एयर इंडिया के बोइंग विमानों की उड़ान कुछ समय स्थगित रखने की मांग, सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हुई याचिका

एयर इंडिया के सभी बोइंग विमानों की उड़ान कुछ समय तक स्थगित रखने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल हुई है. याचिकाकर्ता ने इन विमानों को उड़ान की अनुमति देने से पहले उचित सुरक्षा ऑडिट की मांग की है. याचिका में हाल ही में अहमदाबाद में हुए भीषण विमान हादसे का हवाला दिया गया है. 12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रहा एयर इंडिया का बोइंग विमान टेक ऑफ के कुछ ही देर बाद गिर गया था. इससे विमान में बैठे 241 लोगों की मृत्यु हो गई थी. जिस जगह पर विमान गिरा, वहां भी 29 लोग मारे गए. याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि एयर इंडिया सुरक्षा नियमों का पालन किए बिना अपनी सेवाओं का परिचालन कर रहा है. याचिकाकर्ता वकील अजय बंसल ने कहा है कि उड़ान से पहले 13 स्पॉट चेक की व्यवस्था है. नागरिक उड्डयन निदेशालय (DGCA) की एक रिपोर्ट कहती है कि एयर इंडिया में इसका सही तरीके से पालन नहीं हो रहा. 2022 में टाटा ग्रुप एयर इंडिया का अधिग्रहण कर चुका है, लेकिन स्थिति में बदलाव नहीं हुआ है. याचिकाकर्ता ने अपने एक निजी अनुभव का भी उल्लेख किया है. उन्होंने कहा कि दिल्ली से शिकागो की उड़ान के दौरान उन्होंने जब आराम करना चाहा, तो पाया कि विमान की सीट पीछे नहीं जा रही. विमान की एयर कंडीशनिंग भी सही काम नहीं कर रही थी. मनोरंजन के लिए जो स्क्रीन दी गई थी, वह भी निष्क्रिय थी. इन बातों की शिकायत करने पर कंपनी ने उन्हें बतौर मुआवजा मात्र 10 हजार रुपए दिए. याचिका में एयरक्राफ्ट एक्ट 1934 और एयरक्राफ्ट रूल्स, 1937 और DGCA के सुरक्षा दिशानिर्देशों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने की मांग की गई है. यह भी कहा गया है कि अगर आवश्यक हो तो नए दिशानिर्देश भी जारी किए जाएं. एयर इंडिया के बोइंग विमानों का ऑडिट पूरा होने तक उन्हें परिचालन से रोका जाए.

Jun 24, 2025 - 16:30
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एयर इंडिया के बोइंग विमानों की उड़ान कुछ समय स्थगित रखने की मांग, सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हुई याचिका

एयर इंडिया के सभी बोइंग विमानों की उड़ान कुछ समय तक स्थगित रखने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल हुई है. याचिकाकर्ता ने इन विमानों को उड़ान की अनुमति देने से पहले उचित सुरक्षा ऑडिट की मांग की है. याचिका में हाल ही में अहमदाबाद में हुए भीषण विमान हादसे का हवाला दिया गया है.

12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रहा एयर इंडिया का बोइंग विमान टेक ऑफ के कुछ ही देर बाद गिर गया था. इससे विमान में बैठे 241 लोगों की मृत्यु हो गई थी. जिस जगह पर विमान गिरा, वहां भी 29 लोग मारे गए. याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि एयर इंडिया सुरक्षा नियमों का पालन किए बिना अपनी सेवाओं का परिचालन कर रहा है.

याचिकाकर्ता वकील अजय बंसल ने कहा है कि उड़ान से पहले 13 स्पॉट चेक की व्यवस्था है. नागरिक उड्डयन निदेशालय (DGCA) की एक रिपोर्ट कहती है कि एयर इंडिया में इसका सही तरीके से पालन नहीं हो रहा. 2022 में टाटा ग्रुप एयर इंडिया का अधिग्रहण कर चुका है, लेकिन स्थिति में बदलाव नहीं हुआ है.

याचिकाकर्ता ने अपने एक निजी अनुभव का भी उल्लेख किया है. उन्होंने कहा कि दिल्ली से शिकागो की उड़ान के दौरान उन्होंने जब आराम करना चाहा, तो पाया कि विमान की सीट पीछे नहीं जा रही. विमान की एयर कंडीशनिंग भी सही काम नहीं कर रही थी. मनोरंजन के लिए जो स्क्रीन दी गई थी, वह भी निष्क्रिय थी. इन बातों की शिकायत करने पर कंपनी ने उन्हें बतौर मुआवजा मात्र 10 हजार रुपए दिए.

याचिका में एयरक्राफ्ट एक्ट 1934 और एयरक्राफ्ट रूल्स, 1937 और DGCA के सुरक्षा दिशानिर्देशों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने की मांग की गई है. यह भी कहा गया है कि अगर आवश्यक हो तो नए दिशानिर्देश भी जारी किए जाएं. एयर इंडिया के बोइंग विमानों का ऑडिट पूरा होने तक उन्हें परिचालन से रोका जाए.

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