एअर इंडिया की फ्लाइट के कंट्रोल स्विच में तकनीकी खराबी! जांच पूरी होने के बाद DGCA ने क्या बताया?

एयर इंडिया एयरलाइंस ने अपने बोइंग 787 विमानों के फ्यूल कंट्रोल स्विच की जांच की है. इस बारे में DGCA ने बताया, 'एयर इंडिया का Boeing 787-8 विमान AI-132 -लंदन से बेंगलुरु उड़ान के लिए तैयार हो रहा था. लंदन में इंजन स्टार्ट करते समय क्रू ने देखा कि फ्यूल कंट्रोल स्विच हल्का दबाव पड़ने पर रन पोजिशन में ठीक से लॉक नहीं हो रहा था. पहली और दूसरी बार हल्का दबाव पड़ते ही स्विच RUN पोजिशन में टिक नहीं रहा, पर तीसरी बार स्विच ठीक से रन पोजिशन में लॉक हो गया और उसके बाद स्थिर रहा. आगे की प्रक्रिया से पहले क्रू ने हाथ से चेक करके पक्का किया कि स्विच पूरी तरह और मजबूती से RUN पोजिशन में लॉक है.' जांच को लेकर DGCA ने क्या जानकारी दी?  DGCA ने बताया, 'इंजन स्टार्ट के दौरान कोई चेतावनी (warning) नहीं आई और कोई अलार्म या गड़बड़ी नहीं दिखी. फिर उड़ान के दौरान स्विच को बेकार में छूने से बचा गया.  इंजन और सिस्टम पर लगातार नजर रखी गई. पूरी उड़ान बिना किसी घटना के सुरक्षित पूरी हुई. बेंगलुरु पहुंचने के बाद क्रू ने इस बात को पीडीआर -पायलट डिफेक्ट रिपोर्ट में दर्ज किया. एयर इंडिया ने यह मामला बोइंग कंपनी को आगे की सलाह के लिए भेजा. बोइंग की बताई प्रक्रिया के अनुसार Air India इंजीनियरिंग टीम ने जांच की. जांच में  पाया गया बाएं और दाएं दोनों फ्यूल स्विच चेक किए गए. दोनों स्विच पूरी तरह ठीक पाए गए.' DGCA ने बताया, 'लॉकिंग टूथ सही जगह बैठे हुए थे. रन से कटऑफ की तरफ अपने आप नहीं फिसल रहे थे. जब स्विच पर गलत दिशा से उंगली या अंगूठे से दबाव डाला गया तब वह रन से कटऑफ की तरफ आसानी से खिसक गया. इसका कारण स्विच का एंगुलर बेस प्लेट डिजाइन जिसमें गलत एंगल से दबाने पर स्लिप हो सकता है यानी डिजाइन में खराबी नहीं इस्तेमाल का तरीका अहम है. बोइंग के कहने पर फ्यूल स्विच को अनलॉक करने के लिए जितनी ताकत चाहिए उसकी जांच की गई. यह जांच उसी विमान के स्विच और दूसरे विमान के स्विच दोनों पर की गई.  हर केस में ताकत तय सीमा के अंदर पाई गई. यह सारी जांच DGCA अधिकारियों की मौजूदगी में की गई.' वीडियो में दिखाया तरीका गलत, जांच में हुआ खुलासा DGCA का कहना है कि सोशल मीडिया पर जो वीडियो चल रहा है उसकी भी जांच की गई और बोइंग की तय प्रक्रिया से तुलना करने पर पाया गया कि वीडियो में दिखाया गया तरीका गलत है. अब एयर इंडिया को सलाह दी गई है कि बोइंग द्वारा बताए गए फ्यूल कटऑफ स्विच का इस्तेमाल करने के सही तरीके सभी क्रू मेंबरों को दोबारा सिखाए जाएं और साझा किए जाएं. रविवार को अचानक विमान तकनीकी खराबी आई थी सामनेदरअसल, यह जांच रविवार को हुए लंदन हीथ्रो से बेंगलुरु के लिए जाने वाले एक विमान के स्विच खराब होने के बाद की गई है. इस समय एयर इंडिया के पास 33 बोइंग 787 या ड्रीमलाइनर विमान हैं. एयरलाइन इंजीनियरिंग टीम को जांच के लिए भेजा था.  इससे पहले मंगलवार को एयरलाइन ने एक ईमेल के जरिए बताया था कि बोइंग की प्रतिक्रिया का इंतजार है. हमारे इंजीनियरों ने अत्याधिक सावधानी बरतते हुए फ्यूल कंट्रोल स्विच की जांच की है. साथ ही कहा था कि कुछ विमानों की जांच हो चुकी है, किसी तरह के तकनीकि खराबी सामने नहीं आई है. इससे पहले भी पिछले साल अहमदाबाद में हुए एक बोइंग 787-8 विमान के भीषण हादसे के बाद भी ईंधन कंट्रोल स्विच की जांच की थी. इसमें 260 लोग मारे गए थे. 

Feb 3, 2026 - 20:30
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एअर इंडिया की फ्लाइट के कंट्रोल स्विच में तकनीकी खराबी! जांच पूरी होने के बाद DGCA ने क्या बताया?

एयर इंडिया एयरलाइंस ने अपने बोइंग 787 विमानों के फ्यूल कंट्रोल स्विच की जांच की है. इस बारे में DGCA ने बताया, 'एयर इंडिया का Boeing 787-8 विमान AI-132 -लंदन से बेंगलुरु उड़ान के लिए तैयार हो रहा था. लंदन में इंजन स्टार्ट करते समय क्रू ने देखा कि फ्यूल कंट्रोल स्विच हल्का दबाव पड़ने पर रन पोजिशन में ठीक से लॉक नहीं हो रहा था. पहली और दूसरी बार हल्का दबाव पड़ते ही स्विच RUN पोजिशन में टिक नहीं रहा, पर तीसरी बार स्विच ठीक से रन पोजिशन में लॉक हो गया और उसके बाद स्थिर रहा. आगे की प्रक्रिया से पहले क्रू ने हाथ से चेक करके पक्का किया कि स्विच पूरी तरह और मजबूती से RUN पोजिशन में लॉक है.'

जांच को लेकर DGCA ने क्या जानकारी दी? 

DGCA ने बताया, 'इंजन स्टार्ट के दौरान कोई चेतावनी (warning) नहीं आई और कोई अलार्म या गड़बड़ी नहीं दिखी. फिर उड़ान के दौरान स्विच को बेकार में छूने से बचा गया.  इंजन और सिस्टम पर लगातार नजर रखी गई. पूरी उड़ान बिना किसी घटना के सुरक्षित पूरी हुई. बेंगलुरु पहुंचने के बाद क्रू ने इस बात को पीडीआर -पायलट डिफेक्ट रिपोर्ट में दर्ज किया. एयर इंडिया ने यह मामला बोइंग कंपनी को आगे की सलाह के लिए भेजा. बोइंग की बताई प्रक्रिया के अनुसार Air India इंजीनियरिंग टीम ने जांच की. जांच में  पाया गया बाएं और दाएं दोनों फ्यूल स्विच चेक किए गए. दोनों स्विच पूरी तरह ठीक पाए गए.'

DGCA ने बताया, 'लॉकिंग टूथ सही जगह बैठे हुए थे. रन से कटऑफ की तरफ अपने आप नहीं फिसल रहे थे. जब स्विच पर गलत दिशा से उंगली या अंगूठे से दबाव डाला गया तब वह रन से कटऑफ की तरफ आसानी से खिसक गया. इसका कारण स्विच का एंगुलर बेस प्लेट डिजाइन जिसमें गलत एंगल से दबाने पर स्लिप हो सकता है यानी डिजाइन में खराबी नहीं इस्तेमाल का तरीका अहम है. बोइंग के कहने पर फ्यूल स्विच को अनलॉक करने के लिए जितनी ताकत चाहिए उसकी जांच की गई. यह जांच उसी विमान के स्विच और दूसरे विमान के स्विच दोनों पर की गई.  हर केस में ताकत तय सीमा के अंदर पाई गई. यह सारी जांच DGCA अधिकारियों की मौजूदगी में की गई.'

वीडियो में दिखाया तरीका गलत, जांच में हुआ खुलासा

DGCA का कहना है कि सोशल मीडिया पर जो वीडियो चल रहा है उसकी भी जांच की गई और बोइंग की तय प्रक्रिया से तुलना करने पर पाया गया कि वीडियो में दिखाया गया तरीका गलत है. अब एयर इंडिया को सलाह दी गई है कि बोइंग द्वारा बताए गए फ्यूल कटऑफ स्विच का इस्तेमाल करने के सही तरीके सभी क्रू मेंबरों को दोबारा सिखाए जाएं और साझा किए जाएं.

रविवार को अचानक विमान तकनीकी खराबी आई थी सामने
दरअसल, यह जांच रविवार को हुए लंदन हीथ्रो से बेंगलुरु के लिए जाने वाले एक विमान के स्विच खराब होने के बाद की गई है. इस समय एयर इंडिया के पास 33 बोइंग 787 या ड्रीमलाइनर विमान हैं. एयरलाइन इंजीनियरिंग टीम को जांच के लिए भेजा था. 

इससे पहले मंगलवार को एयरलाइन ने एक ईमेल के जरिए बताया था कि बोइंग की प्रतिक्रिया का इंतजार है. हमारे इंजीनियरों ने अत्याधिक सावधानी बरतते हुए फ्यूल कंट्रोल स्विच की जांच की है. साथ ही कहा था कि कुछ विमानों की जांच हो चुकी है, किसी तरह के तकनीकि खराबी सामने नहीं आई है. इससे पहले भी पिछले साल अहमदाबाद में हुए एक बोइंग 787-8 विमान के भीषण हादसे के बाद भी ईंधन कंट्रोल स्विच की जांच की थी. इसमें 260 लोग मारे गए थे. 

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