इजरायल-ईरान जंग के बीच अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ले लिया बड़ा फैसला, जानें क्या होगा असर
US Federal Meeting: मिडिल ईस्ट में भारी तनाव के बीच अमेरिकी केन्द्रीय बैंक यूएस फेडरल ने ब्याज दरों में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया है. फेड चीफ जेरोम पॉवेल ने ब्याज दरों को 4.25 प्रतिशत से 4.50 प्रतिशत के बीच रखने का ही फैसला किया है. इसका मतलब ये हुआ कि लोगों की तरफ से चुकाए जा रहे लोन की ईएमआई पर किसी तरह का कोई असर नहीं पड़ने जा रहा है. 2024 के दिसंबर में यूएस फेड की तरफ से आखिरी बार 25 बेसिस प्वाईंट यानी 0.25 प्रतिशत की ब्याज दर में कटौती की गई थी. ब्याज में कटौती से यूएस फेड का इनकार गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्याज दरों के ऐलान से पहले यूएस फेड रिजर्व से इसमें कटौती करने का आग्रह किया था, लेकिन जेरोम पॉवेल ने ट्रंप के इस अनुरोध को नहीं माना. बाजार के जानकार इस बात की उम्मीद कर रहे थे कि जब तक मुद्रास्फीति में गिराटवट के कुछ संकेत नहीं मिल जाते हैं, तब तक इसमें किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा. ब्याज दरों में कटौती न करने का यूएस फेड ने ऐसे वक्त पर फैसला किया है जब बैश्विक बाजार में अस्थिरता बनी हुई है. इजरायल की तरफ से ईरान के प्रमुख वैज्ञानिकों और आर्मी के लोगों को मारने के बाद वेस्ट एशिया में हालात काफी चिंताजनक बनी हुई है. यूएस फेड के फैसले से उछला बाजार सोना से लेकर डॉलर और कच्चे तेल में जबरदस्त उतार चढ़ाव देखा जा रहा है. ऐसे में यूएस फेड के इस फैसले ने जरूर वैश्विक बाजार को थोड़ी राहत देने का काम किया है. दो दिवसीय बैठक के बाद यूएस फेड ने घोषणा की है कि बेंचमार्क लैडिंग रेट 4.24 प्रतिशत ही रखा जाएगा. इधर, अमेरिकी शेयर बाजार ने यूएस फेड के इस फैसले का स्वाग करते हुए शानदार तेजी दिखाई है. नैस्डेक 0.51 प्रतिशत ऊपर चढ़ा तो वहीं डॉउ जोन्स में भी 100 प्वाइंट्स की तेजी दिखी. इसके अलावा, एसएंडपी 500 के शेयर में भी 0.33 प्रतिशत की उछाल दिखा है. हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने इन्फ्लेशन से जुड़ी चिंताओं को खारिज करते हुए यूएस फेड चीफ जेरोम पॉलेल की आलोचना की है. ये भी पढ़ें: विमान हादसे के बाद पहली बार एयर इंडिया का बड़ा फैसला, इंटरनेशनल पैसेंजर्स को जानना जरूरी
US Federal Meeting: मिडिल ईस्ट में भारी तनाव के बीच अमेरिकी केन्द्रीय बैंक यूएस फेडरल ने ब्याज दरों में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया है. फेड चीफ जेरोम पॉवेल ने ब्याज दरों को 4.25 प्रतिशत से 4.50 प्रतिशत के बीच रखने का ही फैसला किया है. इसका मतलब ये हुआ कि लोगों की तरफ से चुकाए जा रहे लोन की ईएमआई पर किसी तरह का कोई असर नहीं पड़ने जा रहा है. 2024 के दिसंबर में यूएस फेड की तरफ से आखिरी बार 25 बेसिस प्वाईंट यानी 0.25 प्रतिशत की ब्याज दर में कटौती की गई थी.
ब्याज में कटौती से यूएस फेड का इनकार
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्याज दरों के ऐलान से पहले यूएस फेड रिजर्व से इसमें कटौती करने का आग्रह किया था, लेकिन जेरोम पॉवेल ने ट्रंप के इस अनुरोध को नहीं माना. बाजार के जानकार इस बात की उम्मीद कर रहे थे कि जब तक मुद्रास्फीति में गिराटवट के कुछ संकेत नहीं मिल जाते हैं, तब तक इसमें किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा.
ब्याज दरों में कटौती न करने का यूएस फेड ने ऐसे वक्त पर फैसला किया है जब बैश्विक बाजार में अस्थिरता बनी हुई है. इजरायल की तरफ से ईरान के प्रमुख वैज्ञानिकों और आर्मी के लोगों को मारने के बाद वेस्ट एशिया में हालात काफी चिंताजनक बनी हुई है.
यूएस फेड के फैसले से उछला बाजार
सोना से लेकर डॉलर और कच्चे तेल में जबरदस्त उतार चढ़ाव देखा जा रहा है. ऐसे में यूएस फेड के इस फैसले ने जरूर वैश्विक बाजार को थोड़ी राहत देने का काम किया है. दो दिवसीय बैठक के बाद यूएस फेड ने घोषणा की है कि बेंचमार्क लैडिंग रेट 4.24 प्रतिशत ही रखा जाएगा.
इधर, अमेरिकी शेयर बाजार ने यूएस फेड के इस फैसले का स्वाग करते हुए शानदार तेजी दिखाई है. नैस्डेक 0.51 प्रतिशत ऊपर चढ़ा तो वहीं डॉउ जोन्स में भी 100 प्वाइंट्स की तेजी दिखी. इसके अलावा, एसएंडपी 500 के शेयर में भी 0.33 प्रतिशत की उछाल दिखा है. हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने इन्फ्लेशन से जुड़ी चिंताओं को खारिज करते हुए यूएस फेड चीफ जेरोम पॉलेल की आलोचना की है.
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