कौन हैं हिंदू धर्म से संबंध रखने वाले लिटन दास? बांग्लादेश के T20 कप्तान को अपने ही देश में बनाया गया था निशाना
बांग्लादेश क्रिकेट ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले बड़ा फैसला लेते हुए लिटन दास को अपनी टीम का कप्तान बनाया है. यह जिम्मेदारी उन्हें मई 2025 में औपचारिक रूप से टी20 इंटरनेशनल टीम की कमान सौंपे जाने के बाद मिली है. विकेटकीपर-बल्लेबाज लिटन ने नजमुल हुसैन शांतो की जगह ली और अब वह टूर्नामेंट में बांग्लादेश की अगुआई करेंगे. खास बात यह है कि लिटन दास हिंदू समुदाय से आते हैं और इससे जुड़ी वजहों के चलते वह पहले अपने ही देश के कुछ कट्टर फैंस के निशाने पर भी रह चुके हैं. कौन हैं लिंटन दास? लिटन दास का जन्म 1994 में बांग्लादेश के दिनाजपुर जिले में एक बंगाली हिंदू परिवार में हुआ था. उन्होंने 2015 में भारत के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट से अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की और इसके ठीक आठ दिन बाद वनडे डेब्यू भी किया. उसी साल उन्होंने साउथ अफ्रीका के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलकर छोटे फॉर्मेट में कदम रखा. शुरुआत में लिटन दास एक विशेषज्ञ बल्लेबाज के तौर पर खेले, लेकिन 2017 के बाद उन्हें नियमित विकेटकीपर की जिम्मेदारी दी गई. इसके बाद मुशफिकुर रहीम ने केवल बल्लेबाज की भूमिका निभाई. लिटन ने अपनी तकनीक, टाइमिंग और तेज रन बनाने की क्षमता से टीम में खास पहचान बनाई. अपने ही देश में क्यों हुए ट्रोल? लिटन दास एक हिंदू हैं. जिसके चलते उनका नाम 2025 में बांग्लादेश प्रीमियर लीग (BPL) के दौरान विवाद की वजह बना था. ढाका कैपिटल्स की ओर से खेलते हुए उन्हें कुछ दर्शकों ने उनके धार्मिक विश्वास को लेकर निशाना बनाया. सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में देखा गया कि दर्शक उन्हें ‘भुया’ जैसे शब्दों से चिढ़ा रहे थे. जिसे अपमानजनक माना जाता है और जिसका अर्थ ‘नकली’ या ‘कचरा’ होता है. हालांकि, लिटन ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और शांत रहकर अपना खेल जारी रखा. यादगार पारियां और रिकॉर्ड लिटन दास की सबसे यादगार पारी 2018 एशिया कप फाइनल में आई, जब उन्होंने भारत के खिलाफ शानदार शतक लगाया. हालांकि बांग्लादेश यह मैच हार गया, लेकिन उनकी पारी के लिए उन्हें ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया. मार्च 2020 में उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ 176 रन की ऐतिहासिक पारी खेली, जो आज भी बांग्लादेश के किसी भी बल्लेबाज का वनडे में सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है. अब तक लिटन दास टेस्ट क्रिकेट में 3,117 रन, वनडे में 2,569 रन और टी20 अंतरराष्ट्रीय में 2,655 रन बना चुके हैं. उन्होंने अलग-अलग मौकों पर तीनों फॉर्मेट में बांग्लादेश की कप्तानी भी की है, लेकिन 2025 में पहली बार उन्हें टी20 टीम का पूर्णकालिक कप्तान बनाया गया. वर्ल्ड कप में बड़ी जिम्मेदारी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में लिटन दास से न सिर्फ कप्तानी, बल्कि बल्लेबाजी में भी बड़ी उम्मीदें होंगी. परवेज हुसैन इमोन और तंजिद हसन के साथ वह बांग्लादेश की टॉप ऑर्डर की रीढ़ माने जा रहे हैं. अब देखना होगा कि लिटन दास अपनी टीम को इस बड़े मंच पर कितनी दूर तक ले जा पाते हैं.
बांग्लादेश क्रिकेट ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले बड़ा फैसला लेते हुए लिटन दास को अपनी टीम का कप्तान बनाया है. यह जिम्मेदारी उन्हें मई 2025 में औपचारिक रूप से टी20 इंटरनेशनल टीम की कमान सौंपे जाने के बाद मिली है. विकेटकीपर-बल्लेबाज लिटन ने नजमुल हुसैन शांतो की जगह ली और अब वह टूर्नामेंट में बांग्लादेश की अगुआई करेंगे. खास बात यह है कि लिटन दास हिंदू समुदाय से आते हैं और इससे जुड़ी वजहों के चलते वह पहले अपने ही देश के कुछ कट्टर फैंस के निशाने पर भी रह चुके हैं.
कौन हैं लिंटन दास?
लिटन दास का जन्म 1994 में बांग्लादेश के दिनाजपुर जिले में एक बंगाली हिंदू परिवार में हुआ था. उन्होंने 2015 में भारत के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट से अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की और इसके ठीक आठ दिन बाद वनडे डेब्यू भी किया. उसी साल उन्होंने साउथ अफ्रीका के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलकर छोटे फॉर्मेट में कदम रखा.
शुरुआत में लिटन दास एक विशेषज्ञ बल्लेबाज के तौर पर खेले, लेकिन 2017 के बाद उन्हें नियमित विकेटकीपर की जिम्मेदारी दी गई. इसके बाद मुशफिकुर रहीम ने केवल बल्लेबाज की भूमिका निभाई. लिटन ने अपनी तकनीक, टाइमिंग और तेज रन बनाने की क्षमता से टीम में खास पहचान बनाई.
अपने ही देश में क्यों हुए ट्रोल?
लिटन दास एक हिंदू हैं. जिसके चलते उनका नाम 2025 में बांग्लादेश प्रीमियर लीग (BPL) के दौरान विवाद की वजह बना था. ढाका कैपिटल्स की ओर से खेलते हुए उन्हें कुछ दर्शकों ने उनके धार्मिक विश्वास को लेकर निशाना बनाया. सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में देखा गया कि दर्शक उन्हें ‘भुया’ जैसे शब्दों से चिढ़ा रहे थे. जिसे अपमानजनक माना जाता है और जिसका अर्थ ‘नकली’ या ‘कचरा’ होता है. हालांकि, लिटन ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और शांत रहकर अपना खेल जारी रखा.
यादगार पारियां और रिकॉर्ड
लिटन दास की सबसे यादगार पारी 2018 एशिया कप फाइनल में आई, जब उन्होंने भारत के खिलाफ शानदार शतक लगाया. हालांकि बांग्लादेश यह मैच हार गया, लेकिन उनकी पारी के लिए उन्हें ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया. मार्च 2020 में उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ 176 रन की ऐतिहासिक पारी खेली, जो आज भी बांग्लादेश के किसी भी बल्लेबाज का वनडे में सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है.
अब तक लिटन दास टेस्ट क्रिकेट में 3,117 रन, वनडे में 2,569 रन और टी20 अंतरराष्ट्रीय में 2,655 रन बना चुके हैं. उन्होंने अलग-अलग मौकों पर तीनों फॉर्मेट में बांग्लादेश की कप्तानी भी की है, लेकिन 2025 में पहली बार उन्हें टी20 टीम का पूर्णकालिक कप्तान बनाया गया.
वर्ल्ड कप में बड़ी जिम्मेदारी
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में लिटन दास से न सिर्फ कप्तानी, बल्कि बल्लेबाजी में भी बड़ी उम्मीदें होंगी. परवेज हुसैन इमोन और तंजिद हसन के साथ वह बांग्लादेश की टॉप ऑर्डर की रीढ़ माने जा रहे हैं. अब देखना होगा कि लिटन दास अपनी टीम को इस बड़े मंच पर कितनी दूर तक ले जा पाते हैं.
What's Your Reaction?