एयरपोर्ट के साथ बदली जेवर के रियल एस्टेट की तस्वीर, कीमतें आसमान छूने को तैयार; जानें डिटेल

Noida International Airport Jewar Impact Real Estate: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन के बाद जेवर का रियल एस्टेट बाजार तेजी से उभर रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को इस एयरपोर्ट का उद्घाटन किया. परियोजना के पहले चरण में करीब 11,200 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है. जिसमें हर साल 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता होगी. पूरी तरह विकसित होने के बाद इस एयरपोर्ट की कुल क्षमता 7 करोड़ यात्रियों की होगी. एयरपोर्ट पूरी तरह से बन जाने के बाद भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होने की बात कही जा रही है. यह छह रनवे वाला एयरपोर्ट 7,200 एकड़ में फैला होगा. आइए जानते हैं, इस बारे में विस्तार से...  लोकेशन से बढ़ेगी जेवर एयरपोर्ट की अहमियत उत्तर प्रदेश में स्थित जेवर एयरपोर्ट अपनी रणनीतिक लोकेशन के चलते खास महत्व रखता है. खासकर आगरा के नजदीक होने के कारण, जहां ताजमहल मौजूद है. एयरपोर्ट के आसपास करीब 174 एकड़ में कार्गो और वेयरहाउसिंग जोन विकसित करने की योजना है. इसके साथ ही लॉजिस्टिक्स हब के निर्माण के लिए अडानी ग्रुप समेत कई निजी कंपनियां बोली लगा रही हैं. ऐसे में एयरपोर्ट के आस-पास रियल एस्टेट में तेजी की बात को नकारा नहीं जा सकता है.  बडे़ खिलाड़ियों की बढ़ती मौजूदगी इस इलाके में प्रस्तावित बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स के चलते नए एयरपोर्ट पर लोगों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है. ईटी में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार इनमें फॉक्सकॉन की सेमीकंडक्टर यूनिट, सोलर मैन्युफैक्चरिंग हब और केबल बनाने वाली हैवेल्स इंडिया लिमिटेड के नए कारखाने शामिल हैं.  जिससे पूरे इलाके को नए रफ्तार मिलने की उम्मीद की जा रही है. बड़ी कंपनियों के कारखाने बनने से लोगों के लिए नई रोजगार के रास्ते भी खुल सकते हैं. जिससे एयरपोर्ट के आस-पास के इलाके में जमीन, घरों और दूसरे प्रोजेक्ट्स की कीमतों में इजाफा देखने को मिल सकता हैं.  इंफ्रास्ट्रक्चर और मांग से रियल एस्टेट में जबरदस्त उछाल पिछले छह सालों में नोएडा के कुछ माइक्रो-मार्केट्स में प्रॉपर्टी ने करीब पांच गुना तक रिटर्न दिया है. InvestoXpert Advisors के मुताबिक, यमुना एक्सप्रेसवे एनसीआर का सबसे मजबूत रियल एस्टेट कॉरिडोर बनकर उभरा है. यहां 2020 से 2025 के बीच फ्लैट्स की कीमतों में 158 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली है. आंकड़ों के अनुसार यह 3,950 रुपये से बढ़कर 10,200 रुपये प्रति वर्ग फुट तक पहुंच गई. वहीं प्लॉट की कीमतों में 536 फीसदी का उछाल देखा गया है. जो 1,650 रुपये से बढ़कर 10,500 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गई है. यह भी पढ़ें: रुपये में ऐतिहासिक गिरावट! 10 साल में सबसे बड़ी कमजोरी, जानिए आगे कैसी रहेगी रुपये की चाल...

Mar 28, 2026 - 17:30
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एयरपोर्ट के साथ बदली जेवर के रियल एस्टेट की तस्वीर, कीमतें आसमान छूने को तैयार; जानें डिटेल

Noida International Airport Jewar Impact Real Estate: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन के बाद जेवर का रियल एस्टेट बाजार तेजी से उभर रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को इस एयरपोर्ट का उद्घाटन किया. परियोजना के पहले चरण में करीब 11,200 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है. जिसमें हर साल 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता होगी.

पूरी तरह विकसित होने के बाद इस एयरपोर्ट की कुल क्षमता 7 करोड़ यात्रियों की होगी. एयरपोर्ट पूरी तरह से बन जाने के बाद भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होने की बात कही जा रही है. यह छह रनवे वाला एयरपोर्ट 7,200 एकड़ में फैला होगा. आइए जानते हैं, इस बारे में विस्तार से... 

लोकेशन से बढ़ेगी जेवर एयरपोर्ट की अहमियत

उत्तर प्रदेश में स्थित जेवर एयरपोर्ट अपनी रणनीतिक लोकेशन के चलते खास महत्व रखता है. खासकर आगरा के नजदीक होने के कारण, जहां ताजमहल मौजूद है. एयरपोर्ट के आसपास करीब 174 एकड़ में कार्गो और वेयरहाउसिंग जोन विकसित करने की योजना है.

इसके साथ ही लॉजिस्टिक्स हब के निर्माण के लिए अडानी ग्रुप समेत कई निजी कंपनियां बोली लगा रही हैं. ऐसे में एयरपोर्ट के आस-पास रियल एस्टेट में तेजी की बात को नकारा नहीं जा सकता है. 

बडे़ खिलाड़ियों की बढ़ती मौजूदगी

इस इलाके में प्रस्तावित बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स के चलते नए एयरपोर्ट पर लोगों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है. ईटी में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार इनमें फॉक्सकॉन की सेमीकंडक्टर यूनिट, सोलर मैन्युफैक्चरिंग हब और केबल बनाने वाली हैवेल्स इंडिया लिमिटेड के नए कारखाने शामिल हैं. 

जिससे पूरे इलाके को नए रफ्तार मिलने की उम्मीद की जा रही है. बड़ी कंपनियों के कारखाने बनने से लोगों के लिए नई रोजगार के रास्ते भी खुल सकते हैं. जिससे एयरपोर्ट के आस-पास के इलाके में जमीन, घरों और दूसरे प्रोजेक्ट्स की कीमतों में इजाफा देखने को मिल सकता हैं. 

इंफ्रास्ट्रक्चर और मांग से रियल एस्टेट में जबरदस्त उछाल

पिछले छह सालों में नोएडा के कुछ माइक्रो-मार्केट्स में प्रॉपर्टी ने करीब पांच गुना तक रिटर्न दिया है. InvestoXpert Advisors के मुताबिक, यमुना एक्सप्रेसवे एनसीआर का सबसे मजबूत रियल एस्टेट कॉरिडोर बनकर उभरा है. यहां 2020 से 2025 के बीच फ्लैट्स की कीमतों में 158 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली है.

आंकड़ों के अनुसार यह 3,950 रुपये से बढ़कर 10,200 रुपये प्रति वर्ग फुट तक पहुंच गई. वहीं प्लॉट की कीमतों में 536 फीसदी का उछाल देखा गया है. जो 1,650 रुपये से बढ़कर 10,500 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गई है.

यह भी पढ़ें: रुपये में ऐतिहासिक गिरावट! 10 साल में सबसे बड़ी कमजोरी, जानिए आगे कैसी रहेगी रुपये की चाल...

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