ है. खुफिया इनपुट के आधार पर जम्मू कश्मीर पुलिस ने श्रीनगर के होटलों और टूरिस्ट जगहों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी थी.   '2 लोकल आतंकी टूरिस्टों के साथ घुलमिल गए थे'सूत्रों के मुताबिक 2 लोकल आतंकी आदिल ठोकर और आसिफ शेख अन्य आतंकियों के साथ बैसरन में घूमने आए पर्यटकों के साथ घुलमिल गए थे ताकि किसी को शक न हो. वो टूरिस्ट को फूड स्टालों में भी लेकर जा रहे थे. ये सब वो आतंकी हमले को आसान बनाने के लिए कर रहे थे. उन्होंने कहा कि भारी बर्फबारी की अवधि को छोड़कर बाकी समय बैसरन में प्रवेश और निकास खुला रहता है.  'पहलगाम हमले से पहले पीएम मोदी थे निशाना'एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि पीएम मोदी 19 अप्रैल को कटरा से श्रीनगर के बीच ट्रेन यात्रा को हरी झंडी दिखाने के लिए जम्मू कश्मीर जाने वाले थे, लेकिन खराब मौसम के चलते पीएम मोदी को अपनी कश्मीर यात्रा स्थगित करनी पड़ी. जब प्रधानमंत्री का दौरा रद्द हो गया तो संभावना है कि आईएसआई समर्थित आतंकी त्राल में छिप गए थे और इसके बाद उन्होंने 22 अप्रैल को आतंकी हमले को अंजाम दिया. एक अन्य अधिकारी के मुताबिक आतंकियों ने टूरिस्टों को इसलिए भी निशाना बनाया, क्योंकि वो कश्मीर में सामान्य स्थिति के नेरेटिव को तोड़ना चाहते थे. ये भी पढ़ें: पहलगाम हमला: राजनाथ सिंह की PAK को वॉर्निंग, बोले- 'देश जैसा चाहता है, पीएम मोदी उसी भाषा में देंगे जवाब'

May 4, 2025 - 22:30
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क्या PM मोदी थे आतंकियों का निशाना? पहलगाम हमले को लेकर हुआ बड़ा खुलासा

Jammu Kashmir Terror Attack: पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले को लेकर अब बड़ा खुलासा हुआ है. जानकारी सामने आई है कि आतंकी इस हमले को अंजाम देने से पहले अन्य कई स्थानों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमले की प्लानिंग कर रहे थे.

पहलगाम आतंकी हमले से कुछ दिनों पहले आतंकवादी जम्मू कश्मीर के टूरिस्ट स्थानों पर हमले की योजना बना रहे थे. घाटी के होटलों, श्रीनगर के बाहरी इलाकों, दाचीगाम और अन्य टूरिस्ट जगहों पर आतंकी हमले का प्लान कर रहे थे. आतंकी हमले की जांच कर रहे सीनियर अधिकारियों ने ये जानकारी दी है.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक जम्मू कश्मीर पुलिस के सूत्रों ने बताया कि होटलों और टूरिस्ट इलाकों में आतंकी हमले का खुफिया इनपुट था. उन्होंने आगे बताया कि इसके अलावा जम्मू कश्मीर में बाहर से आए लेबर, हिंदू तीर्थयात्रियों और कश्मीरी पंडितों पर हमले की खुफिया जानकारी थी.

कश्मीर के कुलगाम, पुलवामा और अन्य जगहों पर हमले की खुफिया जानकारी थी. पीटीआई ने भी अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि पहलगाम में हमले से एक दिन पहले ही घाटी में आतंकियों के खिलाफ चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन को रोक दिया गया था. दरअसल, पीएम मोदी का जम्मू-कश्मीर दौरा रद्द हो गया था.

'बैसरन पर आतंकी हमले का खुफिया इनपुट नहीं था'
उन्होंने आगे बताया कि खुफिया इनपुट में बैसरन पर आतंकी हमले की कोई जानकारी नहीं थी, क्योंकि इस जगह पर कभी आतंकियों की गतिविधियां जैसा कुछ नहीं हुआ है और न पहले कोई आतंकी हमला हुआ है. खुफिया इनपुट के आधार पर जम्मू कश्मीर पुलिस ने श्रीनगर के होटलों और टूरिस्ट जगहों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी थी.  

'2 लोकल आतंकी टूरिस्टों के साथ घुलमिल गए थे'
सूत्रों के मुताबिक 2 लोकल आतंकी आदिल ठोकर और आसिफ शेख अन्य आतंकियों के साथ बैसरन में घूमने आए पर्यटकों के साथ घुलमिल गए थे ताकि किसी को शक न हो. वो टूरिस्ट को फूड स्टालों में भी लेकर जा रहे थे. ये सब वो आतंकी हमले को आसान बनाने के लिए कर रहे थे. उन्होंने कहा कि भारी बर्फबारी की अवधि को छोड़कर बाकी समय बैसरन में प्रवेश और निकास खुला रहता है. 

'पहलगाम हमले से पहले पीएम मोदी थे निशाना'
एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि पीएम मोदी 19 अप्रैल को कटरा से श्रीनगर के बीच ट्रेन यात्रा को हरी झंडी दिखाने के लिए जम्मू कश्मीर जाने वाले थे, लेकिन खराब मौसम के चलते पीएम मोदी को अपनी कश्मीर यात्रा स्थगित करनी पड़ी. जब प्रधानमंत्री का दौरा रद्द हो गया तो संभावना है कि आईएसआई समर्थित आतंकी त्राल में छिप गए थे और इसके बाद उन्होंने 22 अप्रैल को आतंकी हमले को अंजाम दिया.

एक अन्य अधिकारी के मुताबिक आतंकियों ने टूरिस्टों को इसलिए भी निशाना बनाया, क्योंकि वो कश्मीर में सामान्य स्थिति के नेरेटिव को तोड़ना चाहते थे.

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पहलगाम हमला: राजनाथ सिंह की PAK को वॉर्निंग, बोले- 'देश जैसा चाहता है, पीएम मोदी उसी भाषा में देंगे जवाब'

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