इंफ्लुएंसर शर्मिष्ठा पनोली जेल से रिहा, जमानत के लिए भरना पड़ा 10,000 रुपये का बेल बॉन्ड
Calcutta HC on Sharmishta Panoli Case: सांप्रदायिक टिप्पणियों वाला वीडियो साझा करने से जुड़े मामले में कलकत्ता उच्च न्यायालय से अंतरिम जमानत मिलने के बाद सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर शर्मिष्ठा पनोली को शुक्रवार (6 जून, 2025) को जेल से रिहा कर दिया गया. हालांकि, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पनोली की अंतरिम जमानत याचिका गुरुवार (5 जून) को ही मंजूर कर ली थी. इस मामले में कलकत्ता उच्च अदालत ने कहा था कि 22 साल की शर्मिष्ठा पनोली के खिलाफ शिकायत में किसी संज्ञेय अपराध की बात सामने नहीं आई है. कोलकाता पुलिस ने शर्मिष्ठा पनोली को गुरुग्राम से किया था गिरफ्तार उल्लेखनीय है कि कोलकाता पुलिस ने लॉ की छात्रा और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर शर्मिष्ठा पनोली को पिछले हफ्ते हरियाणा के गुरुग्राम से गिरफ्तार कर लिया था. उसके खिलाफ कोलकाता के गार्डन रीच पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराए जाने के बाद यह कदम उठाया गया था. 10,000 रुपये के बेल बॉन्ड के साथ इस निर्देश के साथ शर्मिष्ठा को मिली जमानत कलकत्ता हाई कोर्ट ने आदेश दिया कि पनोली को 10,000 रुपये की जमानत राशि और मुचलके पर रिहा किया जाए. अदालत ने पनोली को जांच में सहयोग करने और बिना अनुमति देश नहीं छोड़ने का निर्देश दिया. हालांकि, हाई कोर्ट ने कहा कि अगर पनोली शिक्षा के उद्देश्य से विदेश जाना चाहती है, तो निचली अदालत उसके आवेदन पर विचार कर सकती है. शर्मिष्ठा की गिरफ्तारी को लेकर चला काफी राजनीतिक घमासान हालांकि, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर शर्मिष्ठा पनोली की गिरफ्तारी को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में काफी घमासान देखा गया. पश्चिम बंगाल के विधानसभा के नेता विपक्ष और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था. भाजपा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाए. भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाते हुए कहा था कि तृणमूल कांग्रेस ने यह कार्रवाई एक खास वोटबैंक को खुश करने के लिए उठाया है, जबकि उन्होंने अपने नेताओं के खिलाफ ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की. (पीटीआई के इनपुट के साथ)
Calcutta HC on Sharmishta Panoli Case: सांप्रदायिक टिप्पणियों वाला वीडियो साझा करने से जुड़े मामले में कलकत्ता उच्च न्यायालय से अंतरिम जमानत मिलने के बाद सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर शर्मिष्ठा पनोली को शुक्रवार (6 जून, 2025) को जेल से रिहा कर दिया गया.
हालांकि, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पनोली की अंतरिम जमानत याचिका गुरुवार (5 जून) को ही मंजूर कर ली थी. इस मामले में कलकत्ता उच्च अदालत ने कहा था कि 22 साल की शर्मिष्ठा पनोली के खिलाफ शिकायत में किसी संज्ञेय अपराध की बात सामने नहीं आई है.
कोलकाता पुलिस ने शर्मिष्ठा पनोली को गुरुग्राम से किया था गिरफ्तार
उल्लेखनीय है कि कोलकाता पुलिस ने लॉ की छात्रा और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर शर्मिष्ठा पनोली को पिछले हफ्ते हरियाणा के गुरुग्राम से गिरफ्तार कर लिया था. उसके खिलाफ कोलकाता के गार्डन रीच पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराए जाने के बाद यह कदम उठाया गया था.
10,000 रुपये के बेल बॉन्ड के साथ इस निर्देश के साथ शर्मिष्ठा को मिली जमानत
कलकत्ता हाई कोर्ट ने आदेश दिया कि पनोली को 10,000 रुपये की जमानत राशि और मुचलके पर रिहा किया जाए. अदालत ने पनोली को जांच में सहयोग करने और बिना अनुमति देश नहीं छोड़ने का निर्देश दिया. हालांकि, हाई कोर्ट ने कहा कि अगर पनोली शिक्षा के उद्देश्य से विदेश जाना चाहती है, तो निचली अदालत उसके आवेदन पर विचार कर सकती है.
शर्मिष्ठा की गिरफ्तारी को लेकर चला काफी राजनीतिक घमासान
हालांकि, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर शर्मिष्ठा पनोली की गिरफ्तारी को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में काफी घमासान देखा गया. पश्चिम बंगाल के विधानसभा के नेता विपक्ष और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था. भाजपा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाए.
भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाते हुए कहा था कि तृणमूल कांग्रेस ने यह कार्रवाई एक खास वोटबैंक को खुश करने के लिए उठाया है, जबकि उन्होंने अपने नेताओं के खिलाफ ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की.
(पीटीआई के इनपुट के साथ)
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