इंडिगो में राकेश गंगवाल बेचेंगे 3.4 फीसदी हिस्सेदारी, 6800 करोड़ की होगी डील
भारत की एयरलाइन इंडिगो के सह-संस्थापक राकेश गंगवाल अपनी 3.4 फीसदी हिस्सेदारी बेचने जा रहे हैं. यह डील ब्लॉक सौदे (block deal) के जरिए लगभग 6,800 करोड़ में की जाएगी. यह कदम उनके दीर्घकालिक एग्ज़िट प्लान का हिस्सा है, जिसके तहत वह धीरे-धीरे कंपनी से बाहर निकलने की योजना पर काम कर रहे हैं. जानकारी के मुताबिक इस लेन-देन के लिए प्रति शेयर फ्लोर प्राइस 5,175 रुपये तय किया गया है, जो पिछले बंद भाव 5,424 रुपये से करीब 4.6 फीसदी कम है. वर्तमान में गंगवाल और उनसे जुड़े संस्थानों के पास इंडिगो में कुल 13.53 फीसदी हिस्सेदारी बची है. पिछले वर्षों में भी लगातार हिस्सेदारी में की कटौती राकेश गंगवाल और उनके परिवार ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी हिस्सेदारी में लगातार कमी की है. अगस्त 2023 में 5.83 फीसदी हिस्सेदारी 10,500 करोड़ में बेची गई. मार्च 2023 में 6 फीसदी हिस्सेदारी 6,786 करोड़ में बेची. अगस्त 2023 में उनकी पत्नी शोभा गंगवाल ने 3 फीसदी हिस्सेदारी 2,802 करोड़ में बेची. फरवरी 2023 में परिवार ने 4 फीसदी हिस्सेदारी 2,900 करोड़ में बेची. सितंबर 2022: 2.8 फीसदी हिस्सेदारी 2,000 करोड़ में बेची गई. पूरी तरह से एग्जिट लेना चाहते हैं गंगवाल! राकेश गंगवाल ने 18 फरवरी 2022 को इंडिगो के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया था और तब ही यह घोषणा की थी कि वह आने वाले पांच वर्षों में अपनी हिस्सेदारी धीरे-धीरे बेचकर कंपनी से बाहर निकलेंगे. यह हालिया डील उसी प्रक्रिया का हिस्सा है, जिससे गंगवाल परिवार इंडिगो से पूरी तरह से एग्ज़िट की दिशा में आगे बढ़ रहा है. डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.) ये भी पढ़ें: 'इंडियन कस्टमर से दूर रहो', टेक इंडस्ट्री के दिग्गज ऐसा क्यों कह रहे हैं, क्या है ये Skip India Movement?
भारत की एयरलाइन इंडिगो के सह-संस्थापक राकेश गंगवाल अपनी 3.4 फीसदी हिस्सेदारी बेचने जा रहे हैं. यह डील ब्लॉक सौदे (block deal) के जरिए लगभग 6,800 करोड़ में की जाएगी. यह कदम उनके दीर्घकालिक एग्ज़िट प्लान का हिस्सा है, जिसके तहत वह धीरे-धीरे कंपनी से बाहर निकलने की योजना पर काम कर रहे हैं.
जानकारी के मुताबिक इस लेन-देन के लिए प्रति शेयर फ्लोर प्राइस 5,175 रुपये तय किया गया है, जो पिछले बंद भाव 5,424 रुपये से करीब 4.6 फीसदी कम है. वर्तमान में गंगवाल और उनसे जुड़े संस्थानों के पास इंडिगो में कुल 13.53 फीसदी हिस्सेदारी बची है.
पिछले वर्षों में भी लगातार हिस्सेदारी में की कटौती
राकेश गंगवाल और उनके परिवार ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी हिस्सेदारी में लगातार कमी की है. अगस्त 2023 में 5.83 फीसदी हिस्सेदारी 10,500 करोड़ में बेची गई. मार्च 2023 में 6 फीसदी हिस्सेदारी 6,786 करोड़ में बेची. अगस्त 2023 में उनकी पत्नी शोभा गंगवाल ने 3 फीसदी हिस्सेदारी 2,802 करोड़ में बेची. फरवरी 2023 में परिवार ने 4 फीसदी हिस्सेदारी 2,900 करोड़ में बेची. सितंबर 2022: 2.8 फीसदी हिस्सेदारी 2,000 करोड़ में बेची गई.
पूरी तरह से एग्जिट लेना चाहते हैं गंगवाल!
राकेश गंगवाल ने 18 फरवरी 2022 को इंडिगो के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया था और तब ही यह घोषणा की थी कि वह आने वाले पांच वर्षों में अपनी हिस्सेदारी धीरे-धीरे बेचकर कंपनी से बाहर निकलेंगे. यह हालिया डील उसी प्रक्रिया का हिस्सा है, जिससे गंगवाल परिवार इंडिगो से पूरी तरह से एग्ज़िट की दिशा में आगे बढ़ रहा है.
डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)
ये भी पढ़ें: 'इंडियन कस्टमर से दूर रहो', टेक इंडस्ट्री के दिग्गज ऐसा क्यों कह रहे हैं, क्या है ये Skip India Movement?
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