इंसानों जैसा महसूस करेंगे रोबोट! जानिए क्या है इलेक्ट्रॉनिक स्किन जिसे छूते ही मिल जाता है सिग्नल

Transparent E-Skin: टेक्नोलॉजी की दुनिया तेजी से बदल रही है और अब ऐसे इलेक्ट्रॉनिक मटेरियल विकसित किए जा रहे हैं जो इंसानी स्किन की तरह लचीले और संवेदनशील हों. University of Turku के शोधकर्ताओं ने एक खास तरह की स्ट्रेचेबल और ट्रांसपेरेंट इलेक्ट्रॉनिक तकनीक तैयार की है जो मुड़ सकती है, खिंच सकती है और यहां तक कि इंसानी स्किन जैसा रिएक्शन भी दे सकती है. यह खोज भविष्य में स्मार्टफोन्स से लेकर मेडिकल प्रॉस्थेटिक्स तक कई क्षेत्रों में बड़ा बदलाव ला सकती है. टेक्नोलॉजी में नया बदलाव Interesting Engineering की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस रिसर्च टीम का नेतृत्व Vipul Sharma ने किया. उनका ध्यान ऐसे इलेक्ट्रॉनिक मटेरियल बनाने पर था जो सिर्फ लचीले ही नहीं बल्कि पर्यावरण के लिए भी सुरक्षित हों. इसके लिए उन्होंने पेड़ों की पत्तियों जैसी प्राकृतिक संरचनाओं से प्रेरणा लेकर हल्के, मजबूत और टिकाऊ मटेरियल तैयार किए. शोधकर्ताओं का कहना है कि ये नए मटेरियल स्ट्रेचेबल, सांस लेने योग्य, कंडक्टिव और ट्रांसपेरेंट हैं जो इन्हें पुराने इलेक्ट्रॉनिक्स से बेहतर बनाते हैं. रोबोटिक हाथ ने महसूस किया स्पर्श इस तकनीक को परखने के लिए वैज्ञानिकों ने एक इलेक्ट्रॉनिक स्किन तैयार की और उसे रोबोटिक हाथ पर लगाया. नतीजे चौंकाने वाले थे जैसे ही इस स्किन को छुआ गया इसमें लगे प्रेशर सेंसर तुरंत एक्टिव हो गए और रोबोट को स्पर्श का एहसास होने लगा. यह दिखाता है कि आने वाले समय में रोबोट सिर्फ काम ही नहीं करेंगे बल्कि वे महसूस भी कर सकेंगे. प्रॉस्थेटिक्स और हेल्थकेयर में बड़ा बदलाव यह तकनीक खासतौर पर प्रॉस्थेटिक्स के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है. भविष्य में ऐसी इलेक्ट्रॉनिक स्किन की मदद से लोग अपने एआई हाथ-पैरों से दबाव, तापमान और नमी जैसी चीजों को महसूस कर पाएंगे. इससे आर्टिफिशियल अंग और भी ज्यादा नैचुरल लगेंगे. सुरक्षित और स्मार्ट मशीनें यह टेक्नोलॉजी सॉफ्ट रोबोटिक्स में भी तेजी से इस्तेमाल हो रही है. Anastasia Koivikko के अनुसार, ऐसे रोबोट बनाए जा रहे हैं जो इंसानों के साथ सुरक्षित तरीके से काम कर सकें. हेल्थकेयर में ये रोबोट मरीजों को उठाने या उनके अंगों की रिकवरी में मदद कर सकते हैं. वहीं इंडस्ट्री में ये नाजुक चीजों को बिना नुकसान पहुंचाए संभाल सकते हैं. सॉफ्ट रोबोट्स की खासियत है कि ये तंग जगहों में भी आसानी से काम कर सकते हैं. यही वजह है कि इन्हें रेस्क्यू मिशन, अंडरग्राउंड ऑपरेशन और यहां तक कि अंतरिक्ष में भी इस्तेमाल करने की संभावनाएं देखी जा रही हैं. ये रोबोट बिजली, हवा, रोशनी या तरल पदार्थों से चल सकते हैं और जरूरत के हिसाब से फैल, मुड़ या उछल भी सकते हैं. यह भी पढ़ें: iPhone Fold या iPhone Ultra! किस नाम से लॉन्च होगा Apple का पहला फोल्डेबल फोन? लीक्स में सामने आई ये जानकारी

Apr 27, 2026 - 04:30
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इंसानों जैसा महसूस करेंगे रोबोट! जानिए क्या है इलेक्ट्रॉनिक स्किन जिसे छूते ही मिल जाता है सिग्नल

Transparent E-Skin: टेक्नोलॉजी की दुनिया तेजी से बदल रही है और अब ऐसे इलेक्ट्रॉनिक मटेरियल विकसित किए जा रहे हैं जो इंसानी स्किन की तरह लचीले और संवेदनशील हों. University of Turku के शोधकर्ताओं ने एक खास तरह की स्ट्रेचेबल और ट्रांसपेरेंट इलेक्ट्रॉनिक तकनीक तैयार की है जो मुड़ सकती है, खिंच सकती है और यहां तक कि इंसानी स्किन जैसा रिएक्शन भी दे सकती है. यह खोज भविष्य में स्मार्टफोन्स से लेकर मेडिकल प्रॉस्थेटिक्स तक कई क्षेत्रों में बड़ा बदलाव ला सकती है.

टेक्नोलॉजी में नया बदलाव

Interesting Engineering की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस रिसर्च टीम का नेतृत्व Vipul Sharma ने किया. उनका ध्यान ऐसे इलेक्ट्रॉनिक मटेरियल बनाने पर था जो सिर्फ लचीले ही नहीं बल्कि पर्यावरण के लिए भी सुरक्षित हों. इसके लिए उन्होंने पेड़ों की पत्तियों जैसी प्राकृतिक संरचनाओं से प्रेरणा लेकर हल्के, मजबूत और टिकाऊ मटेरियल तैयार किए. शोधकर्ताओं का कहना है कि ये नए मटेरियल स्ट्रेचेबल, सांस लेने योग्य, कंडक्टिव और ट्रांसपेरेंट हैं जो इन्हें पुराने इलेक्ट्रॉनिक्स से बेहतर बनाते हैं.

रोबोटिक हाथ ने महसूस किया स्पर्श

इस तकनीक को परखने के लिए वैज्ञानिकों ने एक इलेक्ट्रॉनिक स्किन तैयार की और उसे रोबोटिक हाथ पर लगाया. नतीजे चौंकाने वाले थे जैसे ही इस स्किन को छुआ गया इसमें लगे प्रेशर सेंसर तुरंत एक्टिव हो गए और रोबोट को स्पर्श का एहसास होने लगा. यह दिखाता है कि आने वाले समय में रोबोट सिर्फ काम ही नहीं करेंगे बल्कि वे महसूस भी कर सकेंगे.

प्रॉस्थेटिक्स और हेल्थकेयर में बड़ा बदलाव

यह तकनीक खासतौर पर प्रॉस्थेटिक्स के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है. भविष्य में ऐसी इलेक्ट्रॉनिक स्किन की मदद से लोग अपने एआई हाथ-पैरों से दबाव, तापमान और नमी जैसी चीजों को महसूस कर पाएंगे. इससे आर्टिफिशियल अंग और भी ज्यादा नैचुरल लगेंगे.

सुरक्षित और स्मार्ट मशीनें

यह टेक्नोलॉजी सॉफ्ट रोबोटिक्स में भी तेजी से इस्तेमाल हो रही है. Anastasia Koivikko के अनुसार, ऐसे रोबोट बनाए जा रहे हैं जो इंसानों के साथ सुरक्षित तरीके से काम कर सकें. हेल्थकेयर में ये रोबोट मरीजों को उठाने या उनके अंगों की रिकवरी में मदद कर सकते हैं. वहीं इंडस्ट्री में ये नाजुक चीजों को बिना नुकसान पहुंचाए संभाल सकते हैं.

सॉफ्ट रोबोट्स की खासियत है कि ये तंग जगहों में भी आसानी से काम कर सकते हैं. यही वजह है कि इन्हें रेस्क्यू मिशन, अंडरग्राउंड ऑपरेशन और यहां तक कि अंतरिक्ष में भी इस्तेमाल करने की संभावनाएं देखी जा रही हैं. ये रोबोट बिजली, हवा, रोशनी या तरल पदार्थों से चल सकते हैं और जरूरत के हिसाब से फैल, मुड़ या उछल भी सकते हैं.

यह भी पढ़ें:

iPhone Fold या iPhone Ultra! किस नाम से लॉन्च होगा Apple का पहला फोल्डेबल फोन? लीक्स में सामने आई ये जानकारी

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