ऐप्स इंस्टॉल करते समय कभी न दें ये परमिशन, कंट्रोल से बाहर हो जाएगा फोन

App Permission: जब भी आप फोन पर नई ऐप इंस्टॉल करते हैं तो कई कैमरा, माइक्रोफोन, मैसेज और कॉन्टैक्ट समेत कई तरह की परमिशन मांगती है. इनमें से कुछ परमिशन ऐप के फंक्शन के लिए जरूरी होती हैं, लेकिन कई परमिशन गैर-जरूरी होती है. ज्यादातर लोग बिना सोचे-समझे ही ऐप्स को सारी परमिशन Allow कर देते हैं. अगर आप भी उनमें से हैं तो यह आदत बदलने की जरूरत है. आज हम जानेंगे कि सिक्योरिटी और प्राइवेसी के लिए आपको किन परमिशन को डिनाई करने की जरूरत होती है. भूलकर भी Allow न करें ये परमिशन Accessibility Permission- Accessibility Access को दिव्यांग यूजर्स की मदद के लिए बनाया गया है. इसमें टेक्स्ट को जोर से पढ़कर बताने जैसे फीचर्स मिलते हैं. लेकिन अगर आप किसी अनट्रस्टेड ऐप को यह परमिशन दे देते हैं तो वह ऐप स्क्रीन पर होने वाली हर एक्टिविटी देख सकती. यह आपके पासवर्ड और मैसेज को रीड करने के साथ-साथ आपकी तरफ से ट्रांजेक्शन को भी अंजाम दे सकती है. इसलिए जरूरत न होने पर Accessibility Permission को Allow नहीं करना चाहिए. Appear on top- यह 'अपीयर ऑन टॉप', 'डिस्प्ले ओवर अदर ऐप्स' या 'ड्रॉ ओवर अदर ऐप्स' जैसे अलग-अलग नाम से हो सकती है. यह परमिशन देने पर ऐप किसी दूसरी एक्टिव ऐप के ऊपर अपना कंटेट दिखा सकती है. फंक्शन के हिसाब से यह खतरनाक नहीं है, लेकिन अगर किसी संदिग्ध ऐप को यह परमिशन मिल जाए तो यह बैंकिंग या सोशल मीडिया ऐप्स पर फर्जी लॉग-इन स्क्रीन दिखाकर आपकी बैंकिंग डिटेल्स या क्रेडेंशियल चुरा सकती है. Install Unknown Apps- यह परमिशन देना एक बड़ा खतरा पैदा कर सकता है. यह फीचर ऐप्स को Google Play Store के बाहर किसी भी अनजान या संदिग्ध सोर्स से ऐप इंस्टॉल करने की अनुमति देता है. साइबर अपराधी इसी रास्ते से मालवेयर फैलाने की कोशिश करते हैं. इसलिए किसी अनजान सोर्स से APK फाइल डाउनलोड करने से बचना चाहिए. Contacts and SMS Access- कई बार टॉर्चलाइट जैसी ऐप्स भी Contacts और SMS Access की परमिशन मांगती है. अगर किसी ऐप को कॉन्टैक्ट और SMS यूज नहीं करने हैं तो उसके इसकी परमिशन न दी. दरअसल Contacts और SMS में बेहद संवेदनशील जानकारी होती है. कॉन्टैक्ट्स में केवल फोन नंबर ही नहीं बल्कि ईमेल और दूसरी निजी जानकारी भी होती है. वहीं SMS में बैंक OTP और पर्सनल कॉन्वर्सेशन जैसी जानकारी मौजूद रहती है. गलत हाथों में पहुंचने पर इनका गलत इस्तेमाल हो सकता है. ये भी पढ़ें- Google ने ये क्या कर दिया! नया अकाउंट बनाने पर 15GB की जगह मिलेगी सिर्फ 5GB स्टोरेज

May 16, 2026 - 08:30
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ऐप्स इंस्टॉल करते समय कभी न दें ये परमिशन, कंट्रोल से बाहर हो जाएगा फोन

App Permission: जब भी आप फोन पर नई ऐप इंस्टॉल करते हैं तो कई कैमरा, माइक्रोफोन, मैसेज और कॉन्टैक्ट समेत कई तरह की परमिशन मांगती है. इनमें से कुछ परमिशन ऐप के फंक्शन के लिए जरूरी होती हैं, लेकिन कई परमिशन गैर-जरूरी होती है. ज्यादातर लोग बिना सोचे-समझे ही ऐप्स को सारी परमिशन Allow कर देते हैं. अगर आप भी उनमें से हैं तो यह आदत बदलने की जरूरत है. आज हम जानेंगे कि सिक्योरिटी और प्राइवेसी के लिए आपको किन परमिशन को डिनाई करने की जरूरत होती है.

भूलकर भी Allow न करें ये परमिशन

Accessibility Permission- Accessibility Access को दिव्यांग यूजर्स की मदद के लिए बनाया गया है. इसमें टेक्स्ट को जोर से पढ़कर बताने जैसे फीचर्स मिलते हैं. लेकिन अगर आप किसी अनट्रस्टेड ऐप को यह परमिशन दे देते हैं तो वह ऐप स्क्रीन पर होने वाली हर एक्टिविटी देख सकती. यह आपके पासवर्ड और मैसेज को रीड करने के साथ-साथ आपकी तरफ से ट्रांजेक्शन को भी अंजाम दे सकती है. इसलिए जरूरत न होने पर Accessibility Permission को Allow नहीं करना चाहिए.

Appear on top- यह 'अपीयर ऑन टॉप', 'डिस्प्ले ओवर अदर ऐप्स' या 'ड्रॉ ओवर अदर ऐप्स' जैसे अलग-अलग नाम से हो सकती है. यह परमिशन देने पर ऐप किसी दूसरी एक्टिव ऐप के ऊपर अपना कंटेट दिखा सकती है. फंक्शन के हिसाब से यह खतरनाक नहीं है, लेकिन अगर किसी संदिग्ध ऐप को यह परमिशन मिल जाए तो यह बैंकिंग या सोशल मीडिया ऐप्स पर फर्जी लॉग-इन स्क्रीन दिखाकर आपकी बैंकिंग डिटेल्स या क्रेडेंशियल चुरा सकती है.

Install Unknown Apps- यह परमिशन देना एक बड़ा खतरा पैदा कर सकता है. यह फीचर ऐप्स को Google Play Store के बाहर किसी भी अनजान या संदिग्ध सोर्स से ऐप इंस्टॉल करने की अनुमति देता है. साइबर अपराधी इसी रास्ते से मालवेयर फैलाने की कोशिश करते हैं. इसलिए किसी अनजान सोर्स से APK फाइल डाउनलोड करने से बचना चाहिए.

Contacts and SMS Access- कई बार टॉर्चलाइट जैसी ऐप्स भी Contacts और SMS Access की परमिशन मांगती है. अगर किसी ऐप को कॉन्टैक्ट और SMS यूज नहीं करने हैं तो उसके इसकी परमिशन न दी. दरअसल Contacts और SMS में बेहद संवेदनशील जानकारी होती है. कॉन्टैक्ट्स में केवल फोन नंबर ही नहीं बल्कि ईमेल और दूसरी निजी जानकारी भी होती है. वहीं SMS में बैंक OTP और पर्सनल कॉन्वर्सेशन जैसी जानकारी मौजूद रहती है. गलत हाथों में पहुंचने पर इनका गलत इस्तेमाल हो सकता है.

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Google ने ये क्या कर दिया! नया अकाउंट बनाने पर 15GB की जगह मिलेगी सिर्फ 5GB स्टोरेज

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