एनसीबी ने 1835 किलो खतरनाक ड्रग्स मेफेड्रोन को किया नष्ट, 16 आरोपियों की हुई थी गिरफ्तारी
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की मुंबई जोनल यूनिट ने महाराष्ट्र और दिल्ली के विभिन्न स्थानों से जब्त किए गए 1835 किलोग्राम मेफेड्रोन और 341 किलोग्राम अन्य प्रतिबंधित रासायनिक पदार्थों का सुरक्षित निपटारा कर दिया है. इस बड़े ड्रग केस में कुल 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था. विस्तृत जांच में कई इंटरस्टेट और इंटरनेशनल ड्रग नेटवर्क का खुलासा हुआ, जिसमें एक विदेशी नागरिक की गिरफ्तारी भी शामिल है. इस कार्रवाई से एक बड़े और आपस में जुड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट की कमर तोड़ दी गई. उच्च स्तरीय ड्रग डिस्पोज़ल कमेटी का गठनसुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों के अनुसार एक उच्च स्तरीय ड्रग डिस्पोज़ल कमेटी गठित की गई, जिसमें NCB के डिप्टी डायरेक्टर जनरल (SWR), NCB मुंबई जोन के एडिशनल डायरेक्टर और पुणे पुलिस के एडिशनल कमिश्नर शामिल थे. केस की समीक्षा कर इसे प्री-ट्रायल डिस्पोज़ल के लिए चुना गया. सभी कानूनी प्रक्रियाओं के पालन के बाद जब्त ड्रग और अन्य रसायनों को 14 नवंबर 2025 को पुणे, महाराष्ट्र स्थित MEPL, रांजणगांव में अधिप्रेक्षण टीम की मौजूदगी में इंसिनरेशन (दहन प्रक्रिया) के माध्यम से नष्ट किया गया. एनसीबी के मिशन को बड़ी सफलताइतनी बड़ी मात्रा में ड्रग जब्ती और उसका समय पर निस्तारण एनसीबी के उस निरंतर प्रयास को मजबूत बनाता है, जो संगठित ड्रग सिंडिकेट्स को खत्म करने और ड्रग तस्करों पर शिकंजा कसने के लिए किए जा रहे हैं. ब्यूरो का लक्ष्य है कि 2047 तक नशा मुक्त भारत. जिसे हासिल करने के लिए देशभर में लगातार बड़े ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं. अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर कार्रवाई जारीएनसीबी लगातार ऐसे ड्रग नेटवर्क्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है, जो राज्यों और देशों की सीमाओं को लांघते हुए तस्करी का जाल फैलाते हैं. ड्रग तस्करी, आर्थिक प्रवाह और फाइनेंशियल लिंक को तोड़ते हुए एजेंसी एक ड्रग-फ्री सोसायटी की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. ये भी पढ़ें Bihar Election Result: बिहार चुनाव के लिए NDA ने क्या बनाई थी रणनीति, कैसे साधा वोट बैंक, धर्मेंद्र प्रधान ने किए कई दिलचस्प खुलासे
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की मुंबई जोनल यूनिट ने महाराष्ट्र और दिल्ली के विभिन्न स्थानों से जब्त किए गए 1835 किलोग्राम मेफेड्रोन और 341 किलोग्राम अन्य प्रतिबंधित रासायनिक पदार्थों का सुरक्षित निपटारा कर दिया है. इस बड़े ड्रग केस में कुल 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था. विस्तृत जांच में कई इंटरस्टेट और इंटरनेशनल ड्रग नेटवर्क का खुलासा हुआ, जिसमें एक विदेशी नागरिक की गिरफ्तारी भी शामिल है. इस कार्रवाई से एक बड़े और आपस में जुड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट की कमर तोड़ दी गई.
उच्च स्तरीय ड्रग डिस्पोज़ल कमेटी का गठन
सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों के अनुसार एक उच्च स्तरीय ड्रग डिस्पोज़ल कमेटी गठित की गई, जिसमें NCB के डिप्टी डायरेक्टर जनरल (SWR), NCB मुंबई जोन के एडिशनल डायरेक्टर और पुणे पुलिस के एडिशनल कमिश्नर शामिल थे. केस की समीक्षा कर इसे प्री-ट्रायल डिस्पोज़ल के लिए चुना गया. सभी कानूनी प्रक्रियाओं के पालन के बाद जब्त ड्रग और अन्य रसायनों को 14 नवंबर 2025 को पुणे, महाराष्ट्र स्थित MEPL, रांजणगांव में अधिप्रेक्षण टीम की मौजूदगी में इंसिनरेशन (दहन प्रक्रिया) के माध्यम से नष्ट किया गया.
एनसीबी के मिशन को बड़ी सफलता
इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग जब्ती और उसका समय पर निस्तारण एनसीबी के उस निरंतर प्रयास को मजबूत बनाता है, जो संगठित ड्रग सिंडिकेट्स को खत्म करने और ड्रग तस्करों पर शिकंजा कसने के लिए किए जा रहे हैं. ब्यूरो का लक्ष्य है कि 2047 तक नशा मुक्त भारत. जिसे हासिल करने के लिए देशभर में लगातार बड़े ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं.
अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर कार्रवाई जारी
एनसीबी लगातार ऐसे ड्रग नेटवर्क्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है, जो राज्यों और देशों की सीमाओं को लांघते हुए तस्करी का जाल फैलाते हैं. ड्रग तस्करी, आर्थिक प्रवाह और फाइनेंशियल लिंक को तोड़ते हुए एजेंसी एक ड्रग-फ्री सोसायटी की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है.
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