इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज, किडनी डैमेज होने की हो सकती है शुरुआत

किडनी न सिर्फ ब्लड को प्यूरीफाई करती है, ब​िल्क शरीर में जरूरी पोषक तत्वों का बैलेंस भी बनाए रखती है. लेकिन कई बार  किडनी फंक्शन प्रभावित होना शुरू हो जाता है. इसके लक्षणों को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है. लेकिन बाद में ​स्थिति गंभीर हो जाती है. आइए जानते हैं ऐसे वह काैन से लक्षण हैं, जिन्हें देखकर सतर्क हो जाना चाहिए. यूरिन में बदलाव यूरिन झागदार आता है तो ये किडनी डैमेज का साइन हो सकता है. किडनी बाॅडी में आवश्यक प्रोटीन को बनाए रखते हुए वेस्ट को बाहर निकालती है. लेकिन जब किडनी ठीक से काम नहीं कर पाती है तो प्रोटीन लीक होना शुरू हो जाता है. इसके चलते ये दिक्कत सामने आती है. इस दाैरान बार-बार यूरिन आना और यू​रिन के कलर में भी बदलाव देखने को मिल सकता है. ​स्किन ड्राई और इचिंग किडनी डैमेज होने के चलते शरीर में ​स्किन प्राॅब्लम भी देखने को मिल सकती है. ​स्किन ड्राई या फिर खुजली हो सकती है.  सुबह ये दिक्कत अ​धिक महसूस हो सकती है. ऐसा इसलिए क्योंकि किडनी बाॅडी में मिनरल्स का बैलेंस बनाए रखने के साथ गंदगी को बाहर निकालती है. लेकिन किडनी फंक्शन प्रभावित होने से बाॅडी में इन दोनों तत्वों का संतुलन बिगड़ जाता है. बैड ब्रीथ सुबह जागने पर मुंह की सांसों की स्मेल भी​ किडनी प्राॅब्लम की ओर इशारा करती है. खराब किडनी फंक्शन की वजह से ब्लड में टाॅ​क्सिन जमा होने लगते हैं, जिससे बैड ब्रेथ की समस्या देखने को मिल सकती है. इसी ​स्थिति को यूरेमिक फेटर कहते हैं. सांस लेने में दिक्कत किडनी फंक्शन प्रभावित होने से फ्लूड लंग्स में जमा होने लगता है. वहीं एनीमिया के चलते रेड ब्लड सेल्स का प्रोडक्शन कम हो जाता है, इससे टिश्यूज तक पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती. इससे सांस लेने में दिक्कत महसूस होती है. थोड़ा चलने में भी सांस फूलने लगती है. भूख में कमी और थकान किडनी फंक्शन प्रभावित होने से बाॅडी में टाॅ​क्सिन ब्लड में बनना शुरू हो जाते हैं. इ​स ​स्थित को यूरेमिया कहते हैं. इसके चलते पेट की दिक्कत, उल्टी, मतली की ​शिकायत देखने को मिल सकती है. भूख न लगना और थकान सामान्य से दिखने वाले लक्षण हैं. लेकिन किडनी डिजीज में ये भी ये ​स्थिति देखने को मिल सकती है. सुबह थकान महसूस होना सुबह नींद से उठने के बाद शरीर थका हुआ या थकान महसूस होती है तो ये किडनी डैमेज का अलार्म हो सकता है. किडनी शरीर में टाॅ​क्सिन को बाहर निकालती है. लेकिन जब किडनी ठीक से काम नहीं करती है तो ये टाॅ​क्सिन ब्लड में जमा होने लगते हैं. जिससे थकान, कंसन्ट्रेट करने में ​कठिनाई आदि महसूस होती है. यूरिन में ब्लड यूरिन में खून देख अक्सर लोग डर जाते हैं. लेकिन ये यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन या किडनी स्टोन के चलते हो सकता है. हालांकि बिना दर्द के यूरिन में खून आना घातक बीमारी रीनल सेल कार्सिनाेमा या कार्सिनोमा यूरिनरी ब्लैडर का संकेत हो सकता है. ये भी पढ़ें: किस विटामिन की कमी से होता है डिप्रेशन, कैसे करें इसे ठीक? Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Jun 29, 2025 - 10:30
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इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज, किडनी डैमेज होने की हो सकती है शुरुआत

किडनी न सिर्फ ब्लड को प्यूरीफाई करती है, ब​िल्क शरीर में जरूरी पोषक तत्वों का बैलेंस भी बनाए रखती है. लेकिन कई बार  किडनी फंक्शन प्रभावित होना शुरू हो जाता है. इसके लक्षणों को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है. लेकिन बाद में ​स्थिति गंभीर हो जाती है. आइए जानते हैं ऐसे वह काैन से लक्षण हैं, जिन्हें देखकर सतर्क हो जाना चाहिए.

यूरिन में बदलाव

यूरिन झागदार आता है तो ये किडनी डैमेज का साइन हो सकता है. किडनी बाॅडी में आवश्यक प्रोटीन को बनाए रखते हुए वेस्ट को बाहर निकालती है. लेकिन जब किडनी ठीक से काम नहीं कर पाती है तो प्रोटीन लीक होना शुरू हो जाता है. इसके चलते ये दिक्कत सामने आती है. इस दाैरान बार-बार यूरिन आना और यू​रिन के कलर में भी बदलाव देखने को मिल सकता है.

​स्किन ड्राई और इचिंग

किडनी डैमेज होने के चलते शरीर में ​स्किन प्राॅब्लम भी देखने को मिल सकती है. ​स्किन ड्राई या फिर खुजली हो सकती है.  सुबह ये दिक्कत अ​धिक महसूस हो सकती है. ऐसा इसलिए क्योंकि किडनी बाॅडी में मिनरल्स का बैलेंस बनाए रखने के साथ गंदगी को बाहर निकालती है. लेकिन किडनी फंक्शन प्रभावित होने से बाॅडी में इन दोनों तत्वों का संतुलन बिगड़ जाता है.

बैड ब्रीथ

सुबह जागने पर मुंह की सांसों की स्मेल भी​ किडनी प्राॅब्लम की ओर इशारा करती है. खराब किडनी फंक्शन की वजह से ब्लड में टाॅ​क्सिन जमा होने लगते हैं, जिससे बैड ब्रेथ की समस्या देखने को मिल सकती है. इसी ​स्थिति को यूरेमिक फेटर कहते हैं.

सांस लेने में दिक्कत

किडनी फंक्शन प्रभावित होने से फ्लूड लंग्स में जमा होने लगता है. वहीं एनीमिया के चलते रेड ब्लड सेल्स का प्रोडक्शन कम हो जाता है, इससे टिश्यूज तक पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती. इससे सांस लेने में दिक्कत महसूस होती है. थोड़ा चलने में भी सांस फूलने लगती है.

भूख में कमी और थकान

किडनी फंक्शन प्रभावित होने से बाॅडी में टाॅ​क्सिन ब्लड में बनना शुरू हो जाते हैं. इ​स ​स्थित को यूरेमिया कहते हैं. इसके चलते पेट की दिक्कत, उल्टी, मतली की ​शिकायत देखने को मिल सकती है. भूख न लगना और थकान सामान्य से दिखने वाले लक्षण हैं. लेकिन किडनी डिजीज में ये भी ये ​स्थिति देखने को मिल सकती है.

सुबह थकान महसूस होना

सुबह नींद से उठने के बाद शरीर थका हुआ या थकान महसूस होती है तो ये किडनी डैमेज का अलार्म हो सकता है. किडनी शरीर में टाॅ​क्सिन को बाहर निकालती है. लेकिन जब किडनी ठीक से काम नहीं करती है तो ये टाॅ​क्सिन ब्लड में जमा होने लगते हैं. जिससे थकान, कंसन्ट्रेट करने में ​कठिनाई आदि महसूस होती है.

यूरिन में ब्लड

यूरिन में खून देख अक्सर लोग डर जाते हैं. लेकिन ये यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन या किडनी स्टोन के चलते हो सकता है. हालांकि बिना दर्द के यूरिन में खून आना घातक बीमारी रीनल सेल कार्सिनाेमा या कार्सिनोमा यूरिनरी ब्लैडर का संकेत हो सकता है.

ये भी पढ़ें: किस विटामिन की कमी से होता है डिप्रेशन, कैसे करें इसे ठीक?

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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