कियारा की तरह आप भी बनी हैं मां तो किन बातों का रखें ध्यान? हेल्दी और फिट रहेगा बेबी

बॉलीवुड एक्ट्रेस कियारा आडवाणी और सिद्धार्थ मल्होत्रा के घर एक नई मेहमान आई है. दरअसल, कियारा आडवाणी शादी के दो साल बाद मां बनी हैं. उन्होंने प्यारी-सी बेटी को जन्म दिया है. अगर आप भी कियारा आडवाणी की तरह नई-नई मां बनी हैं तो आपको कई बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है, जिससे बेबी हेल्दी और फिट रहे.  डिलीवरी के बाद ध्यान रखें ये बातें डिलीवरी के बाद मां और नवजात दोनों के लिए देखभाल बेहद जरूरी होती है. दरअसल, इस दौरान मां और बच्चे की सेहत को सुनिश्चित करने के लिए बेहद सावधानी और जागरूकता की जरूरत होती है. इस दौरान न सिर्फ नवजात की देखभाल पर ध्यान देना होता है, बल्कि मां की रिकवरी पर भी फोकस करना बेहद जरूरी होता है. ब्रेस्टफीडिंग पर रखें फोकस डिलीवरी के बाद बच्चे की सेहत के लिए सबसे महत्वपूर्ण कदम ब्रेस्टफीडिंग होता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और भारतीय बाल रोग विशेषज्ञों के मुताबिक, जन्म के पहले घंटे में नवजात को मां का दूध (कोलोस्ट्रम) देना शुरू करना चाहिए. कोलोस्ट्रम में एंटीबॉडीज और पोषक तत्व होते हैं, जो बच्चे के इम्युनिटी को मजबूत करते हैं.  बच्चे की साफ-सफाई कैसे करें? नवजात की स्किन बेहद नाजुक होती है और इसकी देखभाल में खास ध्यान रखने की जरूरत होती है नवजात की स्किन को साबुन से बार-बार धोने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे स्किन का नैचुरल ऑयल नष्ट हो सकता है. टीकाकरण का भी रखें ध्यान भारतीय बाल रोग अकादमी (IAP) और WHO के मुताबिक, जन्म के बाद बच्चे का टीकाकरण समय पर करवाना बेहद जरूरी होता है. दरअसल, वैक्सीनेशन से ही बच्चे को गंभीर बीमारियों जैसे पोलियो, हेपेटाइटिस बी और डिप्थीरिया आदि से बचाया जा सकता है.  बच्चे की नींद बेहद जरूरी नवजात दिन में 16 से 18 घंटे तक सोते हैं, लेकिन उनकी नींद छोटे-छोटे गैप में होती है. पैरेंट्स के लिए यह जरूरी है कि वे बच्चे के लिए रेगुलर रूटीन बनाएं. बच्चे को शांत और अंधेरे कमरे में सुलाएं. रात में दूध पिलाने के बाद उसे हल्के हाथों से थपथपाएं, जिससे वह शांत होकर सो सके. नवजात को हमेशा पीठ के बल सुलाएं, ताकि सडन इन्फेंट डेथ सिंड्रोम (SIDS) का खतरा कम हो. पाचन और पेट की समस्याओं का रखें ख्याल नवजात में पेट की समस्याएं जैसे गैस, कब्ज या मरोड़ बेहद कॉमन हैं. इन दिक्कतों को कम करने के लिए मां की डाइट और नवजात की देखभाल दोनों बेहद अहम हैं. मां को मसालेदार और तला हुआ भोजन नहीं खाना चाहिए, क्योंकि इससे बच्चे को गैस की प्रॉब्लम हो सकती है. फाइबर युक्त फूड आइटम्स जैसे साबुत अनाज, फल और सब्जियां मां के दूध की क्वालिटी को बेहतर बनाते हैं. ये भी पढ़ें: प्रेग्नेंसी में बुखार आने पर कौन सी दवा लेनी चाहिए? जान लीजिए जवाब Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Jul 16, 2025 - 15:30
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कियारा की तरह आप भी बनी हैं मां तो किन बातों का रखें ध्यान? हेल्दी और फिट रहेगा बेबी

बॉलीवुड एक्ट्रेस कियारा आडवाणी और सिद्धार्थ मल्होत्रा के घर एक नई मेहमान आई है. दरअसल, कियारा आडवाणी शादी के दो साल बाद मां बनी हैं. उन्होंने प्यारी-सी बेटी को जन्म दिया है. अगर आप भी कियारा आडवाणी की तरह नई-नई मां बनी हैं तो आपको कई बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है, जिससे बेबी हेल्दी और फिट रहे. 

डिलीवरी के बाद ध्यान रखें ये बातें

डिलीवरी के बाद मां और नवजात दोनों के लिए देखभाल बेहद जरूरी होती है. दरअसल, इस दौरान मां और बच्चे की सेहत को सुनिश्चित करने के लिए बेहद सावधानी और जागरूकता की जरूरत होती है. इस दौरान न सिर्फ नवजात की देखभाल पर ध्यान देना होता है, बल्कि मां की रिकवरी पर भी फोकस करना बेहद जरूरी होता है.

ब्रेस्टफीडिंग पर रखें फोकस

डिलीवरी के बाद बच्चे की सेहत के लिए सबसे महत्वपूर्ण कदम ब्रेस्टफीडिंग होता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और भारतीय बाल रोग विशेषज्ञों के मुताबिक, जन्म के पहले घंटे में नवजात को मां का दूध (कोलोस्ट्रम) देना शुरू करना चाहिए. कोलोस्ट्रम में एंटीबॉडीज और पोषक तत्व होते हैं, जो बच्चे के इम्युनिटी को मजबूत करते हैं. 

बच्चे की साफ-सफाई कैसे करें?

नवजात की स्किन बेहद नाजुक होती है और इसकी देखभाल में खास ध्यान रखने की जरूरत होती है नवजात की स्किन को साबुन से बार-बार धोने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे स्किन का नैचुरल ऑयल नष्ट हो सकता है.

टीकाकरण का भी रखें ध्यान

भारतीय बाल रोग अकादमी (IAP) और WHO के मुताबिक, जन्म के बाद बच्चे का टीकाकरण समय पर करवाना बेहद जरूरी होता है. दरअसल, वैक्सीनेशन से ही बच्चे को गंभीर बीमारियों जैसे पोलियो, हेपेटाइटिस बी और डिप्थीरिया आदि से बचाया जा सकता है. 

बच्चे की नींद बेहद जरूरी

नवजात दिन में 16 से 18 घंटे तक सोते हैं, लेकिन उनकी नींद छोटे-छोटे गैप में होती है. पैरेंट्स के लिए यह जरूरी है कि वे बच्चे के लिए रेगुलर रूटीन बनाएं. बच्चे को शांत और अंधेरे कमरे में सुलाएं. रात में दूध पिलाने के बाद उसे हल्के हाथों से थपथपाएं, जिससे वह शांत होकर सो सके. नवजात को हमेशा पीठ के बल सुलाएं, ताकि सडन इन्फेंट डेथ सिंड्रोम (SIDS) का खतरा कम हो.

पाचन और पेट की समस्याओं का रखें ख्याल

नवजात में पेट की समस्याएं जैसे गैस, कब्ज या मरोड़ बेहद कॉमन हैं. इन दिक्कतों को कम करने के लिए मां की डाइट और नवजात की देखभाल दोनों बेहद अहम हैं. मां को मसालेदार और तला हुआ भोजन नहीं खाना चाहिए, क्योंकि इससे बच्चे को गैस की प्रॉब्लम हो सकती है. फाइबर युक्त फूड आइटम्स जैसे साबुत अनाज, फल और सब्जियां मां के दूध की क्वालिटी को बेहतर बनाते हैं.

ये भी पढ़ें: प्रेग्नेंसी में बुखार आने पर कौन सी दवा लेनी चाहिए? जान लीजिए जवाब

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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