एमएस धोनी ना होते तो मेरा करियर बेहतर होता लेकिन..., ये क्या कह गए अमित मिश्रा; यहां जानें

भारत के पूर्व क्रिकेटर अमित मिश्रा को लेकर अक्सर कहा जाता है कि एमएस धोनी ना होते तो शायद उन्हें करियर में अधिक सफलता मिली होती. ऐसे दावे कई बार सामने आते रहे हैं कि एमएस धोनी अपने कप्तानी के दिनों में रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा पर ज्यादा भरोसा दिखाया करते थे. इसलिए अमित मिश्रा अपने करियर में ज्यादा सफलता नहीं पा सके. इस विषय पर पूर्व भारतीय लेग-स्पिनर ने खुलकर बात की है. धोनी ना होते तो... मेंस एक्सपी से बातचीत में अमित मिश्रा ने कहा, "लोग कहते हैं कि धोनी ना होते तो मुझे करियर में अधिक सफलता मिलती, लेकिन ये कौन जानता है कि धोनी ना होते तो शायद मैं कभी भारतीय टीम में ही नहीं आता. मैं उन्हीं की कप्तानी में टीम में आया था और लगातार वापसी करता रहा. वो भी इस बात से सहमति जताते, इसलिए मैं टीम में वापस आता रहा. चीजों को सकारात्मक ढंग से भी देखा जा सकता है." लगातार मौके ना मिल पाना वह कारण रहा, जिसकी वजह से अमित मिश्रा का करियर सफलता की नई कहानी नहीं लिख पाया. इसके बावजूद उन्हें जब भी मौका मिला, उन्होंने दमदार प्रदर्शन करके दिखाया. अपने 22 टेस्ट मैचों के करियर में उनके नाम 76 विकेट हैं. वहीं 36 वनडे मुकाबलों में उन्होंने शानदार गेंदबाजी औसत से 64 विकेट चटकाए थे. 10 टी20 मैचों में उन्होंने 16 विकेट लिए. धोनी ने मेरी मदद की अमित मिश्रा ने यह भी बताया कि अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के समय धोनी ने उनकी मदद की थी. उन्होंने कहा, "मुझे उनका पूरा सपोर्ट मिला. मैं जब भी प्लेइंग इलेवन में खेला, ऐसा नहीं था कि उन्होंने कभी मेरी मदद नहीं की. वो हमेशा मुझे चीजें बताते रहते थे. मैं न्यूजीलैंड के खिलाफ खेल रहा था, जो मेरी आखिरी वनडे सीरीज थी, धोनी कप्तान हुआ करते थे. वो करीबी मुकाबला था. हमने 260-270 रन बनाए थे, मैं गेंदबाजी करने आया और रन रोकने का प्रयास किया, विकेट लेने का नहीं." अमित मिश्रा ने आगे कहा, "मैं उस तरह की गेंदबाजी नहीं कर रहा हूं, जैसी स्वाभाविक रूप से करता हूं. उन्होंने मुझे बहुत ज्यादा ना सोचने और अपनी स्वाभाविक गेंदबाजी करने की सलाह दी. मैंने ऐसा ही किया और मुझे विकेट मिल गया. उन्होंने कहा कि ये तुम्हारी गेंदबाजी है, ऐसे ही करो और बहुत ज्यादा सोचो मत. वो गेम चेंजिंग स्पेल साबित हुआ था." यह भी पढ़ें: विराट-रोहित समेत विजय हजारे ट्रॉफी में दिखेंगे ये सितारे, शुभमन गिल खेलेंगे या नहीं? देखें लिस्ट

Dec 23, 2025 - 00:30
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एमएस धोनी ना होते तो मेरा करियर बेहतर होता लेकिन..., ये क्या कह गए अमित मिश्रा; यहां जानें

भारत के पूर्व क्रिकेटर अमित मिश्रा को लेकर अक्सर कहा जाता है कि एमएस धोनी ना होते तो शायद उन्हें करियर में अधिक सफलता मिली होती. ऐसे दावे कई बार सामने आते रहे हैं कि एमएस धोनी अपने कप्तानी के दिनों में रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा पर ज्यादा भरोसा दिखाया करते थे. इसलिए अमित मिश्रा अपने करियर में ज्यादा सफलता नहीं पा सके. इस विषय पर पूर्व भारतीय लेग-स्पिनर ने खुलकर बात की है.

धोनी ना होते तो...

मेंस एक्सपी से बातचीत में अमित मिश्रा ने कहा, "लोग कहते हैं कि धोनी ना होते तो मुझे करियर में अधिक सफलता मिलती, लेकिन ये कौन जानता है कि धोनी ना होते तो शायद मैं कभी भारतीय टीम में ही नहीं आता. मैं उन्हीं की कप्तानी में टीम में आया था और लगातार वापसी करता रहा. वो भी इस बात से सहमति जताते, इसलिए मैं टीम में वापस आता रहा. चीजों को सकारात्मक ढंग से भी देखा जा सकता है."

लगातार मौके ना मिल पाना वह कारण रहा, जिसकी वजह से अमित मिश्रा का करियर सफलता की नई कहानी नहीं लिख पाया. इसके बावजूद उन्हें जब भी मौका मिला, उन्होंने दमदार प्रदर्शन करके दिखाया. अपने 22 टेस्ट मैचों के करियर में उनके नाम 76 विकेट हैं. वहीं 36 वनडे मुकाबलों में उन्होंने शानदार गेंदबाजी औसत से 64 विकेट चटकाए थे. 10 टी20 मैचों में उन्होंने 16 विकेट लिए.

धोनी ने मेरी मदद की

अमित मिश्रा ने यह भी बताया कि अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के समय धोनी ने उनकी मदद की थी. उन्होंने कहा, "मुझे उनका पूरा सपोर्ट मिला. मैं जब भी प्लेइंग इलेवन में खेला, ऐसा नहीं था कि उन्होंने कभी मेरी मदद नहीं की. वो हमेशा मुझे चीजें बताते रहते थे. मैं न्यूजीलैंड के खिलाफ खेल रहा था, जो मेरी आखिरी वनडे सीरीज थी, धोनी कप्तान हुआ करते थे. वो करीबी मुकाबला था. हमने 260-270 रन बनाए थे, मैं गेंदबाजी करने आया और रन रोकने का प्रयास किया, विकेट लेने का नहीं."

अमित मिश्रा ने आगे कहा, "मैं उस तरह की गेंदबाजी नहीं कर रहा हूं, जैसी स्वाभाविक रूप से करता हूं. उन्होंने मुझे बहुत ज्यादा ना सोचने और अपनी स्वाभाविक गेंदबाजी करने की सलाह दी. मैंने ऐसा ही किया और मुझे विकेट मिल गया. उन्होंने कहा कि ये तुम्हारी गेंदबाजी है, ऐसे ही करो और बहुत ज्यादा सोचो मत. वो गेम चेंजिंग स्पेल साबित हुआ था."

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